बिहार में कानून व्यवस्था पर नया एक्शन, 40 जिलों में उतरे 36 IPS अफसर
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार में कानून व्यवस्था की निगरानी को लेकर पुलिस मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू की है। कानून व्यवस्था की जमीनी स्थिति की समीक्षा के लिए एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के 36 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को 40 पुलिस जिलों का प्रभारी और नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में जाकर पुलिसिंग की स्थिति देखने और तय समयसीमा में प्रभारी DGP प्रीता वर्मा को रिपोर्ट देने का निर्देश मिला है।
समस्तीपुर समेत इन जिलों की जिम्मेदारी किसे मिली?
नई व्यवस्था में एडीजी रेल डॉ. कमल किशोर सिंह को समस्तीपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं के. सुहिता अनुपम को पटना, एनएच खान को मुजफ्फरपुर, आर. मल्लार बीजी को नालंदा और अमित कुमार जैन को वैशाली का प्रभारी बनाया गया है। सुधांशु कुमार को दरभंगा की जिम्मेदारी मिली है।
पुलिस मुख्यालय की सूची के अनुसार एडीजी सीआईडी पारसनाथ को मुंगेर, अजिताभ कुमार को गोपालगंज, अमित लोढ़ा को लखीसराय और शेखपुरा तथा अमृत राज को भोजपुर की जिम्मेदारी मिली है।
आईजी स्तर पर राजेश कुमार को पूर्णिया, पी. कन्नन को सारण, अनुसूया रणसिंह साहू को औरंगाबाद तथा पंकज कुमार राज को भागलपुर और नवगछिया का प्रभार दिया गया है। प्रेमलथा को जहानाबाद, रंजीत कुमार मिश्रा को मधुबनी और मनोज कुमार को गया की जिम्मेदारी मिली है।
36 अफसरों के जिम्मे 40 पुलिस जिले
पुलिस मुख्यालय की व्यवस्था में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। यही वजह है कि 36 अधिकारियों को कुल 40 पुलिस जिलों की निगरानी सौंपी गई है।
प्रमुख तैनाती इस प्रकार है:
| पुलिस जिला | प्रभारी वरिष्ठ IPS अधिकारी |
|---|---|
| पटना | के. सुहिता अनुपम |
| नालंदा | आर. मल्लार बीजी |
| वैशाली | अमित कुमार जैन |
| दरभंगा | सुधांशु कुमार |
| मुजफ्फरपुर | एनएच खान |
| समस्तीपुर | डॉ. कमल किशोर सिंह |
| मुंगेर | पारसनाथ |
| गोपालगंज | अजिताभ कुमार |
| लखीसराय व शेखपुरा | अमित लोढ़ा |
| भोजपुर | अमृत राज |
| पूर्णिया | राजेश कुमार |
| सारण | पी. कन्नन |
| औरंगाबाद | अनुसूया रणसिंह साहू |
| भागलपुर व नवगछिया | पंकज कुमार राज |
| जहानाबाद | प्रेमलथा |
| मधुबनी | रंजीत कुमार मिश्रा |
| गया | मनोज कुमार |
| बेतिया व बगहा | संजय कुमार |
| कटिहार | जयंत कांत |
| रोहतास | मानवजीत सिंह ढिल्लन |
| कैमूर | हरप्रीत कौर |
| बेगूसराय | मीनू कुमारी |
| खगड़िया | सुधीर पोरिका |
| किशनगंज | तौहिद परवेज |
| शिवहर | सुशील कुमार |
| सहरसा | अनिल कुमार |
| मधेपुरा | राजेंद्र कुमार भील |
| मोतिहारी | आनंद कुमार |
| सीतामढ़ी | अवकाश कुमार |
| बक्सर | दीपक रंजन |
| जमुई | इनामुल हक मेंगनू |
| सीवान | आमिर जावेद |
| बांका | राजीव रंजन |
| अरवल व नवादा | अजय कुमार पांडेय |
| अररिया | नीरज कुमार सिंह |
| सुपौल | सुशांत कुमार सरोज |
पुलिस मुख्यालय की सूची में इसी तरह सभी 40 पुलिस जिलों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों को अपने आवंटित जिले की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
27 सितंबर तक निरीक्षण, फिर DGP को रिपोर्ट
मुख्यालय ने अधिकारियों के लिए निरीक्षण की समयसीमा भी तय की है। उन्हें 27 सितंबर तक अपने आवंटित जिले का निरीक्षण पूरा करके प्रभारी DGP प्रीता वर्मा को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान केवल अपराध के आंकड़ों की समीक्षा नहीं होगी। अधिकारियों को जिले की पुलिसिंग की जमीनी स्थिति और थानों के कामकाज को भी देखना होगा।
इसमें लंबित कांडों का अनुसंधान, मामलों के निष्पादन की स्थिति, ट्रायल, थानों की कार्यप्रणाली, गश्ती व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
महिला अपराध, पॉक्सो और विभिन्न कानूनों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की जानी है। इसके बाद संबंधित अधिकारी अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेंगे।
25 से 28 सितंबर तक जिलों में रात्रि विश्राम
इसके समानांतर क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को भी अपने-अपने क्षेत्र के जिलों में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
इन अधिकारियों को 25 से 28 सितंबर के बीच संबंधित जिलों में रात्रि विश्राम करना है। इस दौरान लंबित मामलों के साथ वारंट, इश्तिहार, कुर्की और गश्ती व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को अपनी समीक्षा रिपोर्ट 29 सितंबर तक पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी। इससे जिलों की पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मुख्यालय स्तर पर एक तय समयसीमा में जुटाई जाएगी।
समस्तीपुर में भी बढ़ेगी वरिष्ठ स्तर की निगरानी
समस्तीपुर की जिम्मेदारी एडीजी रेल डॉ. कमल किशोर सिंह को मिलने के बाद इस जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा वरिष्ठ स्तर पर होगी। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सामने आई है जब हाल में समस्तीपुर से जुड़े मामलों की समीक्षा में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सक्रियता देखी गई है।
नई व्यवस्था का मुख्य फोकस जिलों में पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति, लंबित मामलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की सीधे निगरानी करना है। अब इन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय को जिलावार स्थिति का विस्तृत फीडबैक मिलेगा।
