समस्तीपुर में पुलिस टीम पर हमला, शराब धंधेबाज को छुड़ाया; 8 गिरफ्तार
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समस्तीपुर में पुलिस टीम पर हमला करने और गिरफ्तार शराब धंधेबाज को छुड़ाकर भगाने का मामला सामने आया है। रोसड़ा थाना क्षेत्र के काजी डुमरा गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। समस्तीपुर पुलिस पर हमला मामले में महिला सिपाही से दुर्व्यवहार और पुलिसकर्मियों के मोबाइल छीनने के आरोप भी लगे हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक आठ नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, टीम गांव में किराना दुकान की आड़ में देसी शराब बेचने की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान लालबाबू पासवान को छह लीटर देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। लेकिन उसे थाने ले जाने के दौरान स्थिति बिगड़ गई और भीड़ ने कथित तौर पर उसे पुलिस की अभिरक्षा से छुड़ा लिया।
किराना दुकान की आड़ में शराब बेचने का आरोप
रोसड़ा थाना पुलिस को काजी डुमरा गांव में अवैध शराब की बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी की।
पुलिस के मुताबिक, लालबाबू पासवान पर किराना दुकान की आड़ में देसी चुलाई शराब बेचने का आरोप था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से छह लीटर शराब बरामद की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम जब गिरफ्तार आरोपी को अपने साथ लेकर जा रही थी, तभी उसकी पत्नी मनीषा देवी समेत कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
आरोप है कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इसी दौरान गिरफ्तार लालबाबू पासवान को पुलिस की गिरफ्त से जबरन छुड़ाकर भगा दिया गया। हालांकि, घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
महिला सिपाही से दुर्व्यवहार, तीन पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के अनुसार, आरोपी को छुड़ाने के दौरान विवाद बढ़ गया। भीड़ में शामिल लोगों पर पुलिस पदाधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप है।
इस घटना में दो पुलिस पदाधिकारियों समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं, एक महिला सिपाही के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की बात भी सामने आई है।
इसके अलावा, एक सिपाही और एक चौकीदार का मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों की संख्या बढ़ने और स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस टीम को वहां से हटना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी।
दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज, 15 नामजद आरोपित
घटना के बाद पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधार पर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली प्राथमिकी अवैध शराब के कारोबार से संबंधित है।
दूसरी प्राथमिकी में सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने, महिला सिपाही से दुर्व्यवहार और मोबाइल छीनने जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में 15 लोगों को नामजद आरोपित बनाया है। इसके अलावा 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी में आरोप दर्ज किए गए हैं।
नामजद और अज्ञात आरोपितों की पहचान तथा घटना में उनकी भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। प्राथमिकी में नाम आने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान निर्णय होगा।
विशेष टीम ने आठ आरोपितों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोसड़ा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने काजी डुमरा गांव में छापेमारी कर अब तक आठ नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। वहीं, अन्य नामजद आरोपितों और घटना में शामिल संदिग्ध लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस की कार्रवाई का अगला चरण फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना है। साथ ही, पुलिस की अभिरक्षा से आरोपी को छुड़ाने और मोबाइल छीनने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने क्या बताया?
रोसड़ा के एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि काजी डुमरा गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर शराब धंधेबाज और उसके सहयोगियों ने हमला किया था।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
एसडीपीओ के अनुसार, पुलिस गिरफ्तार आरोपी को जबरन छुड़ाने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने और उनके मोबाइल छीनने के मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के बीच सुरक्षा पर सवाल
काजी डुमरा की घटना में पुलिस की छापेमारी के दौरान कथित हमले और गिरफ्तार आरोपी को छुड़ाकर भगाने के आरोपों ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों पर अब आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, आठ नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस ने दी है। बाकी आरोपितों की तलाश जारी है। मामले में लालबाबू पासवान को दोबारा गिरफ्तार किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
