Nalanda News: शराब माफिया की फायरिंग में सिपाही शहीद, मचा हड़कंप
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बिहार के नालंदा जिले में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने गई मद्य निषेध विभाग की टीम पर गोलीबारी का गंभीर मामला सामने आया है। नालंदा में शराब माफिया की फायरिंग में पटना मुख्यालय की एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) टीम के सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले पावापुरी के अस्पताल और फिर पटना के पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। नालंदा में शराब माफिया से जुड़ी इस घटना के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टीम झारखंड से लाई जा रही शराब की खेप के बारे में मिली गुप्त सूचना पर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पावापुरी-सिलाव इलाके में संदिग्ध पिकअप को रोकने की कोशिश की गई और गोलीबारी शुरू हो गई।
शराब से भरी पिकअप की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी के अनुसार, पटना मुख्यालय की EIB टीम को सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप पिकअप वैन के जरिए बिहार लाई जा रही है। बताया गया कि वाहन नवादा जिले के खराट मोड़ से नालंदा की ओर बढ़ रहा था।
सूचना मिलने के बाद EIB की टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई। टीम संदिग्ध वाहन को रोकने और शराब की खेप पकड़ने के लिए आगे बढ़ी।
यह कार्रवाई बिहार में शराबबंदी कानून के तहत शराब की अवैध ढुलाई रोकने के प्रयासों का हिस्सा थी। हालांकि, वाहन में शराब की मात्रा और घटना के बाद बरामदगी को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पावापुरी-सिलाव इलाके में टीम पर हुई गोलीबारी
जानकारी के मुताबिक, पावापुरी-सिलाव इलाके में हाईवे पर फ्लाईओवर के पास टीम ने संदिग्ध पिकअप को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान तस्करों की मदद के लिए रेकी कर रहे एक कथित लाइनर ने टीम पर फायरिंग कर दी।
गोली सिपाही अजीत कुमार को लगी। वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर कथित तौर पर पिकअप लेकर फरार हो गए।
इस घटना ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ड्यूटी के दौरान किसी पुलिस या उत्पादकर्मी पर हमला कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला है। हालांकि, हमले में शामिल लोगों की पहचान और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान सिपाही अजीत की मौत
गोली लगने के बाद साथी कर्मियों ने घायल सिपाही अजीत कुमार को तत्काल पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया।
उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद विभागीय कर्मियों में शोक का माहौल बन गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिपाही के शव का पोस्टमार्टम पटना में कराया जा रहा था। उनके परिवार और सेवा संबंधी अन्य विवरणों को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की घटनाएं यह भी याद दिलाती हैं कि अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में अधिकारियों और जवानों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
हमलावरों की तलाश में नाकेबंदी और छापेमारी
घटना के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, हाईवे और आसपास के रास्तों पर नाकेबंदी की गई तथा संयुक्त टीमों को आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगाया गया।
उत्पाद थानाध्यक्ष नीतीश कुमार के हवाले से बताया गया कि घटना के बाद आसपास के मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस संदिग्धों का पता लगाने और फरार लोगों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही है।
नालंदा के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पर पहुंचे और वारदात की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
फिलहाल, इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी, पिकअप की बरामदगी और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार के संबंध में अंतिम स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जांच से होनी बाकी है।
बिहार में शराब तस्करी और कानून-व्यवस्था पर फिर सवाल
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब की तस्करी रोकना पुलिस और मद्य निषेध विभाग के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। दूसरे राज्यों से शराब लाकर उसकी बिक्री करने की कोशिशों पर कार्रवाई के दौरान ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।
नालंदा की इस घटना में एक सरकारी कर्मी की जान चली गई। इससे तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ अभियान में शामिल टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत भी सामने आती है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि शराब की खेप किसकी थी, कथित लाइनर की भूमिका क्या थी और गोलीबारी में कौन-कौन शामिल था। इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक बयानों से ही स्पष्ट होंगे।
