10 हजार की रिश्वत लेते ओवरसियर गिरफ्तार, CBI ट्रैप में फंसा
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के भोजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई की है। भोजपुर रिश्वत कांड में आरा हेड पोस्ट ऑफिस के ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। भोजपुर रिश्वत कांड में सीबीआई ने आरोपी को उसके सरकारी आवास से पकड़ा, जहां वह एक ग्रामीण डाक सेवक से कथित तौर पर रिश्वत ले रहा था।
मामला सामने आने के बाद डाक विभाग से जुड़े कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। सीबीआई ने शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
ग्रामीण डाक सेवक से मांगी गई थी 10 हजार रुपये की रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, मामला उदवंतनगर प्रखंड के छोटी सासाराम स्थित उप डाकघर से जुड़ा है। यहां कार्यरत एक ग्रामीण डाक सेवक ने ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सरकारी काम कराने और संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कराने के बदले उससे 10 हजार रुपये मांगे जा रहे थे।
लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर ग्रामीण डाक सेवक ने सीबीआई से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने पहले मामले की प्राथमिक जांच की और शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन कराया।
शिकायत के बाद CBI ने तैयार किया पूरा ट्रैप
शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके लिए शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपी के पास भेजने की योजना बनाई गई।
रविवार को शिकायतकर्ता आरा स्थित आरोपी के सरकारी आवास पर पहुंचा। वहां उसने ओवरसियर को 10 हजार रुपये सौंपे।
जैसे ही रिश्वत की रकम देने की प्रक्रिया पूरी हुई, निगरानी कर रही सीबीआई टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी।
टीम को देखते ही आरोपी ने फेंक दिए रुपये
सीबीआई टीम को अपनी ओर आते देखकर आरोपी घबरा गया। कार्रवाई से बचने की कोशिश में उसने कथित तौर पर रिश्वत के 10 हजार रुपये बाहर फेंक दिए।
हालांकि, मौके पर मौजूद जांच अधिकारियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। टीम ने फेंकी गई रकम भी बरामद कर ली।
इस तरह आरोपी को कथित रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम पहले से निगरानी कर रही थी, जिससे आरोपी को भागने या रकम छिपाने का मौका नहीं मिला।
सरकारी आवास में हुई गिरफ्तारी से बढ़ी चर्चा
इस मामले की खास बात यह है कि सीबीआई ने आरोपी को किसी कार्यालय से नहीं, बल्कि आरा स्थित उसके सरकारी आवास से पकड़ा।
जानकारी के अनुसार, पुरुषोत्तम कुमार का प्रमोशन होने के बाद अरवल जिले में तबादला हो चुका था। इसके बावजूद वह आरा में रह रहा था।
सीबीआई ने इसी सरकारी आवास को ट्रैप कार्रवाई का स्थान बनाया। कार्रवाई के बाद डाक विभाग से जुड़े लोगों के बीच मामला चर्चा का विषय बन गया।
फाइल पर हस्ताक्षर के बदले रिश्वत का आरोप
पूरे मामले में शिकायतकर्ता ग्रामीण डाक सेवक है। आरोप है कि उसके सरकारी काम और फाइल पर हस्ताक्षर से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई थी।
भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियां शिकायत मिलने के बाद पहले आरोपों की पुष्टि करती हैं और उसके बाद ट्रैप कार्रवाई करती हैं। इस मामले में भी सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ही कार्रवाई की।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रिश्वत मामले से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।
आगे की जांच में सामने आएंगे कई सवालों के जवाब
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप, रकम के लेन-देन और संबंधित सरकारी काम से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आरोपी के खिलाफ इससे पहले किसी तरह की शिकायत या विभागीय कार्रवाई हुई थी या नहीं। इन पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई ने यह जरूर दिखाया है कि शिकायत के आधार पर जांच एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन किया और कथित रिश्वत की रकम के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया।
भोजपुर की कार्रवाई से क्या संदेश?
भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई जांच एजेंसियों की प्रमुख कार्रवाई में शामिल होती है। ऐसे मामलों में रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों की जांच सबूतों के आधार पर की जाती है।
भोजपुर के इस मामले में भी सीबीआई ने शिकायत, सत्यापन और ट्रैप कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी की है। अब मामले की अगली दिशा जांच और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।
फिलहाल 10 हजार रुपये रिश्वत मामले में ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार की गिरफ्तारी भोजपुर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। सीबीआई की आगे की जांच से मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
