कौन हैं सौरव दास? परिवार, माता-पिता, घर, पढ़ाई और CJP तक की पूरी कहानी

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कौन हैं सौरव दास? परिवार, माता-पिता, घर, पढ़ाई और CJP तक की पूरी कहानी

भारत में 2026 के दौरान युवा आंदोलनों और नागरिक मुद्दों को लेकर सौरव दास का नाम तेजी से चर्चा में आया है। वह मूल रूप से पत्रकारिता और RTI से जुड़े रहे हैं और बाद में Cockroach Janta Party यानी CJP के प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में शामिल हुए। सौरव दास ने पत्रकारिता, दस्तावेज आधारित रिपोर्टिंग, RTI और सार्वजनिक अभियानों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनकी प्रोफाइल को समझने के लिए सिर्फ CJP की मौजूदा भूमिका देखना पर्याप्त नहीं है। उनके करियर की शुरुआत पत्रकारिता की पढ़ाई, RTI गतिविधियों और स्वतंत्र पत्रकारिता से हुई थी। बाद में उनका जुड़ाव CJP से हुआ और अगस्त 2026 में वह संगठन के को-कन्वीनर बनाए गए।

सौरव दास कौन हैं?

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार सौरव दास नई दिल्ली से जुड़े स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं। ThePrint ने उन्हें नई दिल्ली में जन्मे और पले-बढ़े व्यक्ति के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की और आगे चलकर स्वतंत्र पत्रकारिता को अपना पेशा बनाया।

उनकी पत्रकारिता का मुख्य फोकस कानून, न्यायपालिका, सरकारी जवाबदेही, RTI, पारदर्शिता और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषय रहे हैं।

उनका नाम The Caravan, The Hindu, The Wire, Article 14, Al Jazeera और New Lines Magazine जैसे प्रकाशनों में प्रकाशित काम से भी जुड़ा रहा है।

सौरव दास के माता-पिता कौन हैं?

सौरव दास के माता-पिता को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की बातें मिलती हैं, लेकिन उनके पिता और माता के नाम की विश्वसनीय और स्वतंत्र पुष्टि करने वाला स्रोत उपलब्ध नहीं मिला। इसलिए किसी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर माता-पिता के नाम को तथ्य के रूप में लिखना सही नहीं होगा।

हालांकि, अगस्त 2026 की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट से इतना स्पष्ट है कि उनके माता-पिता पुडुचेरी में रहते हैं। The Indian Express के अनुसार पुलिस उनके परिवार के घर गई थी और रिपोर्ट में उनके माता-पिता के उस इलाके में रहने की बात कही गई थी।

The New Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक 12 अगस्त 2026 को पुडुचेरी पुलिस के दो सादे कपड़ों में अधिकारी उनके परिवार के निवास पर पहुंचे थे और उनकी मां से करीब 15–20 मिनट तक सवाल पूछे गए। रिपोर्ट में उनकी मां के बारे में यह भी बताया गया कि पुलिस ने उनके मूल स्थान और पुडुचेरी आने से संबंधित सवाल किए थे।

इससे यह जानकारी मिलती है कि सौरव दास का पारिवारिक संबंध पुडुचेरी से भी है, जबकि उनके जन्म और परवरिश का सार्वजनिक विवरण नई दिल्ली से जुड़ा है।

क्या सौरव दास के पिता का नाम सार्वजनिक है?

विश्वसनीय मुख्यधारा स्रोतों में उनके पिता का नाम स्पष्ट रूप से प्रकाशित नहीं मिला है।

कुछ ऑनलाइन सामग्री में उनके परिवार और कथित जैविक पिता को लेकर दावे किए गए हैं। इनमें से कुछ दावों में उनके जैविक पिता को नेपाली नागरिक बताया गया और उनके surname को लेकर भी सवाल उठाए गए। लेकिन उपलब्ध सामग्री में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें सौरव दास की जीवनी में तथ्य के रूप में शामिल करना उचित नहीं है।

सौरव दास का घर कहां है?

यह सवाल 2026 में खुद एक विवाद का विषय बन गया था।

सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार उनका पारिवारिक घर पुडुचेरी के White Town इलाके में है। अगस्त 2026 में पुलिस ने Independence Day से पहले सुरक्षा जांच के तहत इस इलाके के घरों और प्रतिष्ठानों में पूछताछ की थी। इसी दौरान सौरव दास के परिवार के घर पर भी पुलिस पहुंची थी।

The New Indian Express ने उस समय उनके परिवार के निवास का इलाका पुडुचेरी के Manakula Vinayagar Street क्षेत्र के रूप में रिपोर्ट किया था।

हालांकि, सौरव दास की सटीक residential address को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। अगस्त 2026 में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि कुछ लोगों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों ने उनके दिल्ली स्थित आवास की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी। उन्होंने privacy, dignity और security की सुरक्षा की मांग की थी।

इसलिए उनकी प्रोफाइल में सुरक्षित और पुष्ट जानकारी यही है कि उनका पारिवारिक घर पुडुचेरी के White Town क्षेत्र में बताया गया है।

क्या सौरव दास दिल्ली में रहते हैं?

