बिहार में मोदी सरकार पर सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, बोले- 10 करोड़ लोगों को मिल रहा खाना
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं और बिहार को मिली केंद्रीय सहायता को लेकर कई बड़े दावे किए। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की करीब 14 करोड़ आबादी में से 10 करोड़ लोगों को केंद्र सरकार की ओर से भोजन मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में 1.70 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत ज्ञान भवन में आयोजित ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल, गरीब कल्याण योजनाओं और बिहार में केंद्र की ओर से किए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया।
10 करोड़ लोगों को खाना देने का दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की करीब 14 करोड़ आबादी में से 10 करोड़ लोगों को मोदी सरकार की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इसे गरीबों के लिए केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ करोड़ परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उनके मुताबिक, इससे बड़ी संख्या में परिवारों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है। उन्होंने बिजली को लेकर भी आंकड़े सामने रखे। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार में करीब 1.93 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 1.70 करोड़ उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है।
बिहार के बजट और केंद्र से मिलने वाली राशि पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने बिहार के बजट को लेकर कहा कि राज्य का बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का है। इसमें लगभग 70 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकार की अपनी आमदनी है। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बाकी करीब 2.80 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिलते हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य के वित्तीय संबंधों का उल्लेख करते हुए पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल से भी इसकी तुलना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने बिहार को करीब 13 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। हालांकि, कार्यक्रम में रखे गए ये आंकड़े मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं।
‘काम नहीं करने वालों को जनता वोट नहीं देती’
कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस बात से चिंतित हैं कि उनके परिवार की सत्ता चली गई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसलिए भी चिंतित हैं कि उनके दादाजी बिना लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बन गए थे और आज वे विपक्ष में हैं। इसके विपरीत नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चुनाव जीतने के लिए काम करना पड़ता है। उनके अनुसार, जनता काम करने वालों को समर्थन देती है और केवल सड़क पर प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधियों से वोट हासिल नहीं किए जा सकते। उन्होंने सेवा और जनकल्याण को भाजपा की राजनीति का आधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि ‘सेवा करो, मेवा नहीं खाओ।’
गरीब परिवारों के घर और वोट का जिक्र
सम्राट चौधरी ने गरीब परिवारों को मिले पक्के घरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार के करीब 55 लाख गरीब परिवारों को घर मिला है। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक संदर्भ में कहा कि अगर प्रत्येक परिवार में पांच वयस्क सदस्य मानें तो बड़ी संख्या में लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचा है। उन्होंने इसे सरकार के काम और जनता के समर्थन से जोड़कर पेश किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनकी 25 प्रमुख उपलब्धियों पर तैयार की गई 76 फीट लंबी रंगोली का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया गया। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा और प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
राम मंदिर निर्माण और सीतामढ़ी मंदिर का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने विचारों और एजेंडे को लेकर स्पष्ट रही है और पार्टी ने जो कहा, उसे पूरा करने का प्रयास किया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण नहीं हुआ था, तब रामलला टेंट में विराजमान थे। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद गरीबों को घर देने की योजनाएं चल रही थीं और इसी संदर्भ में उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अमित शाह और नीतीश कुमार ने बिहार के सीतामढ़ी में माता सीता मंदिर बनाने का निर्णय लिया।
पुल, एयरपोर्ट और बाढ़ को लेकर भी गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय बिहार के लिए तीन पुलों की सौगात मिली थी, जबकि इन परियोजनाओं का निर्माण बाद में पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि बिहार में फिलहाल कई नए पुलों का निर्माण चल रहा है। पटना एयरपोर्ट के विकास पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने की बात भी उन्होंने कही। साथ ही राज्य के दूसरे शहरों में एयरपोर्ट सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। सम्राट चौधरी ने इस साल बिहार में गंगा, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई नदियों में उच्चतम जलस्तर के रिकॉर्ड बने और बाढ़ की स्थिति के दौरान केंद्र सरकार लोगों के साथ खड़ी रही। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं और बिहार में हुए विकास कार्यों को सामने रखा। वहीं, उनके भाषण में विपक्ष पर राजनीतिक हमला और आगामी चुनावी राजनीति के संकेत भी दिखाई दिए।