प्रशांत किशोर का महिलाओं को बड़ा तोहफा, निकाय चुनाव में मदद का ऐलान

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


पटना में आगामी निकाय चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि करीब छह महीने बाद होने वाले चुनाव में महिलाएं आगे बढ़कर वार्ड चुनाव लड़ें और जीतकर नेतृत्व संभालें। उन्होंने आर्थिक परेशानी से जूझ रही महिलाओं को चुनाव लड़ने में मदद का भरोसा भी दिया है। जन सुराज के नेता ने महिलाओं से अपील की कि वे अभी से अपने-अपने वार्ड में तैयारी शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं वार्ड काउंसलर बनकर जन सुराज का नेतृत्व करना चाहती हैं, उन्हें पार्टी की ओर से मदद देने की कोशिश की जाएगी।

महिलाओं से बोले- अभी से वार्ड जीतने की तैयारी करें

प्रशांत किशोर ने पटना में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि निकाय चुनाव में महिलाओं की बड़ी भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने मौजूद महिलाओं से अपने-अपने वार्ड को जीतने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव में उतरने वाली महिलाओं को अगले छह महीने पूरी मेहनत के साथ अपने क्षेत्र में काम करना चाहिए। उनका कहना था कि जनता के बीच लगातार रहने और स्थानीय मुद्दों को समझने से चुनाव में मजबूत आधार बनाया जा सकता है। प्रशांत किशोर ने महिलाओं से यह भी पूछा कि कितनी महिलाएं वार्ड चुनाव लड़ना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं चुनाव मैदान में उतर सकती हैं और अपने क्षेत्र में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।

पैसा नहीं है तो भी चुनाव लड़ने की चिंता न करें

महिलाओं के सामने अक्सर चुनाव लड़ने में आर्थिक संसाधनों की चुनौती आती है। प्रशांत किशोर ने इसी मुद्दे पर कहा कि जिन महिलाओं के पास पैसा नहीं है, उन्हें इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पति या बेटा चुनाव के लिए आर्थिक मदद नहीं करता है, तब भी महिला पीछे न हटे। जन सुराज की कार्यकर्ता और नेत्री के तौर पर यदि कोई महिला सालभर मेहनत करने के लिए तैयार है तो पार्टी की तरफ से उसे चुनाव लड़ाने में सहयोग किया जाएगा। इस ऐलान को पटना के आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। खास तौर पर महिला उम्मीदवारों को राजनीतिक रूप से सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर इसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, चुनाव में पार्टी की ओर से किस स्तर की आर्थिक या संगठनात्मक सहायता दी जाएगी, इसका विस्तृत खाका इस बयान में सामने नहीं आया है।

वार्ड चुनाव के जरिए महिलाओं को नेतृत्व का मौका

प्रशांत किशोर ने महिलाओं को केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहने की बात कही। उन्होंने वार्ड चुनाव जीतने के बाद स्थानीय नेतृत्व संभालने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, महिलाओं को अपने वार्ड की समस्याओं को समझकर जनता के बीच काम करना चाहिए। उनका लक्ष्य केवल चुनाव मैदान में उतरना नहीं, बल्कि जीत हासिल कर स्थानीय स्तर पर नेतृत्व करना होना चाहिए। निकाय चुनावों में वार्ड पार्षद की भूमिका स्थानीय स्तर पर काफी अहम होती है। सड़क, नाली, सफाई, जलापूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सीधे वार्ड स्तर की राजनीति से जुड़े होते हैं। ऐसे में महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी स्थानीय राजनीति का स्वरूप बदल सकती है।

शराबबंदी को लेकर भी पीके ने सरकार पर साधा निशाना

महिलाओं से जुड़े चुनावी ऐलान के साथ प्रशांत किशोर ने बिहार की शराबबंदी नीति पर भी अपना पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जन सुराज लंबे समय से बिहार में शराबबंदी कानून को हटाने की मांग करता रहा है। उनका दावा है कि मौजूदा शराबबंदी से राज्य को आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का फायदा भ्रष्ट नेताओं, अधिकारियों और शराब माफिया को मिल रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि शराबबंदी कानून कागज पर मौजूद है, जबकि जमीन पर स्थिति अलग है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।

सूखे नशे के बढ़ते प्रभाव का किया दावा

प्रशांत किशोर ने शराबबंदी के साथ बिहार में कथित तौर पर बढ़ते सूखे नशे के प्रभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि गांव, पंचायत और घर-घर तक सूखे नशे का असर बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं। उनका कहना था कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद नशीले पदार्थों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य और राज्य की सामाजिक स्थिति से जुड़ा मुद्दा बताया।

छह महीने बाद चुनाव, महिलाओं पर जन सुराज का फोकस

प्रशांत किशोर के इस बयान से साफ है कि जन सुराज स्थानीय चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। वार्ड चुनाव को संगठन के विस्तार और स्थानीय नेतृत्व तैयार करने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले महीनों में कितनी महिलाएं जन सुराज के समर्थन से वार्ड चुनाव लड़ने के लिए आगे आती हैं और पार्टी उन्हें किस तरह का संगठनात्मक सहयोग देती है। फिलहाल प्रशांत किशोर का संदेश स्पष्ट है कि आर्थिक संसाधनों की कमी चुनाव लड़ने की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए और इच्छुक महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नेतृत्व के लिए आगे आना चाहिए। 

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1