शिवहर की 10 पंचायतों का बड़ा संकल्प, बाल विवाह पर लगेगी रोक
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👉 WhatsApp से जुड़ेंशिवहर जिले में बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में बड़ा सामुदायिक अभियान शुरू हुआ है। जिले की 10 चयनित पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं के दौरान बाल विवाह मुक्त पंचायत निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया। ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों, पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, पंचायत कर्मियों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
ग्राम सभाओं में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई और पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए। अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण से जुड़े तंत्र को मजबूत करना भी है।
शिवहर की इन 10 पंचायतों में लिया गया संकल्प
यह पहल पुरनहिया, शिवहर, पिपराही और तरियानी प्रखंड की चयनित पंचायतों में आयोजित की गई। इनमें बैरिया, दोस्तिया नॉर्थ, कोल्हुआ ठिकहा, कुशहर, कमरौली, धनकौल, कुम्मा, मिनापुर बलहा, तरियानी छपरा और सलेमपुर शामिल हैं।
इन पंचायतों की ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और कानूनी प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही किशोर-किशोरियों की सुरक्षा, बालिका शिक्षा और उपलब्ध बाल संरक्षण सेवाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
ग्राम सभा में लोगों से बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देने तथा बच्चों की सुरक्षा में सामुदायिक भूमिका निभाने की अपील की गई।
कई विभाग और संस्थाएं मिलकर चला रहीं अभियान
शिवहर में बाल विवाह रोकने की इस पहल को जिला प्रशासन, शिवहर पुलिस की विशेष किशोर पुलिस इकाई, महिला एवं बाल विकास निगम तथा अदिथी कवच परियोजना के संयुक्त समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है।
आने वाले महीनों में पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक संवाद और बाल संरक्षण तंत्र को सक्रिय करने की गतिविधियां चलाने की योजना है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
चयनित पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग के निर्देशन में यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग भी दिया जा रहा है। अदिथी कवच परियोजना की टीम पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है।
ग्राम सभा में बाल विवाह के कानून की दी गई जानकारी
ग्राम सभा के दौरान अदिथी कवच परियोजना की प्रतिनिधि कोमल कुमारी, शिवम कुमार और रामायण कुमार सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
इसके साथ ही बालिका शिक्षा, किशोर-किशोरियों की सुरक्षा और उपलब्ध बाल संरक्षण सेवाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों को यह समझाने पर जोर दिया गया कि बाल विवाह रोकने में केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की भूमिका जरूरी है।
अदिथी कवच परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह ने ग्राम सभा में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक समर्थन को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, पंचायत स्तर पर लिया गया यह संकल्प बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना की ओर से पंचायतों और समुदाय के साथ समन्वय कर इस संकल्प को जमीन पर प्रभावी बनाने के लिए लगातार सहयोग देने की बात कही गई।
पंचायत प्रतिनिधियों की भी अहम भूमिका
बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने के अभियान में पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चयनित पंचायतों में मुखिया सह अध्यक्ष पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति श्रीमती अंजली कुमारी, श्रीमती अर्पणा सिंह, ललिता देवी, आलोक कुमार, अवधेश कुमार, रिंकी महतो, सुनैना देवी, सरिता देवी, आश नारायण साह और अनुष्का कुमारी की भूमिका बताई गई है।
पंचायत स्तर पर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और बाल विवाह से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित तंत्र तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बाल विवाह रोकने में समुदाय की भागीदारी पर जोर
बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानून और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी उद्देश्य से शिवहर की चयनित पंचायतों में ग्राम सभा को अभियान का प्रमुख माध्यम बनाया गया है।
ग्राम सभा में लिए गए सामूहिक संकल्प के जरिए ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ एकजुट करने और पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जा रही है।
आने वाले समय में जागरूकता कार्यक्रमों, पंचायत स्तर की बैठकों और बाल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका फोकस बच्चों की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और बाल विवाह की रोकथाम पर रहेगा।
