UP Politics: 2027 से पहले BJP का बड़ा दांव, नितिन नवीन का यूपी दौरा शुरू

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उत्तर प्रदेश में मिशन-2027 को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मिशन-2027 की तैयारियों के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान उनका फोकस संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर की तैयारियों और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद पर रहेगा। भाजपा के प्रदेश संगठन में हालिया बदलावों के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा महत्वपूर्ण संगठनात्मक गतिविधि के रूप में सामने आया है। पार्टी ने 19 सितंबर को प्रदेश के सांगठनिक जिलों और महानगरों के लिए नए प्रभारियों की घोषणा की थी।

मेरठ से शुरू होगा नितिन नवीन का दौरा

नितिन नवीन 21 सितंबर को मेरठ में रहेंगे। यहां युवा संवाद कार्यक्रम के साथ शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठकें भी प्रस्तावित हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पश्चिमी यूपी के करीब पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल स्तर के पदाधिकारियों से संवाद की तैयारी है। इन बैठकों में बूथ स्तर की स्थिति, संगठन की सक्रियता और आगामी चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इस संवाद का एक अहम पहलू जमीनी फीडबैक भी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए क्षेत्र की समस्याओं, संगठन की चुनौतियों और जनता से जुड़े मुद्दों की जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।

बूथ से जिला स्तर तक संगठन पर नजर

पश्चिमी यूपी में भाजपा का संगठन कई स्तरों पर काम करता है। इनमें बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर की इकाइयां शामिल हैं। नितिन नवीन के दौरे में इन सभी स्तरों की सक्रियता और आपसी समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी की ओर से हाल में सांगठनिक जिलों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा नए संगठनात्मक ढांचे की कार्यप्रणाली को समझने और क्षेत्रीय पदाधिकारियों से फीडबैक लेने का अवसर भी माना जा रहा है। बैठकों में कार्यकर्ताओं की भूमिका, बूथ स्तर पर संपर्क, पार्टी कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने और संगठन को लगातार सक्रिय रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।

5 हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद

मेरठ में होने वाला शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन इस दौरे का प्रमुख कार्यक्रम है। अलग-अलग रिपोर्टों में इसमें करीब 4,800 से 5,000 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी की जानकारी दी गई है। शक्ति केंद्र स्तर का नेटवर्क भाजपा की जमीनी संगठनात्मक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इस सम्मेलन में मिलने वाला फीडबैक पार्टी के लिए स्थानीय स्तर की तैयारियों को समझने का एक माध्यम होगा। युवा संवाद भी दौरे का हिस्सा है। इससे भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी और उनसे जुड़े स्थानीय मुद्दों पर बातचीत का अवसर मिलेगा।

22 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेंगे नितिन नवीन

दौरे के दूसरे दिन 22 सितंबर को नितिन नवीन सहारनपुर जाएंगे। यहां मां शाकंभरी देवी के दर्शन के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें प्रस्तावित हैं। सहारनपुर में पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व पदाधिकारियों से भी संवाद का कार्यक्रम बताया गया है। इसके जरिए मौजूदा संगठन के साथ पुराने नेताओं के अनुभव और क्षेत्रीय फीडबैक को चर्चा में शामिल करने की कोशिश होगी। सहारनपुर क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी पार्टी पदाधिकारियों से जानकारी ली जा सकती है।

पश्चिमी यूपी पर क्यों है खास फोकस?

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मेरठ और सहारनपुर दौरा भी इसी व्यापक संगठनात्मक कवायद का हिस्सा है। पश्चिमी यूपी में किसानों, गन्ना, सामाजिक समीकरण और स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषय राजनीतिक गतिविधियों में अहम रहे हैं। ऐसे में जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों के लिए उपयोगी हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार पश्चिमी यूपी में 71 विधानसभा सीटों वाला चुनावी क्षेत्र पार्टी की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नितिन नवीन के दौरे में संगठन की स्थिति और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा इसी व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ में होगी।

मिशन-2027 के लिए संगठन को सक्रिय करने की कवायद

नितिन नवीन का दो दिवसीय दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भाजपा उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से सक्रिय करने पर जोर दे रही है। नए जिला प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब राष्ट्रीय नेतृत्व का जमीनी स्तर पर संवाद इस प्रक्रिया की अगली कड़ी है। मेरठ और सहारनपुर की बैठकों से पार्टी नेतृत्व को बूथ से जिला स्तर तक संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय फीडबैक की जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल यह दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक समीक्षा और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ा है। आने वाले महीनों में इन बैठकों से मिले फीडबैक के आधार पर भाजपा की क्षेत्रीय गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। 

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