राहुल गांधी पर तंज कसते हुए फिसली रवि किशन की जुबान, ‘कोहनीबाज PM’ बयान चर्चा में
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बीजेपी सांसद रवि किशन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए ऐसी टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। राहुल गांधी पर कोहनी मारने का आरोप लगाते हुए रवि किशन ने उन्हें प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से जोड़कर तंज कसा। राहुल गांधी पर रवि किशन की यह टिप्पणी उस वायरल वीडियो के बाद सामने आई, जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस नेता को चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च के दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता को कोहनी मारते हुए देखा जा रहा है।
गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन ने पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी भविष्य में प्रधानमंत्री बनते हैं, तो उनका व्यवहार कैसा होगा। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और उसके संदर्भ को लेकर सामने आए दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है।
रवि किशन ने राहुल गांधी पर क्या कहा?
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रवि किशन ने राहुल गांधी पर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को कोहनी मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई नेता अपने ही दल के कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार करे।
बीजेपी सांसद ने तंज कसते हुए कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को कोहनी मार रहे हैं। आप प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, लेकिन अपने ही कार्यकर्ताओं को कोहनी मार रहे हैं।”
रवि किशन ने इसी टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर सवालिया अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने उन्हें ‘कोहनीबाज प्रधानमंत्री’ बनने का सपना देखने वाला बताया।
उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बयान के शब्दों और उसके राजनीतिक संदर्भ को लेकर समर्थकों तथा आलोचकों के बीच बहस होने की संभावना भी बनी हुई है।
किस वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद?
इस विवाद की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर साझा किया गया एक वीडियो है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए वीडियो में कथित तौर पर राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता को कोहनी मारते दिखाई देते हैं।
बताया गया है कि यह घटना मंगलवार को हुई थी। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थिति, कोहनी लगने का कारण या संबंधित लोगों की मंशा तय नहीं की जा सकती। इन पहलुओं को समझने के लिए वीडियो का पूरा संदर्भ देखना जरूरी है।
यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को समाप्त करने की मांग से जुड़ा बताया गया है।
SIR चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच पहले से मतभेद रहे हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े दावों का आकलन तथ्यों और संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
2037 के बाद प्रधानमंत्री बनने की बात पर भी तंज
रवि किशन ने राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर निशाना साधते हुए यह भी सवाल किया कि अगर वह भविष्य में प्रधानमंत्री बनते हैं, तो देश के साथ कैसा व्यवहार करेंगे।
उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि यदि राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री बने, तो वह देश को कितनी कोहनियां मारेंगे। बयान में 2037 के बाद प्रधानमंत्री बनने की संभावना का जिक्र भी किया गया।
यह टिप्पणी राजनीतिक कटाक्ष के रूप में सामने आई। इसमें किसी संभावित भविष्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया, न कि प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई पुष्ट घटनाक्रम बताया गया।
राहुल गांधी की ओर से इस विशेष टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया आई, इसकी जानकारी उपलब्ध इनपुट में नहीं दी गई है। इसलिए इस मामले में कांग्रेस की प्रतिक्रिया या राहुल गांधी का पक्ष जोड़ना उचित नहीं होगा, जब तक उसका विश्वसनीय विवरण सामने न आए।
पहले भी राहुल गांधी पर साध चुके हैं निशाना
यह पहली बार नहीं है जब रवि किशन ने वायरल वीडियो के आधार पर राहुल गांधी की आलोचना की हो। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसी सप्ताह की शुरुआत में भी उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर टिप्पणी की थी।
रवि किशन ने इससे पहले राहुल गांधी के मानसिक संतुलन को लेकर भी आरोप लगाए थे। ऐसे व्यक्तिगत आरोपों को राजनीतिक बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। बिना किसी प्रमाण के इन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
राजनीति में नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी आम है, लेकिन किसी व्यक्ति के व्यवहार या मानसिक स्थिति पर टिप्पणी करते समय तथ्य और राजनीतिक आरोप के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
रायपुर में विपक्ष के प्रदर्शनों पर भी उठाए सवाल
रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रवि किशन ने विपक्ष के प्रदर्शनों को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बीजेपी को हराने में नाकाम रहने के बाद विपक्ष आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने वोट चोरी और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों पर भी सवाल उठाए। रवि किशन के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को परेशानी होती है।
उन्होंने एंबुलेंस से अस्पताल जाने वाले मरीजों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से जरूरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
हालांकि, इन दावों के समर्थन में किसी विशिष्ट घटना, आंकड़े या आधिकारिक रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए इन्हें रवि किशन के आरोप और राजनीतिक पक्ष के रूप में समझना चाहिए।
राहुल गांधी और रवि किशन के बयान पर क्यों हो रही चर्चा?
इस पूरे मामले में तीन बातें प्रमुख हैं। पहली, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जिसमें राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी, रवि किशन की ‘कोहनीबाज प्रधानमंत्री’ वाली टिप्पणी। तीसरी, चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष तथा बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक मतभेद।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं, लेकिन उनका छोटा हिस्सा पूरी घटना का संदर्भ स्पष्ट नहीं करता। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मूल वीडियो, घटना की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को देखना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल रवि किशन का बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में राहुल गांधी या कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद के दूसरे पक्ष को भी समझने में मदद मिल सकती है।
