समस्तीपुर में GST का बड़ा छापा, गोदाम में मिला बिना कागजात का माल
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर में GST छापा पड़ने के बाद गोला रोड स्थित ट्रांसपोर्टर के गोदाम में बिना वैध दस्तावेज का माल मिलने से हड़कंप मच गया। GST छापा राज्य कर आयुक्त के निर्देश पर जीएसटी इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने मारा। जांच के दौरान संचालक से माल के कागजात और ई-वे बिल मांगे गए, लेकिन मौके पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इसके बाद अधिकारियों ने बिना कागजात मिले स्टॉक को संदिग्ध मानते हुए उसे जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। विभाग अब पूरे मामले में संभावित टैक्स चोरी और माल के स्रोत से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
गोला रोड के ट्रांसपोर्टर के गोदाम पर अचानक पहुंची टीम
जीएसटी इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने राज्य कर आयुक्त के निर्देश पर समस्तीपुर अंचल में कार्रवाई की। टीम ने गोला रोड स्थित ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक सप्लायर के व्यावसायिक ठिकाने पर औचक निरीक्षण किया।
कार्रवाई का नेतृत्व राज्य कर उप आयुक्त अफजल हसनैन और सहायक आयुक्त दिव्य प्रकाश ने किया। अधिकारियों ने गोदाम में रखे माल से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान संचालक से माल के वैध कागजात और ई-वे बिल दिखाने को कहा गया। हालांकि, मौके पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
बिना दस्तावेज के मिला स्टॉक, जब्ती की प्रक्रिया शुरू
अधिकारियों के अनुसार, गोदाम में मौजूद कुछ माल के संबंध में वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद विभाग ने संबंधित स्टॉक को संदिग्ध मानते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
अब जीएसटी अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि गोदाम में रखा माल कहां से आया था, उसका वास्तविक स्वामित्व किसका है और उसके परिवहन तथा खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड क्या हैं।
मामले में टैक्स चोरी की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या होता है ई-वे बिल और क्यों है जरूरी?
ई-वे बिल जीएसटी व्यवस्था के तहत माल के परिवहन से जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज है। CBIC के नियमों के अनुसार, निर्धारित परिस्थितियों में 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के माल की आवाजाही से पहले ई-वे बिल से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होती है।
माल के परिवहन के दौरान संबंधित व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार इनवॉयस, बिल ऑफ सप्लाई या डिलीवरी चालान के साथ ई-वे बिल या उसका नंबर रखना होता है। अधिकारियों को माल और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच का अधिकार भी नियमों में दिया गया है।
यही वजह है कि जीएसटी विभाग की जांच में माल के साथ उपलब्ध दस्तावेज और ई-वे बिल महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माने जाते हैं।
त्योहारों से पहले बढ़ाई गई निगरानी
जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त कृष्णा मोहन सिंह के अनुसार, त्योहारों को देखते हुए जिले में निगरानी बढ़ाई गई है। विभाग बिना हिसाब-किताब के माल के परिवहन और संभावित टैक्स चोरी की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
समस्तीपुर शहर के साथ-साथ रोसड़ा, दलसिंहसराय और पटोरी अनुमंडल क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने की जानकारी दी गई है।
त्योहारी सीजन में बाजारों में सामान की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक गतिविधियों की जांच के जरिए विभाग माल की आवाजाही से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है।
संदिग्ध ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक गतिविधियों पर नजर
विभाग की कार्रवाई केवल एक गोदाम तक सीमित रहने की बात नहीं कही गई है। आने वाले दिनों में संदिग्ध ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक गतिविधियों की जांच जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों का फोकस ऐसे माल और परिवहन पर है, जिसके साथ आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं हैं या दस्तावेजों में किसी तरह की विसंगति मिलती है।
CBIC के नियमों के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों को निर्धारित परिस्थितियों में माल और वाहन के दस्तावेजों की जांच करने तथा टैक्स चोरी से जुड़ी विशेष सूचना मिलने पर भौतिक सत्यापन करने की व्यवस्था है।
आगे की जांच में क्या सामने आएगा?
गोला रोड के गोदाम से मिले माल की वास्तविक मात्रा, कीमत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच अब विभाग करेगा। इसके आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मामले में कितना टैक्स बनता है और संबंधित कारोबारी या अन्य पक्षों की क्या भूमिका है।
फिलहाल विभाग ने बिना वैध दस्तावेज मिले स्टॉक को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है और संचालक से पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई त्योहारी सीजन में जीएसटी विभाग की बढ़ी निगरानी के बीच हुई है। आने वाले दिनों में समस्तीपुर के अन्य संवेदनशील कारोबारी और परिवहन क्षेत्रों में भी जांच जारी रहने की संभावना है।
