महंगाई पर तेजस्वी का बड़ा हमला, बोले- ‘डायन’ को अब ‘महारानी’ मानकर चिपकी सरकार

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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने महंगाई को आम लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं में बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियों से गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण दाल, चीनी, तेल, गैस और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। तेजस्वी यादव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरजेडी बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

‘महंगाई को डायन कहने वाले अब महारानी से चिपके हैं’

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले महंगाई को ‘डायन’ बताते थे, वे अब उसी महंगाई को ‘महारानी’ समझकर उससे चिपके हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई गंभीर समस्या बन गई है। तेजस्वी ने कहा कि खाद्य पदार्थों के साथ पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, बिजली और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे किसानों और आम परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। आरजेडी नेता के अनुसार, लगातार बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने सरकार की नीतियों को पूंजीपरस्त बताते हुए आरोप लगाया कि इसका सबसे अधिक बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है।

दाल, तेल और चीनी से लेकर गैस तक महंगाई पर सवाल

तेजस्वी यादव ने रोजमर्रा के सामान की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल, दाल, चीनी, आलू, प्याज और टमाटर जैसी जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं और अब खाना पकाने का खर्च भी बढ़ गया है। रसोई गैस की कीमत को लेकर भी तेजस्वी ने सरकार पर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 2014 में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत करीब 384 रुपये थी और उस समय महंगाई को लेकर सरकार में शामिल मौजूदा राजनीतिक दलों के नेता प्रदर्शन करते थे। उन्होंने वर्तमान गैस कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को गांव-गांव जाकर लोगों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, ईंधन और एलपीजी की कीमतें समय, क्षेत्र, टैक्स तथा सरकारी सब्सिडी के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक बयान में रसोई गैस की कीमत करीब 1100 रुपये होने का उल्लेख किया।

उज्ज्वला योजना पर भी तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल नेताओं ने इस योजना का बड़े स्तर पर प्रचार किया, लेकिन अब सरकार को गांवों में जाकर इसकी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि कई गरीब परिवारों के घरों में गैस सिलेंडर खाली पड़े हैं और महंगे रिफिल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक आरोप है। उन्होंने सरकार से इस योजना की जमीनी स्थिति की समीक्षा करने और लोगों के सामने वास्तविक तस्वीर रखने की मांग की। उनके अनुसार, गैस कनेक्शन मिलने के बाद भी अगर परिवार नियमित रूप से रिफिल नहीं करा पा रहे हैं तो इससे योजना के वास्तविक लाभ पर चर्चा जरूरी हो जाती है।

‘गरीबों को लूटकर अमीरों को मालामाल करने’ का आरोप

तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों पर आर्थिक नीतियों को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां गरीब और मध्यम वर्ग की तुलना में अमीरों को अधिक फायदा पहुंचा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चौतरफा बढ़ती महंगाई से आम आदमी की जेब पर लगातार दबाव पड़ रहा है। किसानों के लिए खाद-बीज की कीमत, घरों के लिए बिजली और गैस का खर्च तथा बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि आम लोगों के लिए महंगाई केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

बेरोजगारी और गरीबी के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान

अपने पोस्ट के अंत में तेजस्वी यादव ने कहा कि आरजेडी महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और भुखमरी जैसे मुद्दों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। बिहार की राजनीति में महंगाई और बेरोजगारी लगातार अहम मुद्दे बने हुए हैं। विपक्ष जहां सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करता रहा है। तेजस्वी यादव के ताजा बयान के बाद महंगाई का मुद्दा एक बार फिर बिहार की राजनीतिक बहस में प्रमुखता से आ गया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर एनडीए की प्रतिक्रिया और राजनीतिक तकरार भी देखने को मिल सकती है।

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