शुभ दीपावली

रोशनी और खुशियों का यह पावन पर्व आपके जीवन को जगमगा दे!

मधुबनी में आर्केस्ट्रा पर बड़ा एक्शन, 40 नाबालिग रेस्क्यू; 15 गिरफ्तार

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

मधुबनी में आर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग बालिकाओं से कथित तौर पर काम कराने और शोषण के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मधुबनी आर्केस्ट्रा मामले में संयुक्त टीम ने जिले के कई थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 40 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू किया।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आर्केस्ट्रा संचालक समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 12 पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पांच थाना क्षेत्रों में एक साथ हुई छापेमारी

मधुबनी पुलिस के अनुसार, यह विशेष अभियान 14 और 15 सितंबर की रात जिले के अलग-अलग हिस्सों में चलाया गया।

बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा में संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई में स्थानीय पुलिस के साथ महिला थाना, मानवाधिकार संस्था और चाइल्डलाइन से जुड़े कर्मी भी शामिल रहे।

पुलिस के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य नाबालिग बालिकाओं को अवैध रूप से आर्केस्ट्रा में काम कराने और उनके कथित शोषण से जुड़ी शिकायतों की जांच करना था।

छापेमारी के बाद सभी 40 बालिकाओं को महिला थाना, मधुबनी लाया गया, जहां उनकी सुरक्षा और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

संचालक समेत 15 लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 12 पुरुष और तीन महिलाएं बताई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने इन लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मधुबनी महिला थाना में कांड संख्या 64/26 दर्ज किया गया है।

प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम और POCSO Act की धाराएं लगाई गई हैं। आरोपियों को अदालत की प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

40 बालिकाओं को अब कहां रखा जाएगा?

रेस्क्यू की गई सभी नाबालिग बालिकाओं को तत्काल महिला थाना लाया गया है। पुलिस के अनुसार, आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके बाद बालिकाओं की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उन्हें निर्धारित बालिका गृह में रखने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इस तरह के मामलों में बाल कल्याण समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि रेस्क्यू किए गए बच्चों की पहचान, सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास से जुड़े कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत तय किए जाते हैं।

मानव तस्करी के एंगल से भी जांच अहम

मामले में पुलिस की कार्रवाई केवल अवैध रोजगार तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नाबालिग बालिकाएं आर्केस्ट्रा तक किस तरह पहुंचीं और उन्हें वहां काम कराने के पीछे कोई अन्य नेटवर्क तो नहीं था।

पुलिस ने मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में बच्चों को शामिल किए जाने की आशंका को गंभीरता से लेने की बात कही है। हालांकि, किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जा सकती है।

बिहार में इससे पहले भी आर्केस्ट्रा और अन्य रोजगार के नाम पर नाबालिगों के शोषण से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। मई 2026 में बिहार पुलिस के 'ऑपरेशन नया सवेरा 2.0' के दौरान भी बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं को अलग-अलग परिस्थितियों से रेस्क्यू किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

पुलिस ने क्या कहा?

मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, नाबालिग बच्चों और बालिकाओं को किसी भी प्रकार के शोषण, अवैध रोजगार या मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेस्क्यू की गई बालिकाओं के संबंध में आगे की कार्रवाई विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

फिलहाल जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि इन बालिकाओं को आर्केस्ट्रा में किस माध्यम से लाया गया, उन्हें किस प्रकार का काम कराया जाता था और आरोपों में नामित लोगों की भूमिका क्या थी।

कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें

  • 40 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू
  • 15 लोगों की गिरफ्तारी
  • गिरफ्तार लोगों में 12 पुरुष और 3 महिलाएं
  • बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा में छापेमारी
  • महिला थाना में कांड संख्या 64/26 दर्ज
  • BNS, JJ Act, Bonded Labour Act और POCSO Act के तहत कार्रवाई
  • बालिकाओं को आगे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा

मधुबनी की यह कार्रवाई नाबालिगों को अवैध रोजगार और कथित शोषण से बचाने के लिहाज से जांच का महत्वपूर्ण मामला बन गई है। अब आगे की जांच में आरोपों की पुष्टि, बालिकाओं को वहां तक पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका और संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1