पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल: यात्रियों को बड़ी राहत, जानें पूरा शेड्यूल
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल 16 कोच के साथ नई दिल्ली और पटना के बीच चलेगी। इससे दिवाली और छठ के दौरान दिल्ली से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह स्पेशल ट्रेन निर्धारित दिनों पर दोनों दिशाओं में परिचालित होगी। ट्रेन के रूट में अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
नई दिल्ली से पटना कब चलेगी ट्रेन?
गाड़ी संख्या 02252 नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल नई दिल्ली से 16 और 18 अक्टूबर को चलेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। नई दिल्ली से ट्रेन सुबह 8:35 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 9:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। इस तरह यात्रियों को दिन के समय दिल्ली से पटना पहुंचने की सुविधा मिलेगी। नई दिल्ली से पटना के बीच ट्रेन अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा में रुकेगी।
पटना से नई दिल्ली की वापसी का शेड्यूल
वापसी में गाड़ी संख्या 02251 पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल पटना जंक्शन से चलेगी। यह ट्रेन 17 और 19 अक्टूबर को परिचालित होगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को ट्रेन चलेगी। पटना से यह ट्रेन सुबह 10 बजे रवाना होगी और रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी यात्रा के दौरान ट्रेन आरा, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल और अलीगढ़ स्टेशनों पर ठहरेगी।
दोनों दिशाओं का प्रमुख शेड्यूल
| दिशा | ट्रेन संख्या | प्रस्थान | पहुंचने का समय |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली से पटना | 02252 | सुबह 8:35 बजे | रात 9:30 बजे |
| पटना से नई दिल्ली | 02251 | सुबह 10:00 बजे | रात 11:30 बजे |
त्योहारी सीजन में बिहार आने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। दिवाली और छठ के आसपास नियमित ट्रेनों में भीड़ बढ़ने के कारण अतिरिक्त ट्रेनें यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन जाती हैं।
नेउरा-जटडुमरी रेलखंड को भी मिली मंजूरी
इधर रेल यात्रियों के लिए एक और अहम खबर सामने आई है। दानापुर मंडल के करीब 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जटडुमरी नई रेललाइन खंड पर ट्रेन परिचालन शुरू करने की स्वीकृति मिल गई है। रेल संरक्षा आयुक्त यानी सीआरएस ने इस रेलखंड का निरीक्षण 8 अक्टूबर को किया था। निरीक्षण के दौरान रेललाइन पर सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की गई। इससे पहले इस रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी किया गया था। निर्धारित मानकों के पूरा होने के बाद सीआरएस ने यहां ट्रेन परिचालन शुरू करने की अनुमति दी।
नेउरा-दनियावां परियोजना से क्या बदलेगा?
नेउरा-जटडुमरी रेलखंड 42 किलोमीटर लंबी नेउरा-दनियावां नई रेललाइन परियोजना का हिस्सा है। परियोजना के पहले चरण में जटडुमरी से दनियावां तक करीब 22.74 किलोमीटर रेललाइन का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रेनें चल रही हैं। अब परियोजना के दूसरे चरण में जटडुमरी से नेउरा तक करीब 20 किलोमीटर रेललाइन का निर्माण भी पूरा हो गया है। सीआरएस निरीक्षण के बाद इस हिस्से पर परिचालन की मंजूरी मिली है। इस नई रेललाइन के शुरू होने से पटना के मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर मालगाड़ियों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
मालगाड़ियों के लिए बनेगा वैकल्पिक रास्ता
परियोजना पूरी होने के बाद मालगाड़ियों को नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-किऊल के रास्ते पटना को बाइपास करते हुए चलाया जा सकेगा। इससे दानापुर-पटना-किऊल-झाझा मुख्य रेललाइन पर ट्रेनों का दबाव घटने की संभावना है। मुख्य रेललाइन पर क्षमता उपलब्ध होने से भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुल सकता है। रेलवे के लिहाज से यह बदलाव पटना और आसपास के इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ त्योहारों में अतिरिक्त वंदे भारत स्पेशल ट्रेन यात्रियों को राहत देगी, वहीं दूसरी तरफ नई रेललाइन से लंबे समय में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?
दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में अतिरिक्त ट्रेन का संचालन यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा सुविधा देता है। वहीं, नेउरा-जटडुमरी रेलखंड की स्वीकृति केवल एक नए रूट की शुरुआत नहीं है। इससे मालगाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग मिलने के साथ मुख्य रेललाइन पर यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकती है।