SIR विवाद पर दिलीप जायसवाल का पलटवार, बोले- जनता का विश्वास जीतें
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार में SIR विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने SIR विवाद के बीच विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे शॉर्टकट के बजाय जनता का विश्वास जीतने पर ध्यान देना चाहिए। दिलीप जायसवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर अपना पक्ष रखा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं। 25 सितंबर को कांग्रेस ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
SIR विवाद पर क्या बोले दिलीप जायसवाल?
दिलीप जायसवाल ने विपक्ष से कहा कि उसे शॉर्टकट का रास्ता अपनाने के बजाय जनता का विश्वास हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। जायसवाल के मुताबिक, जनता का भरोसा हासिल करने का रास्ता जनसमर्थन और लोगों के बीच काम करने से होकर जाता है।
जायसवाल ने यह टिप्पणी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विरोध के बीच की है। उनके बयान का केंद्र विपक्ष की रणनीति और चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर था।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी चुनी हुई सरकार को रोकने का प्रयास उचित नहीं है। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है और इसे विपक्ष के बारे में उनके दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार को लेकर भी रखा अपना पक्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को लेकर सवाल पूछे जाने पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक संवैधानिक संस्था है और उसके समक्ष चल रही प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।
वहीं, उन्होंने चुनाव आयोग के पक्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अपने स्तर पर उठाए जा रहे सवालों को सार्वजनिक डोमेन में स्पष्ट किया है।
जायसवाल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के मुताबिक किसी निर्णय पर तीनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त हस्ताक्षर होते हैं। इस मुद्दे पर उनके बयान का उद्देश्य आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना था।
SIR को लेकर विवाद केवल बिहार तक सीमित नहीं है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन किए और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पटना समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
मीसा भारती के बयान पर भी दिया जवाब
दिलीप जायसवाल ने RJD सांसद मीसा भारती के प्रदर्शन से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने से पहले विपक्षी नेताओं को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि नेताओं को गांवों में जाकर लोगों के साथ समय बिताना चाहिए और उनकी परेशानियों को समझना चाहिए।
उन्होंने मीसा भारती के संदर्भ में कहा कि थाने के बाहर धरना देने के बजाय बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी मदद करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
यह बयान भी दिलीप जायसवाल की ओर से विपक्ष की कार्यशैली पर की गई राजनीतिक टिप्पणी है। विपक्ष की ओर से SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर लगातार अलग-अलग मंचों पर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
कांग्रेस के प्रदर्शन से बढ़ा SIR विवाद
SIR को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग से जुड़े कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पटना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
इसके अलावा बिहार में कांग्रेस और RJD ने भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किए। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों दलों ने SIR प्रक्रिया और चुनावी सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
CJP ने भी ज्ञानेश कुमार को दिया अल्टीमेटम
SIR विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो संगठन 2 अक्टूबर से मुंबई से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। इसके बाद आंदोलन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की बात कही गई है।
इस तरह SIR को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक तरफ विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के नेता आयोग का बचाव कर रहे हैं।
आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर
SIR विवाद अब चुनाव आयोग, राजनीतिक दलों और अदालत से जुड़े अलग-अलग स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिलीप जायसवाल ने जहां विपक्ष को जनता का विश्वास जीतने और शॉर्टकट से बचने की सलाह दी है, वहीं विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही, चुनाव आयोग की ओर से दी जाने वाली जानकारी और राजनीतिक दलों की अगली रणनीति इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