हां। उनकी पेशेवर प्रोफाइल उन्हें New Delhi-based independent investigative journalist बताती है। LinkedIn पर भी उनका स्थान New Delhi, Delhi दिया गया है।

अगस्त 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल उनकी याचिका से यह भी सामने आया कि वह Greater Kailash में किराये के कमरे में रह रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपने residential details को सार्वजनिक किए जाने पर आपत्ति जताई थी।

इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी जिंदगी को दो स्थानों से जोड़कर देखा जा सकता है—नई दिल्ली उनका जन्म और पेशेवर केंद्र रहा है, जबकि उनके माता-पिता का पारिवारिक घर पुडुचेरी में बताया गया है।

सौरव दास का जन्म और पालन-पोषण

ThePrint की प्रोफाइल के अनुसार सौरव दास का जन्म और पालन-पोषण नई दिल्ली में हुआ। हालांकि, उनकी सटीक जन्मतिथि का भरोसेमंद प्रमाण प्रमुख स्रोतों में नहीं मिलता।

इंटरनेट पर उनकी उम्र और जन्मतिथि को लेकर अलग-अलग दावे दिखाई देते हैं, इसलिए इन्हें निश्चित तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित नहीं है।

यही वजह है कि उनकी प्रोफाइल में जन्मस्थान के तौर पर नई दिल्ली लिखना अधिक सुरक्षित है, जबकि सटीक जन्म तारीख को अनिश्चित जानकारी के रूप में ही देखना चाहिए।

सौरव दास की पढ़ाई कहां से हुई?

सौरव दास ने Amity University से Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication की पढ़ाई की। India Today और Times of India की रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह कोर्स 2016 से 2019 के बीच किया।

कॉलेज के दौरान ही उनकी रुचि सरकारी दस्तावेजों, पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही की तरफ बढ़ी।

उनकी पत्रकारिता की यात्रा सिर्फ डिग्री पूरी करने के बाद शुरू नहीं हुई। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने कॉलेज के दौरान ही RTI का इस्तेमाल शुरू कर दिया था।

18 साल की उम्र में शुरू किया RTI का काम

सौरव दास की प्रोफाइल की सबसे उल्लेखनीय बातों में से एक उनका RTI से जुड़ाव है।

उनकी वेबसाइट और विभिन्न मीडिया प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने 2017 में करीब 18 वर्ष की उम्र में RTI आवेदन दाखिल करना शुरू किया। बाद में यही काम उनकी खोजी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड, प्रशासनिक दस्तावेज, बजट, सरकारी जवाब और अन्य सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर रिपोर्टिंग की।

उनकी वेबसाइट पर वह खुद अपने काम को field reporting, Right to Information, student movements और public-interest data journalism से जोड़ते हैं।

पत्रकारिता करियर की शुरुआत कैसे हुई?

कॉलेज के अंतिम दौर में उन्होंने एक प्रमुख मीडिया संस्थान के newsroom में internship की। India Today के अनुसार यह internship दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 के बीच news desk पर हुई थी।

इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकारिता की दिशा में कदम बढ़ाया।

उनके LinkedIn और मीडिया प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने अलग-अलग समय में content और media से जुड़े काम भी किए। अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 के बीच वह Post Video Producer रहे और मई 2022 से मार्च 2023 तक GLG में Content Associate के तौर पर काम किया।

इसके बाद उनकी पहचान independent investigative journalist के रूप में मजबूत हुई।

किन विषयों पर पत्रकारिता करते हैं?

सौरव दास का पत्रकारिता कार्य कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • RTI और सरकारी जवाबदेही
  • न्यायपालिका और कानूनी मामले
  • प्रशासनिक पारदर्शिता
  • शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था
  • युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दे
  • पर्यावरण और climate governance
  • सार्वजनिक नीतियां
  • नागरिक अधिकार और संस्थागत जवाबदेही

उनका काम The Caravan, The Hindu, The Wire, Article 14, Al Jazeera और New Lines Magazine जैसे प्रकाशनों में प्रकाशित होने की जानकारी उपलब्ध है।

सौरव दास और Climate Action Front

पत्रकारिता के अलावा सौरव दास का नाम Climate Action Front से भी जुड़ा है। उपलब्ध प्रोफाइलों में उन्हें इस संगठन का co-founder बताया गया है।

