Bihar MLC Election: अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, अनुज कुमार को समर्थन का ऐलान
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार में Bihar MLC Election को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव से पहले Bihar MLC Election में पटना स्नातक सीट सबसे ज्यादा चर्चा में आ गई है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार का समर्थन करने के बजाय अनुज कुमार के पक्ष में खुलकर उतरने का ऐलान किया है। अनंत सिंह के इस बयान के बाद पटना स्नातक सीट का मुकाबला राजनीतिक रूप से और दिलचस्प हो गया है। खास बात यह है कि नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें अपने ही राजनीतिक खेमे के एक प्रभावशाली नेता के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
16 नवंबर को खत्म होगा आठ एमएलसी का कार्यकाल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल इसी साल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी की सीटों पर चुनाव होना है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, सारण, तिरहुत और दरभंगा की सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से अभी विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले ही संभावित उम्मीदवारों और नेताओं की सक्रियता बढ़ने लगी है।
बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे अनंत सिंह ने किया बड़ा ऐलान
अनंत सिंह बाढ़ के बेढना गांव में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पटना स्नातक सीट को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट कर दी। अनंत सिंह ने कहा कि वे इस सीट पर अनुज कुमार का समर्थन करेंगे और उनकी जीत के लिए काम करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी 26 विधानसभा सीटों के लोग उनके साथ हैं। उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में चुनाव से पहले अनंत सिंह का खुला समर्थन किसी दूसरे नेता को मिलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
नीरज कुमार का साथ क्यों नहीं? अनंत सिंह ने दिया सीधा जवाब
मीडिया ने जब अनंत सिंह से पूछा कि वे अपनी पार्टी के नेता नीरज कुमार का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो उनके साथ खड़ा नहीं रहता, वे भी उसका साथ नहीं देंगे। इस बयान के जरिए अनंत सिंह ने दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेद की ओर इशारा किया। नीरज कुमार और अनंत सिंह दोनों का राजनीतिक प्रभाव मोकामा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। नीरज कुमार पटना स्नातक सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में उनकी गिनती होती है। लेकिन इस बार अनंत सिंह के विरोध ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा और चुनावी कार्यक्रम सामने आने के बाद ही साफ होगी।
2015 के चुनाव से जुड़ी है दोनों नेताओं की पुरानी सियासी खींचतान
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक टकराव कोई नई बात नहीं है। दोनों नेताओं के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता मोकामा विधानसभा चुनाव से भी जुड़ी रही है। साल 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू और आरजेडी के गठबंधन की ओर से नीरज कुमार को मोकामा से उम्मीदवार बनाया गया था। उस समय अनंत सिंह ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उस चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को 18 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। इसके बाद दोनों नेताओं के राजनीतिक रिश्तों में खटास लगातार बनी रही। बाद के वर्षों में जब अनंत सिंह ने जेल से मोकामा सीट की दावेदारी की, तब नीरज कुमार ने भी उनका खुलकर विरोध किया था। यही पुरानी राजनीतिक खींचतान अब पटना स्नातक सीट के चुनाव से पहले एक बार फिर सामने आती दिख रही है।
कौन हैं अनुज कुमार, जिनके समर्थन में उतरे अनंत सिंह?
अनंत सिंह जिस अनुज कुमार के समर्थन में उतरने का ऐलान कर रहे हैं, वे पहले जन सुराज पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2025 का विधानसभा चुनाव नवादा सीट से लड़ा था। डॉ. अनुज कुमार पेशे से शिक्षाविद हैं और निजी स्कूल का संचालन करते हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में रहती है। उन्होंने भूगोल विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल की है। अब अनंत सिंह के समर्थन के ऐलान के बाद उनका नाम पटना स्नातक सीट की राजनीतिक चर्चा में प्रमुखता से सामने आया है। हालांकि चुनावी मैदान में कौन-कौन उम्मीदवार उतरेंगे और किसे किस दल का आधिकारिक समर्थन मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अनंत सिंह के समर्थन से अनुज कुमार की चुनावी दावेदारी को मजबूती मिलने की चर्चा जरूर शुरू हो गई है, लेकिन वास्तविक चुनावी ताकत मतदाता सूची, उम्मीदवारों और प्रचार अभियान पर निर्भर करेगी।
किन आठ विधान परिषद सीटों पर होना है चुनाव?
नवंबर 2026 में जिन आठ विधान परिषद सीटों के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:
पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:
पटना, सारण, तिरहुत और दरभंगा।
इन सभी सीटों पर चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद तय होगा। तारीखों के ऐलान के साथ ही नामांकन, प्रचार और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर पटना स्नातक सीट पर रहेगी, जहां नीरज कुमार की संभावित दावेदारी और अनुज कुमार के समर्थन में अनंत सिंह का खुला ऐलान चुनाव से पहले सियासी समीकरणों को नया मोड़ दे सकता है।