तेज प्रताप यादव को मिली जान से मारने की धमकी, मांगी सुरक्षा
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल पर लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के DGP और गृह सचिव को पत्र लिखकर तत्काल पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज कराने की भी जानकारी दी है।
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पत्र की जानकारी साझा करते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।
अमित शाह और बिहार DGP को लिखा पत्र
तेज प्रताप यादव ने बताया कि उन्होंने 9 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के DGP और बिहार के गृह सचिव को पत्र भेजकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, मोबाइल फोन पर बार-बार फोन कॉल के जरिए धमकी दी जा रही है।
तेज प्रताप ने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
सचिवालय थाने में FIR भी दर्ज
धमकी मिलने के मामले में तेज प्रताप यादव ने कानूनी कदम भी उठाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पटना के सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अब पुलिस के सामने धमकी देने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करना अहम चुनौती है। इसके लिए फोन कॉल से जुड़े तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
तेज प्रताप ने सरकार से मांग की है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है।
केंद्र और बिहार सरकार से तत्काल सुरक्षा की मांग
तेज प्रताप यादव ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से अपनी सुरक्षा तत्काल बढ़ाने की मांग की है।
उनका कहना है कि लगातार धमकियां मिलने के कारण उनकी जान को गंभीर खतरा है। ऐसे में उन्होंने सरकार से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ मामले में कार्रवाई की अपील की है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और बिहार सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी और धमकी देने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तेज प्रताप बिहार की राजनीति में सक्रिय प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
तेज प्रताप यादव का कहना है कि उन्हें इससे पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर वह पहले भी सरकार से संपर्क कर चुके हैं।
हालांकि, मौजूदा मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाले कौन हैं और उनके पीछे क्या वजह है।
लगातार धमकी मिलने का दावा सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जाना महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर तेज प्रताप ने दी जानकारी
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा की मांग से जुड़े पत्र को सार्वजनिक करते हुए कहा कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल मिल रहे हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और पुलिस जांच से प्राप्त तथ्यों के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। धमकी की प्रकृति, कॉल करने वाले की पहचान और घटना के पीछे की वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कौन हैं तेज प्रताप यादव?
तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं। वह बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
वर्तमान में वह जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक बयानों के कारण वह अक्सर चर्चा में रहते हैं।
ऐसे में उन्हें मिली कथित धमकी का मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
तेज प्रताप यादव की ओर से FIR दर्ज कराने और सरकार से सुरक्षा मांगने के बाद अब मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
जांच एजेंसियां धमकी भरे फोन की जानकारी, संबंधित नंबरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती हैं। इसके आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
साथ ही, सरकार की ओर से तेज प्रताप यादव की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।