इस पहल का फोकस climate governance, sustainability और environmental policy जैसे मुद्दों पर रहा है।

इससे उनकी सार्वजनिक गतिविधियों का दायरा केवल राजनीतिक या आंदोलन से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रहता।

सौरव दास और CJP का कनेक्शन

2026 में सौरव दास की सार्वजनिक पहचान सबसे ज्यादा Cockroach Janta Party यानी CJP से जुड़ने के बाद बढ़ी।

शुरुआत में उन्हें CJP के spokesperson और chief spokesperson के रूप में व्यापक मीडिया कवरेज मिली। बाद में संगठन के National Working Committee में हुए बदलाव के बाद अगस्त 2026 में उन्हें Co-Convenor बनाया गया।

CJP के प्रमुख चेहरों में Abhijeet Dipke, Saurav Das, Ashutosh Ranka और Ratna Singh के नाम सामने आए हैं।

सौरव दास ने आंदोलन से जुड़े मुद्दों को मीडिया के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

CJP में उनकी भूमिका क्या है?

CJP से जुड़े उनके सार्वजनिक काम में प्रेस कॉन्फ्रेंस, मीडिया इंटरव्यू, विरोध-प्रदर्शन और संगठन के मुद्दों को सार्वजनिक रूप से रखने जैसी गतिविधियां शामिल रही हैं।

उनकी पत्रकारिता की पृष्ठभूमि के कारण वह कानूनी दस्तावेज, RTI, प्रशासनिक फैसलों और सार्वजनिक रिकॉर्ड को लेकर बात करते दिखाई देते हैं।

The Week ने भी CJP के कानूनी कामकाज के संदर्भ में सौरव दास की पत्रकारिता और कानूनी मामलों की समझ का उल्लेख किया है।

सौरव दास से जुड़े विवाद

2026 में उनकी बढ़ती सार्वजनिक पहचान के साथ कई विवाद भी सामने आए।

सबसे चर्चित मामलों में उनके दिल्ली स्थित आवास की जानकारी सार्वजनिक किए जाने का मामला रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके घर में घुसे और उनके आवास की तस्वीरें/वीडियो सार्वजनिक किए गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस कार्रवाई और बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में privacy protection की मांग की।

एक अन्य मामले में उनके पुडुचेरी स्थित परिवार के घर पर पुलिस पहुंची। सौरव दास ने इसे अपने परिवार को परेशान करने की कोशिश बताया, जबकि पुलिस ने इसे Independence Day से पहले White Town इलाके में की जा रही routine security verification बताया।

इस मामले में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने राजनीतिक targeting के आरोप से इनकार किया था।

सौरव दास की निजी जिंदगी के बारे में क्या पता है?

सौरव दास अपनी निजी जिंदगी को लेकर बहुत अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं करते हैं।

उनकी शिक्षा, पत्रकारिता, RTI गतिविधियों और CJP की भूमिका के बारे में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध है, लेकिन माता-पिता के नाम, निजी रिश्ते, निजी संपत्ति और परिवार की विस्तृत जानकारी के बारे में विश्वसनीय सार्वजनिक रिकॉर्ड बहुत सीमित है।

इसी कारण इंटरनेट पर मौजूद अपुष्ट दावों को उनकी आधिकारिक जीवनी का हिस्सा बनाना सही नहीं होगा।

सौरव दास की प्रोफाइल एक नजर में

नाम: सौरव दास

पेशा: स्वतंत्र खोजी पत्रकार

सार्वजनिक भूमिका: CJP के को-कन्वीनर

पूर्व भूमिका: CJP के प्रमुख/मुख्य प्रवक्ता के रूप में सार्वजनिक पहचान

जन्म और परवरिश: नई दिल्ली

वर्तमान पेशेवर आधार: नई दिल्ली

शैक्षणिक योग्यता: BA in Journalism and Mass Communication

विश्वविद्यालय: Amity University

कॉलेज अवधि: 2016–2019

RTI से जुड़ाव: 2017 के आसपास

स्वतंत्र पत्रकारिता: 2020 से

पारिवारिक संबंध: पुडुचेरी के White Town क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है

माता-पिता के नाम: विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों से पुष्टि उपलब्ध नहीं

पत्रकारिता के प्रमुख क्षेत्र: RTI, कानून, न्यायपालिका, शासन, पारदर्शिता, सार्वजनिक जवाबदेही और नागरिक मुद्दे

Climate Action Front: Co-founder के रूप में उल्लेख

CJP से जुड़ाव: 2026 में संगठन के प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में शामिल हुए और बाद में Co-Convenor बने

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