समस्तीपुर में रात से लापता 10 साल के बच्चे का गाछी में मिला शव
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर में 10 साल के बच्चे का शव शनिवार सुबह गाछी में मिलने से सनसनी फैल गई। 10 साल के बच्चे का शव विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बढ़ौना पंचायत स्थित मधुवन टोल में मिला। बच्चा शुक्रवार रात से लापता था और परिजन देर रात तक उसकी तलाश करते रहे थे।
सुबह शौच के लिए निकले एक ग्रामीण की नजर फुलवंतो स्थान के आगे पूर्व मटखनमा गाछी में पड़े शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों के साथ बच्चे के परिजन भी मौके पर पहुंचे।
मृतक की पहचान बढ़ौना पंचायत के वार्ड संख्या-3 निवासी मंटू साह के 10 वर्षीय बेटे सुधीर कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक के साथ आक्रोश का माहौल है।
शुक्रवार रात से लापता था सुधीर
परिजनों के अनुसार, सुधीर शुक्रवार रात करीब नौ बजे स्थानीय चौक स्थित आटा चक्की के पास देखा गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा।
देर रात तक परिवार के लोगों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चला। शनिवार सुबह गाछी में शव मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।
घटनास्थल पर थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद विद्यापतिनगर थाना की टीम मौके पर पहुंची।
शरीर पर चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
सुधीर के शरीर पर चोट और कटे के निशान मिलने की बात परिजनों ने कही है। परिवार के अनुसार, आंख के पास भी चोट का निशान दिखाई दिया।
घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे मिलने की बात भी सामने आई है। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन आशंका जता रहे हैं कि बच्चे की हत्या कर शव को गाछी में लाकर फेंका गया होगा।
हालांकि, अभी पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस और FSL टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सूरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। एसआई सलीम रजा, एएसआई रवि कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके का निरीक्षण किया।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा परिवार के सदस्यों से भी बच्चे के लापता होने और उसकी आखिरी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए कई साक्ष्य और नमूने एकत्र किए।
इन नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष से मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल जांच का अहम हिस्सा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना है।
अगर रिपोर्ट में चोटों या अन्य परिस्थितियों से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है, तो जांच उसी आधार पर आगे बढ़ सकती है।
पुलिस बच्चे के शुक्रवार रात घर से बाहर रहने के दौरान उसकी गतिविधियों, आखिरी बार उसे देखने वाले लोगों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मौत के कारण और घटना की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएगा।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था सुधीर
सुधीर चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता मंटू साह कबाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं।
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों में भी घटना को लेकर दुख और नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय मुखिया लालबाबू दास, राकेश कुमार चौधरी समेत अन्य ग्रामीणों ने मामले की गंभीर जांच की मांग की है।
दलसिंहसराय के वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि बच्चे की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट सहित अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुक्रवार रात घर से निकला 10 वर्षीय सुधीर आखिर गाछी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस की जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
