समस्तीपुर में बुलडोजर एक्शन, 3 घर ध्वस्त; डीलर का लाइसेंस रद्द
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर में समस्तीपुर बुलडोजर एक्शन के बाद प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में है। समस्तीपुर बुलडोजर एक्शन के तहत कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर में नाबालिग से कथित बदसलूकी के वायरल वीडियो मामले में गिरफ्तार चार आरोपितों में से तीन से जुड़े सरकारी जमीन के अतिक्रमण हटाए गए हैं। वहीं आरोपी अवधेश पासवान का जनवितरण प्रणाली यानी PDS लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। चौथे आरोपी के पक्के मकान से जुड़े कथित अतिक्रमण को लेकर नोटिस दिया गया है।
तीन आरोपितों के ठिकानों पर प्रशासन की कार्रवाई
शुक्रवार को प्रशासनिक टीम पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जगतसिंहपुर और आसपास के इलाके में पहुंची। प्रशासन के अनुसार राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान से जुड़े सरकारी जमीन के अतिक्रमण और निर्माण को हटाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक रामबाबू सहनी की सड़क किनारे स्थित चाय दुकान से जुड़े अतिक्रमित हिस्से पर भी कार्रवाई हुई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई।
मुख्य आरोपी बताए जा रहे विकास कुमार शर्मा के पक्के मकान को तत्काल नहीं तोड़ा गया। प्रशासन ने उसके मकान से जुड़े कथित अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जगह खाली करने का निर्देश दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस समयसीमा को 24 घंटे बताया गया है।
PDS डीलर का लाइसेंस भी रद्द
इस मामले में गिरफ्तार अवधेश पासवान जनवितरण प्रणाली की दुकान चलाता था। प्रशासन ने उसके खिलाफ अलग कार्रवाई करते हुए PDS विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया है।
इस तरह मामले में पुलिस की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सरकारी जमीन पर कब्जे से संबंधित है।
कार्रवाई के दौरान इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
वायरल वीडियो के बाद छह घंटे में चार गिरफ्तार
यह पूरा मामला 23 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार वीडियो में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार दिखाई दे रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और घटनास्थल की पहचान की। इसके बाद करीब छह घंटे के भीतर चार आरोपितों—विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान—को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने कर्पूरीग्राम थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। चारों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर लोगों से इसे आगे साझा नहीं करने की अपील भी की है, ताकि नाबालिग की पहचान सार्वजनिक न हो।
पुलिस खंगाल रही आरोपितों का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस जांच में विकास कुमार के पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ शराब से जुड़े मामलों में पहले प्राथमिकी दर्ज होने और जेल जाने की जानकारी मिली है।
कुछ रिपोर्टों में दूसरे आरोपित राहुल कुमार के खिलाफ भी शराब से जुड़े पुराने मामलों का उल्लेख किया गया है। पुलिस सभी आरोपितों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
हालांकि, पुराने मामलों का होना मौजूदा मामले में आरोप साबित होने के बराबर नहीं है। मौजूदा प्रकरण में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के आधार पर होगी।
एडीजी ने समस्तीपुर पहुंचकर की समीक्षा
बुलडोजर कार्रवाई के बीच एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह ने शुक्रवार को समस्तीपुर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
समीक्षा में वायरल वीडियो मामले की अब तक की कार्रवाई के साथ लंबित कांडों, अनुसंधान और पुलिसिंग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। एडीजी ने जांच में तेजी लाने और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया।
अधिकारियों को मामले में स्पीडी ट्रायल की दिशा में जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एडीजी ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।
अब आगे क्या होगा?
अब पुलिस के सामने जांच को आगे बढ़ाकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी है। वहीं प्रशासन की ओर से अतिक्रमण से जुड़े मामलों में नोटिस और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
विकास कुमार शर्मा के मकान से जुड़े कथित अतिक्रमण को लेकर जारी नोटिस के बाद अगली कार्रवाई प्रशासन के निर्धारित आदेश और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। दूसरी ओर, पुलिस मामले को स्पीडी ट्रायल के लिए आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
समस्तीपुर के इस मामले में पुलिस गिरफ्तारी, अतिक्रमण हटाने, PDS लाइसेंस रद्द करने और वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा—चारों स्तर पर कार्रवाई सामने आई है। अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर रहेगी।
