शिवहर में DAV स्कूल ने चलाया सड़क सुरक्षा अभियान, बच्चों ने दिया बड़ा संदेश
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बिहार के शिवहर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के जरिए DAV पब्लिक स्कूल ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों और जीवन की सुरक्षा का महत्व समझाया। स्कूल में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने निबंध लेखन और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और नारों के माध्यम से लोगों से सड़क पर सावधानी बरतने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश था— “सड़क सुरक्षा — जीवन रक्षा।” शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और जिम्मेदारी से वाहन चलाना केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान बचाने का तरीका है।
निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता में बच्चों ने लिया भाग
DAV पब्लिक स्कूल, शिवहर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने निबंध और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
बच्चों ने अपने लेखों और नारों के जरिए बताया कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने हेलमेट के इस्तेमाल, सीट बेल्ट लगाने और यातायात संकेतों का पालन करने जैसे जरूरी विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क सुरक्षा की आदतें कम उम्र से ही विकसित होनी चाहिए। बच्चे जब इन नियमों को समझेंगे, तो वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकेंगे।
हेलमेट और सीट बेल्ट से जुड़ी जरूरी बातें समझाईं
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात के सामान्य नियमों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
सड़क पार करते समय सावधानी बरतना, यातायात संकेतों पर ध्यान देना और चलते वाहन से लापरवाही नहीं करना भी सड़क सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इन आदतों को अपनाकर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि सड़क पर सुरक्षित व्यवहार केवल चालक की जिम्मेदारी नहीं है। पैदल चलने वालों और यात्रियों को भी नियमों का पालन करना चाहिए।
सूरज भारद्वाज ने बताया, दुर्घटना में घायल की मदद करना जरूरी
इस अवसर पर विद्यालय के सीसीए प्रभारी सूरज भारद्वाज ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और जिम्मेदारी से भी जुड़ी है।
उन्होंने समझाया कि यदि सड़क पर कोई दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति की सहायता करना हमारा मानवीय कर्तव्य है। समय पर प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस की मदद मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।
इस संदेश के जरिए बच्चों को संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। सड़क दुर्घटना के बाद जरूरतमंद की मदद करना और आपातकालीन सहायता तक पहुंचाने में सहयोग देना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
प्रधानाचार्य रणधीर सिंह की अभिभावकों से खास अपील
विद्यालय के प्रधानाचार्य रणधीर सिंह ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर कहा कि बच्चों को कम उम्र में दोपहिया वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में सामान्य मोटर वाहन चलाने के लिए निर्धारित आयु, वाहन श्रेणी से जुड़े नियम और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की शर्तों का पालन जरूरी है। सामान्य निजी कार और मोटरसाइकिल जैसे गैर-परिवहन वाहनों के लिए आम तौर पर न्यूनतम आयु 18 वर्ष होती है। कुछ सीमित श्रेणियों के वाहनों के लिए कानून में अलग प्रावधान हैं।
प्रधानाचार्य ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और जिम्मेदारी से वाहन चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आपकी सावधानी आपके परिवार की सुरक्षा है। सड़क पर नियमों का पालन करें, दूसरों के जीवन का सम्मान करें और जरूरतमंद की सहायता करके इंसानियत का परिचय दें।”
उनकी अपील का उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी यातायात सुरक्षा के प्रति गंभीर बनाना था।
शिक्षक और कर्मचारियों ने भी बढ़ाया जागरूकता अभियान
इस कार्यक्रम में विद्यालय के वरीय शिक्षक आशीष लाभ और राकेश रंजन सहित सुश्री रूपा कुमारी, विकास कुमार, अभिनय मिश्रा, आनंद प्रकाश सिंह, प्रमोद कुमार, सुश्री प्रियंका कुमारी, सुश्री वीणा कुमारी, विद्यानंद कुमार, सुश्री मनीषा कुमारी, विजय कुमार, नीरज कुमार, सुश्री रागिनी ठाकुर, देवव्रत सरकार, सुधांशु कुमार, सतीश कुमार, कमलेश कुमार सिंह, कुणाल कुमार, संजीव कुमार, कौस्तुभ झा, सुश्री साध्वी श्री, सुश्री प्रियंका यादव, मनोज कुमार और दिव्य अविनाश सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी ने सड़क सुरक्षा कार्यक्रम की सराहना की और बच्चों को इसके संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय ने इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सुरक्षित व्यवहार विकसित करने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा के लिए हर व्यक्ति को क्या करना चाहिए?
सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कुछ बुनियादी आदतें अपनाना जरूरी है।
दोपहिया वाहन चलाते समय निर्धारित मानकों वाला हेलमेट पहनें।
कार में चालक और यात्रियों के लिए सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।
यातायात संकेतों और गति सीमा का पालन करें।
नाबालिग बच्चों को नियमों के विरुद्ध मोटर वाहन न चलाने दें।
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर अनदेखा न करें; सुरक्षित तरीके से आपातकालीन सहायता बुलाएं।
DAV पब्लिक स्कूल, शिवहर का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इसका संदेश स्पष्ट है—सड़क पर सावधानी, नियमों का पालन और जरूरतमंद की मदद, तीनों मिलकर सुरक्षित और जिम्मेदार समाज बनाने में योगदान देते हैं।
