दिल्ली में किले जैसी सुरक्षा पर भड़के सौरव दास, इमरजेंसी का आरोप

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दिल्ली में किले जैसी सुरक्षा पर भड़के सौरव दास, इमरजेंसी का आरोप

 

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने राजधानी में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश पर इमरजेंसी जैसे हालात थोप दिए गए हैं। सौरव दास ने कहा कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे पार्टी समर्थकों को भाजपा शासित राज्यों में हिरासत में लिया गया है। दूसरी ओर, प्रशासन ने प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो स्टेशनों, रेलवे परिचालन और कई इलाकों में सुरक्षा संबंधी कदम उठाए हैं।

सौरव दास ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली में कड़ी सुरक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजधानी में जिस तरह के इंतजाम किए गए हैं, उनसे ऐसा लगता है कि सरकार प्रदर्शन को लेकर चिंतित है।

दास ने अपने बयान में कहा, “देश में इमरजेंसी थोप दी गई है, दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है।” उन्होंने दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने का भी उल्लेख किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे CJP समर्थकों को भाजपा शासित राज्यों में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और संबंधित मामलों का स्वतंत्र विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

दास के बयान पार्टी का राजनीतिक पक्ष प्रस्तुत करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के पीछे प्रशासन की वजहों और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए आधिकारिक आदेशों तथा संबंधित एजेंसियों की जानकारी देखना जरूरी है।

‘सरकार डरी हुई है’, मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी टिप्पणी

सौरव दास ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि अगर ज्ञानेश कुमार पद से चले गए, तो सबकुछ बदल जाएगा।

दास ने यह भी कहा कि दिल्ली बंद जैसी स्थिति सरकार की ओर से बनाए गए माहौल का नतीजा है। उनके मुताबिक, पार्टी ने इस बार प्रदर्शन को लेकर ऐसा माहौल नहीं बनाया, बल्कि सुरक्षा इंतजामों के कारण राजधानी में असामान्य स्थिति बन गई है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। CJP ने इसी मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

हालांकि, सरकार के डरने या किसी अधिकारी के पद पर बने रहने को लेकर दास की टिप्पणियां राजनीतिक आरोप हैं। इन बातों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन बंद करने का फैसला

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह व्यवस्था शुक्रवार रात 9 बजे से लागू करने का फैसला लिया गया था।

इसके अलावा, नमो भारत ट्रेन के न्यू अशोक नगर और सराय काले खां स्टेशन भी बंद रखने की बात कही गई है। इन कदमों से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों या परिवहन साधनों की जरूरत पड़ सकती है।

मेट्रो और नमो भारत से यात्रा करने वाले लोगों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले संबंधित परिवहन एजेंसियों की आधिकारिक सूचना जांच लें। सभी स्टेशनों की स्थिति एक जैसी मानने के बजाय अपने निर्धारित मार्ग की पुष्टि करना ज्यादा उपयोगी होगा।

कनॉट प्लेस में दुकानें, रेस्टोरेंट और कार्यालयों को लेकर सलाह

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस (CP) इलाके में दुकानों को रात 10 बजे तक बंद रखने की सलाह दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और निजी व सरकारी कार्यालयों को बंद रखने की सलाह का भी उल्लेख किया गया है।

ऐसे निर्देशों का असर कारोबारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों की दिनचर्या पर पड़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि सभी प्रतिष्ठानों पर एक समान और अनिवार्य बंदी लागू थी या यह सुरक्षा संबंधी सलाह थी।

इसलिए कनॉट प्लेस जाने वाले लोगों को संबंधित प्रतिष्ठान से उसके खुलने का समय पूछ लेना चाहिए। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को भी अपने संस्थान की ओर से जारी सूचना देखनी चाहिए।

रेलवे और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले रास्तों पर सख्ती

रेलवे से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने की बात कही गई है।

इससे प्रभावित यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ सेवा से जांचनी चाहिए। यात्रा से पहले ट्रेन नंबर और निर्धारित समय की पुष्टि करने से अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।

उधर, दिल्ली आने-जाने वाले फरीदाबाद के आठ प्रमुख रास्तों पर पुलिस की नाकेबंदी की जानकारी दी गई है। इनमें बदरपुर बॉर्डर, पुल प्रहलादपुर, शूटिंग रेंज बॉर्डर और मंगर चौक शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्येक चेकपोस्ट पर 30 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये जवान सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक 12 घंटे की शिफ्ट में वाहनों पर नजर रखेंगे।

दिल्ली जाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

प्रदर्शन के दौरान यात्रा करने वालों के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

  • मेट्रो और नमो भारत स्टेशनों की स्थिति पहले जांचें।

  • ट्रेन से यात्रा करने से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी देखें।

  • फरीदाबाद से दिल्ली जाते समय अतिरिक्त समय लेकर निकलें।

  • कनॉट प्लेस में किसी दुकान, रेस्टोरेंट या कार्यालय जाने से पहले वहां संपर्क करें।

  • सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों के बजाय प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

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