खगड़िया में जीविका दीदियों का जलवा, मदन सहनी बोले- नीतीश कुमार की पहल से हर क्षेत्र में हो रहा विकास

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खगड़िया में जीविका दीदी कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। शहर से सटे बछौता स्थित राज कौशल रिसोर्ट में आयोजित जीविका दीदी कार्यक्रम का विषय ‘नीतीश संवाद—जीविका दीदी का 20 साल बेमिसाल’ रहा। कार्यक्रम में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, स्वयं सहायता समूहों और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम का आयोजन जनता दल यूनाइटेड की ओर से प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर किया गया। बड़ी संख्या में जीविका दीदियों के पहुंचने से सभागार में काफी भीड़ रही।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के जिला प्रभारी मंत्री मदन सहनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष राका सहाय ने मंच संचालन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत से हुई। इसके बाद अतिथियों का अंगवस्त्र, माला और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम से पहले मदन सहनी समेत जदयू पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया।

आयोजकों के अनुसार, सभागार में मौजूद महिलाओं ने कार्यक्रम के दौरान उत्साह के साथ भाग लिया। बीच-बीच में जीविका दीदियों और पार्टी से जुड़े नारे भी लगाए गए।

मदन सहनी ने जीविका की 20 साल की यात्रा का किया जिक्र

प्रभारी मंत्री मदन सहनी ने जीविका से जुड़ी महिलाओं को दो दशक की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बचत, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम हुआ है।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में शुरू हुई जीविका पहल के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं समूहों से जुड़ीं। सरकारी स्तर पर भी जीविका को ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़कर देखा जाता है। बिहार सरकार के अनुसार, 2026 में 10.49 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं।

मदन सहनी ने अपने संबोधन में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी और परिवार से जुड़े निर्णयों में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई, इलाज और परिवार की दूसरी जरूरतों के लिए आर्थिक मजबूती जरूरी है और स्वयं सहायता समूह इस दिशा में महिलाओं को अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

लखपति दीदी और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर चर्चा

कार्यक्रम में महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उपलब्ध योजनाओं का भी जिक्र किया गया। मंत्री ने लखपति दीदी समेत महिला केंद्रित योजनाओं और वित्तीय सहायता की चर्चा की।

हालांकि, लखपति दीदियों की संख्या को लेकर अलग-अलग सरकारी बयानों में अलग आंकड़े सामने आए हैं। बिहार सरकार के जुलाई 2026 के आधिकारिक बयान में 30 लाख से अधिक लखपति दीदियों का उल्लेख किया गया था। वहीं अगस्त 2026 के एक अन्य सरकारी बयान में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.81 करोड़ महिलाओं और जीविका दीदियों के आर्थिक योगदान का उल्लेख किया गया।

इसलिए कार्यक्रम में बताए गए आंकड़ों को कार्यक्रम में वक्ता द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के रूप में देखना उचित है।

महिलाओं के निर्णय लेने की भूमिका पर अनुराधा कुशवाहा ने रखी बात

जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को समूहों में संगठित कर बचत, रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम हुआ है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज से जुड़े कई विषयों पर अपनी राय और निर्णय रखने लगी हैं।

उन्होंने महिलाओं से शिक्षा, रोजगार, आर्थिक अवसर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। साथ ही संगठनात्मक स्तर पर महिला भागीदारी को मजबूत करने की बात कही।

पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी का भी हुआ जिक्र

कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख हुआ। बिहार सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उन्हें सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिला है।

मदन सहनी ने जीविका दीदियों से संगठित रहने और सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी जारी रखने की बात कही।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और जीविका दीदियां रहीं मौजूद

कार्यक्रम में अलौली विधायक रामचंद्र सदा, कार्यक्रम प्रभारी रीता कुमारी, प्रदेश सचिव नीलम वर्मा, पंकज कुमार पटेल, राजकुमार फोगला, दीपक सिन्हा, उमेश सिंह पटेल, आचार्य राकेश पासवान शास्त्री समेत कई जदयू पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नगर परिषद उपसभापति शबनम जीनत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और जीविका दीदियां मौजूद रहीं।

आयोजकों के अनुसार, महिलाओं की व्यापक भागीदारी के साथ ‘नीतीश संवाद—जीविका दीदी का 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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