गांधी जयंती पर PM मोदी का संदेश, बोले- बापू के विचारों से बनेगा विकसित भारत
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👉 WhatsApp से जुड़ेंगांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को याद किया। गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने कहा कि बापू का सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा से जुड़ा जीवन आज भी मानवता को दिशा देता है। गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वदेशी और खादी को बढ़ावा देने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का शाश्वत संदेश बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने अपने संदेश में बापू के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
PM मोदी ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा की मिसाल रहा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बापू का शाश्वत संदेश समाज को बेहतर बनाने और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गांधी जी की विचारधारा ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, सत्ता से दूर रहते हुए भी गांधी करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने में सफल रहे।
सत्य और अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक
महात्मा गांधी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सत्य और अहिंसा को प्रमुख आधार बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी उन्होंने अहिंसक आंदोलनों के जरिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनभागीदारी को व्यापक रूप दिया।
प्रधानमंत्री ने गांधी के विचारों को केवल इतिहास तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भी बापू की विचारधारा मानवता को प्रेरणा देती रहेगी।
गांधी के विचारों में सेवा, करुणा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषय भी महत्वपूर्ण रहे हैं। यही कारण है कि गांधी जयंती पर देशभर में उनके जीवन और संदेश को याद किया जाता है।
खादी और स्वदेशी को लेकर PM मोदी की अपील
गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से खादी का उल्लेख करते हुए लोगों से 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने गांधी जी के स्वदेशी विचार से इसे जोड़ते हुए कहा कि खादी को प्राथमिकता देना स्वदेशी भावना को आगे बढ़ाने का एक तरीका है।
यह संदेश ऐसे समय आया है जब गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सेवा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
2 अक्टूबर को दो महान नेताओं की जयंती
भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर की तारीख का विशेष महत्व है। इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला और सत्याग्रह तथा अहिंसा भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के महत्वपूर्ण माध्यम बने।
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व की व्यापक चर्चा हुई। इसी दौर में उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ सामने आया।
इस तरह 2 अक्टूबर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्र भारत के राजनीतिक इतिहास की दो महत्वपूर्ण शख्सियतों से जुड़ी तारीख है।
गांधी जयंती को संयुक्त राष्ट्र ने बनाया अंतरराष्ट्रीय दिवस
महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत का प्रभाव भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 को 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया था।
इस दिन दुनिया के कई हिस्सों में अहिंसा, शांति और सामाजिक सद्भाव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
गांधी का संदेश संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, सहिष्णुता और मानवता जैसे विषयों के संदर्भ में आज भी चर्चा में रहता है।
भारतीय नोटों पर गांधी की तस्वीर कब आई?
महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय करेंसी पर कब से दिखाई देने लगी, इसे लेकर अक्सर लोगों के बीच सवाल रहता है।
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार अक्टूबर 1987 में ₹500 के नोट पर पहली बार महात्मा गांधी का चित्र प्रकाशित हुआ। इससे पहले 1969 में गांधी जी की जन्मशती के अवसर पर एक स्मारक नोट जारी किया गया था।
इसके बाद 1996 में RBI ने Mahatma Gandhi Series शुरू की। इस श्रृंखला के नोटों पर सामने की ओर गांधी जी का चित्र शामिल किया गया और कई नए सुरक्षा फीचर भी जोड़े गए।
बाद में करेंसी डिजाइन और सुरक्षा व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव होते रहे, लेकिन भारतीय बैंक नोटों पर गांधी की तस्वीर एक प्रमुख पहचान बनी रही।
गांधी के विचारों से विकसित भारत की बात
गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वदेशी जैसे विचारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने बापू के विचारों को बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा से जोड़ा।
गांधी के विचारों की प्रासंगिकता को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में लंबे समय से चर्चा होती रही है। स्वच्छता, ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता, स्थानीय उत्पाद और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों में उनके विचारों का उल्लेख आज भी किया जाता है।
2 अक्टूबर का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व की जयंती नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का अवसर है जिनका प्रभाव भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन पर लंबे समय तक रहा है।
