बेतिया में जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का खुलासा, CO समेत कई पर गिरेगी गाज
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबेतिया के बैरिया अंचल कार्यालय में जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जमीन रिकॉर्ड में कथित बदलाव की शिकायत कई लोगों ने की है। ऑनलाइन दस्तावेज देखने के बाद कुछ पर्चाधारियों को अपने और परिजनों के नाम से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी का पता चला। मामले में बैरिया पुलिस थाने में शिकायत भी दी गई है। बैरिया के अंचलाधिकारी अजय कुमार ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की शिकायतों की पुष्टि करते हुए कहा है कि जांच में कुछ मामलों में आरोप सही पाए गए हैं।
मामले के सामने आने के बाद अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CO ने कहा है कि अनियमितता में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी और प्रभावित रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जाएगा।
ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने पर सामने आई गड़बड़ी
बैरिया अंचल कार्यालय में जमीन से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान कुछ लोगों ने ऑनलाइन अपने दस्तावेजों की जांच की तो कथित गड़बड़ियां सामने आईं।
पीड़ितों में शामिल बिट्टू कुमार और सुरेश प्रसाद ने बैरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दोनों ने अपने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया है।
सुरेश प्रसाद के आवेदन के अनुसार, ऑनलाइन दस्तावेज देखने पर उन्हें पता चला कि उनके पिता के नाम से जुड़े रिकॉर्ड में कथित तौर पर बदलाव किया गया है। बिट्टू कुमार ने भी अपने दस्तावेजों में इसी तरह की छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
इन शिकायतों के बाद मामला केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड की गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहा। अब अंचल कार्यालय में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
नजीर और स्कैनर ऑपरेटर की भूमिका पर सवाल
शिकायतों में रिकॉर्ड तैयार करने और स्कैनिंग प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नजीर और स्कैनर ऑपरेटर की भूमिका की जांच की जा रही है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर और किसके निर्देश पर किया गया। पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मूल कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड में अंतर कैसे आया। यदि किसी रिकॉर्ड में जानबूझकर बदलाव किया गया है, तो उसके पीछे की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सकती है।
CO अजय कुमार ने क्या कहा?
बैरिया के सर्कल ऑफिसर अजय कुमार ने रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की शिकायतों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने के लिए एक एजेंसी को काम सौंपा गया है।
उनके मुताबिक, कुछ पर्चाधारियों ने लिखित शिकायत देकर अपने रिकॉर्ड में बदलाव की बात कही थी। शिकायतों की जांच के दौरान कुछ मामलों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
CO ने बताया कि प्रभावित रिकॉर्ड को तत्काल अपनी कस्टडी में लिया गया है, ताकि उनमें आगे किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जानकारी बेतिया के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह और ADM को औपचारिक रूप से दी जा रही है।
दोषियों की पहचान कर FIR की तैयारी
CO अजय कुमार के अनुसार, रिकॉर्ड में अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी। जांच में भूमिका सामने आने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही गई है।
प्रशासन का फोकस अब दो प्रमुख बिंदुओं पर है। पहला, रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुआ और दूसरा, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
साथ ही जिन जमीन रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ हुई है, उन्हें मूल स्थिति के अनुसार ठीक करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इससे प्रभावित लोगों के दस्तावेजों को दोबारा सही कराने का रास्ता साफ हो सकता है।
अंचल कार्यालय में पहले से लंबित हैं कई काम
रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का मामला ऐसे समय सामने आया है जब बैरिया अंचल कार्यालय में कई तरह के काम लंबित होने को लेकर लोगों में नाराजगी की बात कही जा रही है।
बताया गया है कि जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड में सुधार यानी परिमार्जन और म्यूटेशन से जुड़े कई आवेदन प्रक्रिया में अटके हुए हैं।
इन कामों में देरी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने से अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।
हालांकि, लंबित आवेदनों की वास्तविक संख्या और उनके पीछे की वजह को लेकर विस्तृत आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस संबंध में अंतिम स्थिति प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जमीन मालिकों के लिए क्यों गंभीर है मामला?
भूमि रिकॉर्ड में किसी भी तरह का गलत बदलाव जमीन मालिकों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। नाम, खाता, खेसरा या अन्य विवरण में गलती होने पर भविष्य में जमीन के लेन-देन, उत्तराधिकार, म्यूटेशन और दूसरे प्रशासनिक काम प्रभावित हो सकते हैं।
इसी वजह से डिजिटल रिकॉर्ड में बदलाव की शिकायतों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मूल दस्तावेज और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान करने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
प्रभावित लोगों की शिकायत के बाद अब प्रशासन के सामने रिकॉर्ड की सुरक्षा और उन्हें सही कराने की चुनौती है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल बैरिया अंचल कार्यालय में जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के मामले की जांच जारी है। CO ने जिम्मेदार लोगों की पहचान और FIR की बात कही है, लेकिन अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
इस मामले में किसी व्यक्ति या कर्मचारी को दोषी ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। पुलिस और प्रशासनिक जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय होगी।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है, कितने रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं और प्रशासन उन्हें कितनी जल्दी दुरुस्त कराता है।
