बिहार में मिलावटी मिठाई-पनीर पर बड़ा एक्शन, मंत्री निशांत सख्त
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बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत खराब मिठाई, मिलावटी पनीर, एक्सपायरी दूध और असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाए। खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान पटना समेत कई जिलों में होटल, मिठाई दुकानों, डेयरी, फास्ट फूड आउटलेट और पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की जांच की गई।
विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यभर में अब तक 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितताएं मिलने पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान कई जगहों से खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई।
पटना में खराब मिठाई, पनीर और एक्सपायरी दूध जब्त
खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने पटना में होटल, रेस्तरां, मिठाई दुकानों, डेयरी, फास्ट फूड सेंटर, पैकेज्ड पेयजल इकाइयों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री बेचने वाले स्टोरों की जांच की। इस दौरान दुर्गंधयुक्त मिठाई, खराब पनीर, एक्सपायरी दूध और अन्य असुरक्षित खाद्य पदार्थ मिले।
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पटना जिले में करीब 15,340 लीटर पैकेज्ड पेयजल, 3,456 किलोग्राम मिल्क केक, 155 किलोग्राम गुलाब जामुन, 96 किलोग्राम रसगुल्ला और 170 किलोग्राम मिश्रित मिठाई एवं पनीर समेत अन्य खाद्य सामग्री पर कार्रवाई की गई।
विजय नगर स्थित संतोष स्वीट्स से 3,344 किलोग्राम मिल्क केक और 112 किलोग्राम पेड़ा जब्त किए जाने का विवरण सामने आया है। इनकी अनुमानित कीमत 5.24 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, हनुमान नगर स्थित गोवर्धन स्वीट्स में 170 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त मिठाई और पनीर पर कार्रवाई की गई।
शांतिलाल स्वीट्स, शालीमार स्वीट्स और लड्डू गोपाल स्वीट्स समेत अन्य दुकानों में भी साफ-सफाई, पैकिंग और खाद्य पदार्थों के भंडारण में कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए।
बिना लाइसेंस चल रही पानी की इकाइयों पर भी कार्रवाई
पटना के संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में पैकेज्ड पेयजल बनाने वाली इकाइयों की जांच की गई। कुछ इकाइयों में वैध खाद्य लाइसेंस के बिना पानी की पैकेजिंग और विभिन्न ब्रांडों के लेबल इस्तेमाल करने से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं।
महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर समेत अन्य इकाइयों में गड़बड़ियां मिलने पर विभाग ने कार्रवाई की। संबंधित इकाइयों का संचालन बंद कराने और खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।
विभाग का कहना है कि खाद्य कारोबारियों को वैध लाइसेंस, सुरक्षित भंडारण, साफ पैकिंग और स्वच्छता के नियमों का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़े होटल, KFC और पिज्जा हट भी जांच के दायरे में
खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना के होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एग्जॉटिका, द पनाश और होटल मौर्या समेत कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान रसोई की सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता से संबंधित कमियां सामने आईं।
कुछ जगहों पर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया।
21 अक्टूबर को KFC, बारबेक्यू नेशन और पिज्जा हट के विभिन्न आउटलेट की भी जांच की गई। बुद्ध मार्ग स्थित बारबेक्यू नेशन में 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर और चार किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट किए गए। इसके अलावा 15 किलोग्राम पैक्ड चिकन के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।
फ्रेजर रोड स्थित बारबेक्यू नेशन में ब्रेड के पैकेट में कीड़े और 20 लीटर जला हुआ तेल मिलने पर कार्रवाई हुई। बोरिंग कैनाल रोड स्थित KFC में औद्योगिक उपयोग के 835 प्लास्टिक गिलासों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।
22 अक्टूबर को ब्लिंकिट स्टोर से 40 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध जब्त कर नष्ट किया गया। एसके नगर स्थित 9 टू 9 स्टोर से 120 लीटर एक्सपायरी घी, 49 किलोग्राम आटा, छह किलोग्राम मसाले और 49 किलोग्राम मैदा भी जब्त कर नष्ट कराए गए।
वैशाली, मुजफ्फरपुर और चंपारण में क्या कार्रवाई हुई?
पटना के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई। वैशाली जिले में बिना वैध लाइसेंस संचालित इकाइयों से 22,992 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया। बिदुपुर प्रखंड के दो प्रतिष्ठानों से 328 किलोग्राम मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 85,280 रुपये बताई गई है।
मुजफ्फरपुर में 105 किलोग्राम पनीर, 22 किलोग्राम गुलाब जामुन और 12 किलोग्राम डोडा मिठाई पर कार्रवाई की गई। शिवहर में पनीर, एक्सपायरी दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच हुई। समस्तीपुर में 21 लीटर एक्सपायरी दूध और 18 किलोग्राम पनीर पर कार्रवाई की गई।
पश्चिम चंपारण में 72 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया गया। सीवान और गोपालगंज में एक्सपायरी सॉस तथा अन्य पेय पदार्थों पर कार्रवाई हुई। मुंगेर, पूर्णिया और मधेपुरा में खराब मिठाई, केक और बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल को नष्ट कराया गया। रोहतास और कैमूर में खराब पिज्जा और बेकरी उत्पादों पर भी कार्रवाई की गई।
वैशाली के हाजीपुर में एक होटल की रसोई अस्वच्छ मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने और संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई भी रिपोर्ट में दर्ज है।
तीन महीने में कितने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई?
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26 और वैशाली में 24 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। मुजफ्फरपुर में 20, भागलपुर और पश्चिम चंपारण में 18-18 तथा पूर्णिया में 16 प्रतिष्ठानों की जांच हुई।
समस्तीपुर और भोजपुर में 15-15, दरभंगा और पूर्वी चंपारण में 14-14 तथा अरवल और कैमूर में 13-13 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण दर्ज है। रिपोर्ट में किशनगंज और नवादा में एक-एक प्रतिष्ठान की जांच बताई गई है, जबकि शेखपुरा और शिवहर में निरीक्षण की संख्या शून्य दर्ज है।
ये आंकड़े विभाग की रिपोर्ट में दिए गए निरीक्षणों का विवरण हैं। इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि जिन जिलों में कम जांच हुई, वहां खाद्य सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं नहीं हैं।
नियम तोड़ने वाले कारोबारियों पर क्या होगी कार्रवाई?
खाद्य संरक्षा विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को उन्हें दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस दिया जा रहा है। अब तक दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 15 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।
अभियान को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों का प्रशिक्षण दिया गया है। सभी जिलों में निरीक्षण दल गठित करने और जांच व कार्रवाई की रिपोर्ट FoSCoS पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत से समझौता नहीं करने का संदेश दिया है। ऐसे में होटल, मिठाई दुकान, डेयरी और पैकेज्ड खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों की जांच आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बात: दूध, मिठाई, पनीर या पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय एक्सपायरी तारीख, पैकिंग की स्थिति और साफ-सफाई जरूर देखें। किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसका सेवन न करें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत दें।
