मोकामा में नया रेल पुल शुरू, बिहार के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
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मोकामा नया रेल पुल शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के रेल यात्रियों के साथ पूर्वोत्तर भारत जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मोकामा नया रेल पुल राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है और इस पर रविवार रात से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू हो गया। रात 12 बजे सिक्किम-महानंदा एक्सप्रेस ने नए पुल से पहली ट्रेन के रूप में गंगा नदी को पार किया। रेलवे के इस कदम से मोकामा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी। सिंगल लाइन के कारण लंबे समय तक ट्रेन संचालन में आने वाली दिक्कतें अब काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
2400 करोड़ की लागत से बना नया डबल लाइन पुल
मोकामा में गंगा नदी पर बने इस नए रेल पुल के निर्माण पर करीब 2400 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसे पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर पटना की ओर लगभग 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। नए पुल पर दोहरी रेल लाइन बिछाई गई है। पूरी परियोजना करीब 15.5 किलोमीटर लंबी है। इसमें गंगा नदी पर बना करीब 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल भी शामिल है। मुख्य पुल में 17 स्टील स्पैन लगाए गए हैं। परियोजना के तहत करीब 3.6 किलोमीटर रेल वायडक्ट, आठ छोटे पुल, दो रोड ओवरब्रिज और तीन रेल ओवर रेल भी बनाए गए हैं। रेलवे ने परियोजना की संरचना इस तरह तैयार की है कि पुराने पुल के एप्रोच में कम से कम बदलाव करना पड़े। नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी पूरा किया गया है। उत्तर की तरफ हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण की तरफ राजेंद्रपुल और बरौनी स्टेशन इस रेल नेटवर्क से जुड़े हैं।
नए पुल पर पहली ट्रेन कौन सी चली?
नए पुल पर रविवार रात 12 बजे सिक्किम-महानंदा एक्सप्रेस पहली ट्रेन के रूप में गुजरी। इसके बाद पुल से यात्री और मालगाड़ियों का नियमित परिचालन शुरू कर दिया गया। इससे पहले पूर्वी सर्किल, कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश ने 3 और 4 अक्टूबर को पुल और संबंधित रेल परियोजना का निरीक्षण किया था। सीआरएस से सुरक्षा संबंधी अनुमति मिलने के बाद रेलवे ने नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही नियमित सेवा शुरू की गई है।
क्या पुराने राजेंद्र सेतु से ट्रेनें बंद होंगी?
नए पुल के चालू होने के बाद पुराने राजेंद्र सेतु से ट्रेनों की आवाजाही बंद नहीं होगी। पुराने पुल पर रेल परिचालन जारी रहेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर अब कुल तीन रेल लाइनों की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इससे ट्रेनों को एक-दूसरे के निकलने के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत कम होगी। मोकामा रेलखंड बिहार के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइन मिलने से यात्री और माल परिवहन दोनों की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
ट्रेनों के इंतजार की समस्या होगी कम
पुराने राजेंद्र सेतु पर सिंगल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों के संचालन में कई बार क्रॉसिंग और सिग्नल की वजह से देरी होती थी। एक ही लाइन पर दोनों दिशाओं की ट्रेनों का संचालन होने से रेलवे को ट्रेनों को रोककर आगे बढ़ाना पड़ता था। इससे यात्रियों को भी अतिरिक्त समय गंवाना पड़ता था। अब नई डबल लाइन शुरू होने से इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है। ट्रेनों को रास्ता मिलने के साथ इस रूट पर परिचालन को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
2.5 गुना तक बढ़ सकती है रेल ट्रैफिक क्षमता
रेलवे के अनुसार, इस परियोजना के बाद संबंधित रेलखंड पर ट्रैफिक क्षमता में करीब 2.5 गुना वृद्धि होने का अनुमान है। इसका असर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन पर भी पड़ेगा। क्षमता बढ़ने से भविष्य में इस रूट पर नई यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं मजबूत होंगी। खास तौर पर बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच रेल संपर्क को इससे फायदा मिलेगा। पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ जाने वाली ट्रेनों के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ने से क्या फायदा होगा?
नए पुल का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। मालगाड़ियों के संचालन में भी सुधार होने की उम्मीद है। खाद्यान्न, सीमेंट, कोयला और अन्य जरूरी सामान को उत्तर बिहार तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचाने में रेल परिवहन की अहम भूमिका है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से मालगाड़ियों को रास्ता देने में रेलवे को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी। इससे परिवहन समय घटाने और ढुलाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
बिहार और पूर्वोत्तर के बीच मजबूत होगी कनेक्टिविटी
मोकामा का यह रेल पुल बिहार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना है। यह गंगा के दोनों किनारों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के साथ पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाले रेल नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ाता है। रेल ट्रैफिक बढ़ने से यात्रियों को भविष्य में अधिक ट्रेन विकल्प मिलने की उम्मीद है। साथ ही माल परिवहन की क्षमता बढ़ने से व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यह है कि नए डबल लाइन पुल पर नियमित परिचालन शुरू हो चुका है। पुराने राजेंद्र सेतु के साथ नई दो रेल लाइनों के जुड़ने से मोकामा रेलखंड की क्षमता पहले से काफी अधिक हो गई है।