बेतिया में दारोगा की लव मैरिज पर बवाल, पत्नी को घर से निकाला
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बेतिया में दारोगा की लव मैरिज को लेकर शनिवार को जमकर विवाद हो गया। दारोगा की लव मैरिज से नाराज परिजनों पर पत्नी को घर से बाहर निकालने का आरोप लगा, जिसके बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। मामला बेतिया के शिकारपुर थाना क्षेत्र के तुमकड़िया गांव का है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
घटना 3 अक्टूबर 2026 को सामने आई। दारोगा के परिवार में चल रहे पारिवारिक विवाद के बीच महिला को घर से बाहर निकाले जाने के बाद गांव में हंगामा शुरू हो गया। पुलिस की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई।
थावे मंदिर में हुई थी प्रेम विवाह
जानकारी के अनुसार, तुमकड़िया गांव निवासी लक्ष्मण दिवाकर सिवान जिले के बसंतपुर थाना में दारोगा के पद पर तैनात हैं। बताया गया कि उन्होंने वर्ष 2025 में अपने ही गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था।
दोनों ने गोपालगंज स्थित थावे मंदिर में शादी की थी। शादी के बाद दारोगा अपनी पत्नी को कभी गोपालगंज तो कभी बेतिया में रखते थे। शुरुआत में दोनों के बीच स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में परिवार में शादी को लेकर मतभेद बढ़ने लगे।
महिला पक्ष का आरोप है कि दारोगा के परिजनों ने इस शादी को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। इसी वजह से समय के साथ पारिवारिक विवाद बढ़ता चला गया।
पत्नी को घर से निकालने पर जुटे ग्रामीण
विवाद उस समय बढ़ गया जब दारोगा घर पहुंचे और उनकी पत्नी भी उनके साथ घर आईं। आरोप है कि परिवार के लोगों ने महिला का विरोध किया और बाद में उसे घर से बाहर निकाल दिया।
महिला को घर से बाहर किए जाने की जानकारी गांव में फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मामला हंगामे में बदल गया।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि दोनों ने शादी की है तो महिला के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। वहीं, परिवार की ओर से शादी को लेकर पारिवारिक असहमति और मतभेद की बात सामने आई।
कहासुनी के बाद बढ़ा तनाव
महिला को घर से बाहर किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई। भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति तनावपूर्ण होने लगी।
स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी शिकारपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुमकड़िया गांव पहुंची और मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराया।
पुलिस ने पहले स्थिति को नियंत्रित किया और इसके बाद महिला तथा दारोगा के परिजनों से अलग-अलग बातचीत की। दोनों पक्षों को पूरे मामले में कानून और आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की समझाइश दी गई।
पुलिस की समझाइश के बाद हुआ समझौता
काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दारोगा के परिजन महिला को घर में रखने के लिए तैयार हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण भी धीरे-धीरे वहां से हट गए और स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मौके पर बढ़ रहे तनाव को नियंत्रित करना और विवाद को आगे बढ़ने से रोकना था।
थानाध्यक्ष ने क्या बताया?
शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया।
थानाध्यक्ष के अनुसार, फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यदि भविष्य में किसी पक्ष की ओर से शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
फिलहाल नहीं हुई कोई कानूनी शिकायत
मामले में फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण पुलिस ने कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कदम उठाया जाएगा।
घटना ने एक बार फिर पारिवारिक सहमति, प्रेम विवाह और वैवाहिक रिश्तों से जुड़े विवादों को लेकर गांवों में पैदा होने वाली सामाजिक परिस्थितियों को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत बताया जा रहा है।
