समस्तीपुर में अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, कमरे में छिपे थे नेता
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर में अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद चर्चित भानु हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। अंटू ईस्सर को मंगलवार शाम STF, DIU और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बहादुरपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, हाजीपुर कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी का तरीका भी चर्चा में है। पुलिस जब उनके घर पहुंची तो बाहर से ताला लगा था। टीम को सूचना थी कि अंटू अंदर मौजूद हैं। पुलिस ने मकान को घेरा और तलाशी शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, अंटू एक कमरे में खुद को बंद कर चुके थे और दरवाजा नहीं खोल रहे थे।
करीब दो से तीन घंटे की कार्रवाई के बाद मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद अंचलाधिकारी की निगरानी में कमरे का ताला तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस उन्हें नगर थाने ले गई।
कोर्ट के वारंट के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी वैशाली के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले से जुड़ी है।
इस मामले में हाजीपुर कोर्ट से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद समस्तीपुर पुलिस और STF उनकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने इससे पहले भी अंटू के संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की थी, लेकिन उस समय उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। मंगलवार को गुप्त सूचना मिलने के बाद टीम ने बहादुरपुर स्थित आवास पर दबिश दी।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों की हार्ड डिस्क भी साक्ष्य संकलन के तहत जब्त की गई है।
क्या है भानु हत्याकांड से जुड़ा मामला?
इस पूरे मामले की कड़ी 17 फरवरी 2026 की शाम समस्तीपुर के बहादुरपुर इलाके में हुई गोलीबारी से जुड़ती है।
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंटू ईस्सर पर हथियारबंद लोगों ने फायरिंग की थी। इस घटना में अंटू बच गए, जबकि उनके सहयोगी शुभम कुमार घायल हुए थे।
फायरिंग के दौरान हमलावरों की ओर से भी एक व्यक्ति के घायल होने की बात सामने आई थी। उस घायल व्यक्ति की पहचान जहानाबाद निवासी भानु कुमार के रूप में हुई।
इसके बाद भानु को उसके साथी एक कार से वहां से ले गए। बाद में वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में महात्मा गांधी सेतु के पास एक कार से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में दोनों घटनाओं के बीच संबंध सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
अंटू पर हमले और भानु की मौत की कड़ी
इस मामले की जांच में पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि बहादुरपुर में हुई गोलीबारी के बाद घायल भानु को कौन लोग लेकर गए और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
अगस्त 2026 में पुलिस ने अंटू ईस्सर पर हुए हमले से जुड़े कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। मनीराम उर्फ मनिया समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
जागरण की एक रिपोर्ट में पुलिस पूछताछ के हवाले से दावा किया गया था कि भानु और उसके साथियों को अंटू ईस्सर की हत्या के लिए कथित तौर पर सुपारी दी गई थी। हालांकि, इस तरह के आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में ही होगा।
पुलिस की कार्रवाई में क्या-क्या हुआ?
मंगलवार की कार्रवाई के दौरान STF, DIU और नगर थाना पुलिस की टीमें मौजूद थीं।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने पहले पूरे मकान की घेराबंदी की। अंटू के एक कमरे में बंद होने के बाद पुलिस ने उन्हें दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
इसके बाद मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में अंचलाधिकारी की मौजूदगी में कमरे का ताला तोड़ा गया। पुलिस ने अंटू को बाहर निकाला और पूछताछ के लिए नगर थाने ले गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब पुलिस लंबे समय से इस मामले में फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
अब आगे क्या होगा?
अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस भानु की मौत और फरवरी में हुई गोलीबारी के बीच की कड़ियों की जांच आगे बढ़ाएगी।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, घायल भानु को घटनास्थल से किसने हटाया और उसकी मौत के बाद शव को गंगा ब्रिज के पास कैसे छोड़ा गया।
अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी को फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मुख्य बातें एक नजर में:
- अंटू ईस्सर को समस्तीपुर के बहादुरपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया।
- कार्रवाई STF, DIU और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
- हाजीपुर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी सामने आई है।
- मामला वैशाली के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में दर्ज भानु कुमार हत्याकांड से जुड़ा है।
- फरवरी में अंटू ईस्सर पर बहादुरपुर में फायरिंग हुई थी।
- फायरिंग के बाद घायल भानु की मौत हुई और उसका शव कार से बरामद किया गया था।
- पुलिस अब दोनों घटनाओं की कड़ियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
