समस्तीपुर में MDM संकट गहराया, 12 अक्टूबर से भोजन बंद करने की चेतावनी
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर MDM को लेकर जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में आर्थिक संकट गहराने की बात सामने आई है। समस्तीपुर MDM से जुड़े खर्च की राशि चार महीने से अधिक समय से लंबित होने का दावा शिक्षक संगठनों ने किया है।
शिक्षक संगठनों के अनुसार, आवर्ती व्यय मद की राशि नहीं मिलने और जुलाई 2026 से रसोइयों के मानदेय का भुगतान लंबित रहने के कारण स्कूलों में मध्याह्न भोजन संचालन मुश्किल हो गया है।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 अक्टूबर 2026 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो 12 अक्टूबर 2026 से जिले के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अनिश्चितकाल के लिए बंद की जा सकती है।
चार महीने से राशि नहीं मिलने का दावा
शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की खरीद प्रभावित हो रही है।
आवर्ती व्यय मद में राशि लंबित होने के कारण वेंडरों का भुगतान भी अटक गया है। संगठनों के मुताबिक, कई वेंडरों पर लाखों रुपये का बकाया हो चुका है।
शिक्षकों का दावा है कि भुगतान नहीं मिलने के कारण कुछ स्कूलों में सामग्री की आपूर्ति करने वाले वेंडरों ने आगे सामान देने से इनकार कर दिया है।
ऐसी स्थिति में विद्यालयों के सामने बच्चों के लिए नियमित भोजन उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ गई है।
शिक्षकों ने अपने स्तर से चलाया भोजन, अब मुश्किल
प्रारंभिक शिक्षक संयुक्त मोर्चा संघ के अनुसार, राशि उपलब्ध नहीं होने के बावजूद कई शिक्षक अपने स्तर से स्कूलों में एमडीएम संचालन जारी रखने की कोशिश कर रहे थे।
संघ का कहना है कि शिक्षकों के लिए अपने वेतन से लगातार भोजन का खर्च उठाना अब संभव नहीं है। इसी वजह से 30 सितंबर 2026 को विभिन्न शिक्षक संगठनों की आपात बैठक बुलाई गई।
बैठक में बकाया भुगतान और एमडीएम संचालन की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके बाद 10 अक्टूबर तक राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
संगठनों ने कहा है कि तय समय तक भुगतान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से मध्याह्न भोजन बंद करने का निर्णय लागू किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया पत्र
प्रारंभिक शिक्षक संयुक्त मोर्चा संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, एमडीएम को पत्र भेजकर स्थिति की जानकारी दी है।
पत्र में वेंडरों के बकाये, रसोइयों के लंबित मानदेय और स्कूलों में भोजन संचालन के लिए आवश्यक राशि की कमी का मुद्दा उठाया गया है।
संघ ने पत्र के माध्यम से कहा है कि यदि पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है और इसके कारण मध्याह्न भोजन बंद होता है, तो इसकी जवाबदेही शिक्षा विभाग की होगी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शिक्षा विभाग की ओर से इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल 12 अक्टूबर से भोजन बंद होने की बात को शिक्षक संगठनों की घोषित चेतावनी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मध्याह्न भोजन योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
मध्याह्न भोजन योजना अब पीएम पोषण योजना (PM POSHAN) के तहत संचालित होती है। बिहार में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के बच्चों को स्कूल में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था इसी योजना के तहत होती है।
मई 2026 में पटना हाईकोर्ट के एक मामले में भी अदालत को बताया गया था कि बिहार में हजारों स्कूल पीएम पोषण योजना के तहत कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराते हैं।
पीएम पोषण व्यवस्था में भोजन तैयार करने के लिए खाद्यान्न के साथ-साथ खाना पकाने और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता भी जरूरी होती है। आधिकारिक पीएम पोषण प्रणाली में अपर्याप्त फंड, सामग्री की कमी और कुक के भुगतान जैसी स्थितियों को भोजन नहीं बनने के संभावित कारणों में दर्ज किया गया है।
इसलिए किसी जिले में भुगतान में लंबे समय तक देरी होने पर स्कूल स्तर पर भोजन संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।
12 अक्टूबर को क्या हो सकता है?
शिक्षक संगठनों के मौजूदा निर्णय के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर 12 अक्टूबर से एमडीएम बंद करने की चेतावनी दी गई है।
इसका मतलब यह नहीं है कि अभी से सभी स्कूलों में भोजन बंद हो गया है। फिलहाल संगठनों ने भुगतान के लिए समयसीमा तय की है और उसके बाद अनिश्चितकालीन बंद की बात कही है।
आगे की स्थिति शिक्षा विभाग की ओर से होने वाले भुगतान, प्रशासनिक निर्णय और शिक्षक संगठनों के अगले कदम पर निर्भर करेगी।
किन मुद्दों पर उठी मांग?
- चार महीने से अधिक समय से आवर्ती व्यय की राशि लंबित होने का दावा।
- जुलाई 2026 से रसोइयों के मानदेय का भुगतान लंबित होने की बात।
- वेंडरों के बकाये का भुगतान करने की मांग।
- स्कूलों में एमडीएम के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग।
- 10 अक्टूबर तक भुगतान नहीं होने पर 12 अक्टूबर से योजना बंद करने की चेतावनी।
आपात बैठक में कई शिक्षक रहे मौजूद
30 सितंबर की बैठक में जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव अनिल कुमार, बिहार अराजपत्रित शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार पासवान, टीचर्स क्लब के जिला संयोजक सौरभ कुमार, जिलाध्यक्ष बैजू राय, बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव रामचंद्र राय और टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार साहू सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
बैठक में प्रधानाध्यापक अरुण कुमार, तारणी प्रसाद महतो, उमेश प्रसाद, शंकर दास, संजय कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, मदन प्रसाद कर्ण, उमेश कुमार, अमर कुमार, पवन कुमार शर्मा, गगन कुमार, संजीत कुमार, मोहम्मद जमालुद्दीन और धर्मेंद्र कुमार शर्मा सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
समस्तीपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जिला स्तर पर मिड-डे मील योजना के लिए डीपीओ मिड डे मील प्लान का पद भी सूचीबद्ध है।
अब देखना होगा कि 10 अक्टूबर की समयसीमा से पहले बकाया राशि को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और 12 अक्टूबर को एमडीएम संचालन को लेकर स्थिति क्या रहती है।
