समस्तीपुर में सांप के डसने से युवक की हालत गंभीर, इलाज और झाड़-फूंक एक साथ

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समस्तीपुर में सांप के डसने से युवक की हालत बिगड़ी

Samastipur News: समस्तीपुर सदर अस्पताल में सांप के डसने के बाद पहुंचे एक युवक का डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। समस्तीपुर में सांप के डसने से युवक की हालत बिगड़ने पर उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। समस्तीपुर में सांप के डसने के इस मामले में डॉक्टरों ने एंटी स्नेक वेनम की 20 सुई दीं, जिसके बाद युवक की हालत में सुधार होने लगा।

घटना खानपुर थाना क्षेत्र के इलमसनगर के पास की बताई जा रही है। यहां रहने वाले धनीलाल राम के 25 वर्षीय बेटे संजय कुमार राम को कथित तौर पर जहरीले सांप ने डस लिया था।

सांप के काटने के बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे बिना ज्यादा देर किए समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने गंभीर हालत में तुरंत शुरू किया इलाज

अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने युवक की स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों की टीम ने जांच और स्थिति के अनुसार एंटी स्नेक वेनम देना शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक, संजय को एंटी स्नेक वेनम की कुल 20 सुई दी गईं। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आने लगा और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी रहा।

सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलना महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर जहरीले सांप के काटने की आशंका में मरीज को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल ले जाना जरूरी होता है जहां उचित उपचार उपलब्ध हो।

अस्पताल में इलाज के साथ झाड़-फूंक भी

इस मामले में इलाज के साथ एक और वजह से भी अस्पताल में लोगों का ध्यान गया। युवक के परिजनों ने आधुनिक चिकित्सा के साथ झाड़-फूंक भी कराने का फैसला किया।

इसके लिए नत्थुद्वार की रहने वाली महिला भगत दुखनी देवी को अस्पताल बुलाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, महिला युवक के पास बैठकर काफी देर तक मंत्र पढ़ती रही और उसके पेट पर हाथ रखकर झाड़-फूंक करती नजर आई।

एक ही समय में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर युवक को चिकित्सकीय उपचार दे रहे थे, जबकि दूसरी ओर महिला भगत अपनी पारंपरिक पद्धति से झाड़-फूंक कर रही थी।

महिला भगत ने सांप के काटने को लेकर क्या कहा?

महिला भगत दुखनी देवी ने बताया कि संजय उसका रिश्तेदार है। उसे युवक के सांप काटने की जानकारी मिली तो वह अस्पताल पहुंची।

उसके अनुसार, झाड़-फूंक के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि व्यक्ति को वास्तविक सांप ने काटा है या कथित तौर पर 'भूत सांप' का मामला है।

हालांकि, इस तरह के दावों का चिकित्सकीय उपचार के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने का वैज्ञानिक प्रमाण इस खबर में उपलब्ध नहीं है। युवक की हालत में सुधार अस्पताल में मिले चिकित्सा उपचार के बाद हुआ।

परिजनों की ओर से भी बताया गया कि युवक की हालत बिगड़ रही थी, इसलिए उसे तुरंत सदर अस्पताल लाया गया और डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।

डॉक्टर ने बताया, इलाज में देरी हो सकती है खतरनाक

सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में कार्यरत डॉ. राकेश रोशन चौधरी ने लोगों से सांप काटने की स्थिति में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की।

डॉक्टर के मुताबिक, सांप के काटने के बाद मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी होने पर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

चिकित्सक ने बताया कि जहरीले सांप के काटने की स्थिति में एंटी स्नेक वेनम महत्वपूर्ण उपचार है। संजय को भी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया।

इलाज के दौरान उसे एंटी स्नेक वेनम की 20 सुई दी गईं। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के बाद उसकी स्थिति में सुधार की जानकारी सामने आई है।

सांप काटने पर क्या करें और क्या नहीं?

सांप के काटने के बाद मरीज को घबराने के बजाय जल्द से जल्द चिकित्सा केंद्र ले जाना चाहिए। रास्ते में मरीज को शांत और कम से कम हिलने-डुलने देना उपयोगी होता है।

विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह के अनुसार, सांप के काटने वाली जगह पर चीरा लगाना, जहर चूसने की कोशिश करना या किसी तरह का घरेलू रसायन लगाने जैसे उपायों से बचना चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने में समय न गंवाया जाए। अगर संभव हो तो सांप की पहचान सुरक्षित दूरी से की जा सकती है, लेकिन उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

समय पर अस्पताल पहुंचना क्यों जरूरी?

सांप के जहर का असर सांप की प्रजाति, जहर की मात्रा और काटने की जगह समेत कई कारकों पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में लक्षण तेजी से गंभीर हो सकते हैं।

ऐसी स्थिति में घर पर उपचार या केवल पारंपरिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। अस्पताल में डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार निगरानी, जरूरी दवाएं और एंटीवेनम समेत अन्य उपचार उपलब्ध करा सकते हैं।

समस्तीपुर के इस मामले में भी परिजन युवक को समय रहते सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया और एंटी स्नेक वेनम दिया। इसके बाद उसकी हालत में सुधार होने की बात सामने आई है।


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