भागलपुर इंटरसिटी में मोबाइल झपटना पड़ा भारी, यात्रियों ने कई किलोमीटर लटकाकर सिखाया सबक
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👉 WhatsApp से जुड़ेंभागलपुर में मोबाइल झपटमारी की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। मोबाइल झपटमारी के दौरान यात्रियों ने आरोपी का हाथ पकड़ लिया, जिसके बाद वह चलती ट्रेन की खिड़की से कई किलोमीटर तक लटका रहा।
घटना शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 की सुबह भागलपुर से दानापुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में हुई। ट्रेन के भागलपुर जंक्शन से रवाना होते ही खिड़की के पास बैठे एक यात्री का मोबाइल छीनने की कोशिश की गई।
इसी दौरान यात्रियों ने झपटमार का हाथ पकड़ लिया। चलती ट्रेन की रफ्तार के बीच वह खिड़की के बाहर लटका रहा। बाद में सुल्तानगंज से पहले रतनपुर के पास संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे गिर गया।
मोबाइल छीनने की कोशिश के दौरान यात्रियों ने पकड़ा हाथ
जानकारी के अनुसार, भागलपुर जंक्शन से ट्रेन खुलने के कुछ देर बाद झपटमार ने खिड़की के पास बैठे यात्री के हाथ से मोबाइल छीनने की कोशिश की।
यात्रियों को इसकी भनक लगते ही उन्होंने आरोपी का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी चलती ट्रेन के साथ खिड़की के बाहर लटका रहा।
कई किलोमीटर तक ट्रेन के साथ लटकने के बाद उसने अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन से नीचे गिर गया।
रतनपुर के पास गिरने से लगी चोट
घटना सुल्तानगंज से पहले रतनपुर के आसपास की बताई जा रही है। हाथ छुड़ाने के प्रयास में आरोपी का संतुलन बिगड़ा और वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया।
ट्रेन से गिरने के कारण उसे चोट लगने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उसकी चोट कितनी गंभीर है और घटना के बाद उसे किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आरोपी यात्री का मोबाइल लेकर भागने में सफल नहीं हो सका।
चलती ट्रेन की खिड़की से किसी व्यक्ति के इस तरह लटकने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
भागलपुर में पहले भी सामने आ चुकी हैं मोबाइल झपटमारी की घटनाएं
भागलपुर जंक्शन और आसपास के रेल क्षेत्रों में मोबाइल झपटमारी की घटनाएं पहले भी सामने आने की बात कही गई है।
ट्रेन की खिड़की के पास बैठे यात्रियों को निशाना बनाने वाले झपटमारों को लेकर यात्रियों में चिंता रहती है। ऐसे मामलों में यात्रियों को भी चलती ट्रेन के दौरान मोबाइल या अन्य कीमती सामान खिड़की के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
स्थानीय स्तर पर रेलवे प्रशासन से रेलवे स्टेशनों और ट्रैक के आसपास सक्रिय झपटमारों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई बढ़ाने की मांग की जा रही है।
जुलाई में खगड़िया में भी हुआ था ऐसा मामला
बिहार में चलती ट्रेन से मोबाइल झपटने की कोशिश का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 12 जुलाई 2026 को खगड़िया-मानसी रेलखंड पर भी ऐसी घटना सामने आई थी।
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया कोर्ट-पाटलिपुत्र जनहित एक्सप्रेस में एक व्यक्ति यात्री का मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहा था। यात्रियों ने उसका हाथ पकड़ लिया था।
इसके बाद वह चलती ट्रेन की खिड़की के बाहर लटका रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, वह करीब 9 किलोमीटर तक ट्रेन के साथ लटका रहा और खगड़िया रेलवे स्टेशन तक पहुंच गया था।
दोनों घटनाओं में एक समान बात सामने आती है कि ट्रेन की खिड़की के पास मोबाइल झपटने की कोशिश के दौरान झपटमार खुद गंभीर जोखिम में पड़ गया।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
भागलपुर की ताजा घटना के बाद रेलवे क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। ट्रेन की खिड़की के बाहर किसी व्यक्ति का कई किलोमीटर तक लटके रहना अपने आप में बेहद जोखिम भरी स्थिति है।
ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण है। स्टेशन के आसपास और संवेदनशील रेलखंडों पर निगरानी बढ़ाने से मोबाइल झपटमारी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
यात्रियों के लिए भी जरूरी है कि वे चलती ट्रेन में खिड़की के पास मोबाइल इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या रेल पुलिस को सूचना दें।
