गोपालगंज में अक्षरधाम जैसा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, 80 लाख खर्च
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गोपालगंज में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। भव्य दुर्गा पूजा पंडाल अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। राजा दल पूजा समिति की ओर से बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई 120 फीट और चौड़ाई 100 फीट रखी गई है।
समिति के अनुसार, पूरे आयोजन पर करीब 80 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। पंडाल के साथ मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने की तैयारी में है।
120 फीट ऊंचा होगा अक्षरधाम की तर्ज पर पंडाल
राजा दल पूजा समिति ने इस वर्ष दुर्गापूजा के लिए अलग थीम चुनी है। पंडाल को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित रूप दिया जा रहा है।
प्रस्तावित पंडाल करीब 120 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा होगा। इसकी विशाल संरचना तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में बांस, लकड़ी और थर्मोकोल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आयोजन समिति का दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद पंडाल गोपालगंज में दुर्गापूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा।
18 फीट ऊंची प्रतिमा में दिखेगा महिषासुर वध
पंडाल के अंदर मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष स्वरूप में तैयार की जा रही है। सजावट निर्देशक विनोद जायसवाल के अनुसार, भगवती जगदम्बा को 18 फीट ऊंचे विशाल सिंह पर सवार मुद्रा में दिखाया जाएगा।
प्रतिमा में मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया जाएगा। निर्माण में मूर्तिकार प्रतिमा की बनावट और भाव-भंगिमा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रतिमा का स्वरूप पंडाल की थीम के साथ तालमेल रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
कोलकाता से बुलाए गए कुशल कारीगर
भव्य पंडाल और प्रतिमा निर्माण के लिए कोलकाता से विशेष कारीगरों को बुलाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये कारीगर करीब एक महीने से निर्माण कार्य में जुटे हैं।
पंडाल तैयार करने में 5 हजार से अधिक बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा करीब 2 हजार वर्गफीट लकड़ी और लगभग 800 बंडल थर्मोकोल भी निर्माण सामग्री में शामिल हैं।
इतनी बड़ी संरचना तैयार करने के लिए कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं। आयोजन समिति का लक्ष्य नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पंडाल को पूरी तरह तैयार रखना है।
तमकुही की टीम करेगी आकर्षक लाइटिंग
पंडाल की सजावट को भव्य रूप देने के लिए प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। समिति के सजावट निर्देशक के अनुसार, उत्तर प्रदेश के तमकुही की जायसवाल लाइट टीम को लाइटिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
लाइटिंग के जरिए पंडाल और आसपास के परिसर को आकर्षक रूप देने की तैयारी है। रात के समय रोशनी के बीच पंडाल की संरचना श्रद्धालुओं के लिए अलग दृश्य प्रस्तुत कर सकती है।
वहीं, पूरे परिसर और मां दुर्गा की प्रतिमा की सजावट की जिम्मेदारी देवरिया जिले की टीम को दी गई है।
असली और कृत्रिम फूलों से होगी सजावट
पंडाल परिसर में फूलों की सजावट भी खास तरीके से करने की तैयारी है। इसके लिए असली और कृत्रिम दोनों तरह के फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, फूलों की सजावट को पंडाल की थीम और प्रतिमा के स्वरूप के अनुरूप रखा जाएगा। इससे पूरे परिसर को उत्सव के माहौल के साथ सजाने की योजना है।
बड़े स्तर पर होने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है।
25 CCTV कैमरों से होगी निगरानी
दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए परिसर में करीब 25 CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है।
भीड़ प्रबंधन के लिए 50 से 60 आईकार्ड वाले वालंटियर्स तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा करीब 50 गुप्त वालंटियर्स भी सुरक्षा और व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पंडाल परिसर में भीड़ को नियंत्रित रखना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करना है।
80 लाख रुपये के आयोजन पर टिकी नजर
राजा दल पूजा समिति के अनुसार, इस वर्ष पंडाल और आयोजन पर करीब 80 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इतनी बड़ी लागत और अक्षरधाम मंदिर से प्रेरित थीम के कारण गोपालगंज में इस पंडाल को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
समिति का कहना है कि इस बार पंडाल श्रद्धा के साथ कला और शिल्प का भी प्रदर्शन करेगा। निर्माण पूरा होने के बाद इसकी वास्तविक भव्यता श्रद्धालुओं के सामने आएगी।
आयोजन की तैयारियों में समिति अध्यक्ष मोहन प्रसाद गुप्ता, सचिव शंभू प्रसाद, उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, सजावट निर्देशक विनोद जायसवाल और सक्रिय सदस्य प्रेम चंद्र आर्या की भूमिका बताई गई है।
पंडाल की खास बातें एक नजर में
स्थान: गोपालगंज
आयोजक: राजा दल पूजा समिति
थीम: अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित अक्षरधाम मंदिर से प्रेरित
पंडाल की ऊंचाई: 120 फीट
पंडाल की चौड़ाई: 100 फीट
अनुमानित लागत: करीब 80 लाख रुपये
मां दुर्गा की प्रतिमा: करीब 18 फीट
निर्माण सामग्री: 5 हजार से अधिक बांस, लकड़ी और थर्मोकोल
कारीगर: कोलकाता से बुलाए गए विशेषज्ञ
CCTV: करीब 25 कैमरे
वालंटियर्स: 50–60 आईकार्डधारी और करीब 50 गुप्त वालंटियर्स
गोपालगंज में इस बार दुर्गापूजा के दौरान यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए कितना बड़ा आकर्षण बनता है, यह आयोजन पूरा होने के बाद साफ होगा। फिलहाल इसकी विशाल संरचना और अक्षरधाम से प्रेरित थीम को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्सुकता बनी हुई है।
