दलसिंहसराय में NSS शिविर शुरू, 50 स्वयंसेवक सात दिन करेंगे समाज सेवा

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दलसिंहसराय में NSS शिविर शुरू, 50 स्वयंसेवक सात दिन करेंगे समाज सेवा

दलसिंहसराय में आरबी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने सात दिवसीय विशेष शिविर की शुरुआत की है। आरबी कॉलेज NSS शिविर का आयोजन कॉलेज की ओर से गोद लिए गए गांव पुल पगड़ा के वार्ड नंबर 13 स्थित एक निजी स्कूल के प्रांगण में किया जा रहा है। इस शिविर में कुल 50 स्वयंसेवकों का पंजीकरण हुआ है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है।

शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बीरेंद्र कुमार चौधरी के संरक्षण और वरीय प्राध्यापक डॉ. विमल कुमार की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत और एनएसएस गीत के साथ की गई। इस दौरान अतिथियों का स्वागत पाग, चादर और पुष्पगुच्छ देकर किया गया।

पुल पगड़ा में सात दिवसीय NSS शिविर का शुभारंभ

आरबी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने अपने गोद लिए गांव पुल पगड़ा में इस विशेष शिविर का आयोजन किया है। सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में स्वयंसेवकों को सामाजिक जिम्मेदारियों और सामुदायिक जीवन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने स्वागत संबोधन दिया और शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उनके अनुसार, ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के हित में काम करने के लिए तैयार करते हैं। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों को सामाजिक जीवन से जुड़े अनुभव प्राप्त करने और अपने भीतर सेवा की भावना मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

50 स्वयंसेवकों ने कराया पंजीकरण

इस विशेष शिविर में कुल 50 स्वयंसेवकों का पंजीकरण किया गया है। कार्यक्रम के पहले सत्र में अतिथियों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों और इसके व्यावहारिक महत्व के बारे में जानकारी दी।

डॉ. धीरज कुमार पाण्डेय, डॉ. सोहित राम और डॉ. अनूप कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने स्वयंसेवकों को शिविर से मिलने वाले लाभ और जीवन में उपयोगी सीख के बारे में विस्तार से बताया।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रहने, बल्कि समाज की जरूरतों को समझने और जरूरतमंद लोगों के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। ऐसे शिविर विद्यार्थियों को समूह में काम करने, जिम्मेदारी समझने और सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने में मदद कर सकते हैं।

मुख्य वक्ता ने दिया समाज सेवा का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ई. मनोहर कुमार सिंह ने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। हम समाज के बीच रहते हैं, इसलिए समाज के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है।

उन्होंने स्वयंसेवकों को समझाया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के लिए काम करने की प्रेरणा देना है। उनके अनुसार, यह शिविर विद्यार्थियों को सजग नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। इस संदेश के माध्यम से स्वयंसेवकों को यह समझाने की कोशिश की गई कि सामाजिक विकास में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी मायने रखती है।

डॉ. विमल कुमार ने स्वयंसेवकों से क्या कहा?

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. विमल कुमार ने अपने संबोधन में समाज और राष्ट्र की सेवा को सर्वोत्तम सेवा बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा की भावना पैदा करती है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सात दिनों के इस शिविर से सभी स्वयंसेवकों को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। साथ ही, वे समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे।

उनका संदेश विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों को भी समझने की प्रेरणा देता है। कॉलेज स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम युवाओं को समुदाय के करीब लाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मददगार हो सकते हैं।

दूसरे सत्र में स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को जाना

शिविर के दूसरे सत्र में स्वयंसेवकों के बीच परिचय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने एक-दूसरे से परिचय प्राप्त किया और अपनी जानकारी साझा की।

इस गतिविधि का उद्देश्य स्वयंसेवकों के बीच आपसी संवाद और सहयोग की भावना बढ़ाना था। सात दिनों तक चलने वाले शिविर में समूह के रूप में काम करने के लिए एक-दूसरे को समझना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें डॉ. धीरज कुमार, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. मिथिलेश कुमार, बड़ा बाबू कामिनी सिन्हा, रवीन्द्र कुमार दास, मुकेश कुमार और विश्वजीत चौधरी सहित अन्य लोग शामिल थे। इस अवसर पर सभी पंजीकृत स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों के लिए NSS शिविर क्यों है महत्वपूर्ण?

राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामुदायिक सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। विशेष शिविरों के माध्यम से छात्र अपने आसपास के लोगों और उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को टीमवर्क, संवाद और सहयोग जैसे गुण सीखने का अवसर भी देते हैं। समाज के साथ सीधे जुड़ने से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि नागरिक के रूप में उनकी भूमिका केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है।

दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज की NSS इकाई का यह सात दिवसीय शिविर भी इसी उद्देश्य से शुरू किया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में शिविर के तहत कौन-कौन सी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं और स्वयंसेवक स्थानीय समुदाय के साथ किस तरह जुड़ते हैं।

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