मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! बिहार के इन नेताओं की कुर्सी खतरे में, नए चेहरों को मौका?
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नई दिल्ली/पटना: PM Modi Cabinet Expansion को लेकर सितंबर 2026 की शुरुआत में राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच बिहार के कई नेताओं पर भी सबकी नजर है। PM Modi Cabinet Expansion अगर होता है तो कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, जबकि नए चेहरों को केंद्र सरकार में मौका मिलने की संभावना को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, अभी तक कैबिनेट विस्तार या फेरबदल को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में नेताओं के नामों को लेकर चल रही सभी चर्चाओं को फिलहाल संभावनाओं और राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा क्यों तेज हुई?
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री शामिल हो सकते हैं। मौजूदा स्थिति में करीब 12 पद खाली होने की चर्चा है। ऐसे में सरकार के पास नए नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की गुंजाइश मौजूद बताई जा रही है। संभावित फेरबदल को मंत्रियों के प्रदर्शन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सरकार कुछ मंत्रालयों में नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है। इसके साथ ही उम्र और अनुभव के संतुलन पर भी विचार होने की अटकलें हैं। पार्टी संगठन और सरकार में युवा नेताओं को आगे लाने की रणनीति पर जोर दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होगा। इसलिए किसी मंत्री के हटने या नए नेता के शामिल होने को लेकर अभी निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
युवाओं और महिला नेताओं को मिल सकता है ज्यादा मौका
संभावित कैबिनेट विस्तार में 50 साल से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता मिलने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में है। सरकार भविष्य की राजनीति और युवा मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को आगे बढ़ा सकती है। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की संभावना को लेकर भी चर्चा हो रही है। अगर फेरबदल में महिलाओं और युवाओं को ज्यादा जगह मिलती है, तो कई राज्यों के सांसदों के लिए केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी का रास्ता खुल सकता है। जेन जी और युवा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों की बढ़ती राजनीतिक अहमियत भी इस चर्चा का हिस्सा है। आने वाले वर्षों की चुनावी और राजनीतिक रणनीति को देखते हुए सरकार नई पीढ़ी के नेताओं को अधिक जिम्मेदारी दे सकती है। लेकिन इन सभी संभावनाओं की वास्तविक तस्वीर तभी साफ होगी, जब केंद्र सरकार कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक फैसला करेगी।
बिहार से मोदी सरकार में अभी 8 मंत्री शामिल
फिलहाल केंद्र की मोदी सरकार में बिहार से कुल 8 मंत्री शामिल हैं। इनमें 4 कैबिनेट मंत्री और 4 राज्य मंत्री जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कैबिनेट मंत्रियों में गिरिराज सिंह के पास कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय संभाल रहे हैं। राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पास पंचायती राज के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी है। वहीं, जीतन राम मांझी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का कामकाज संभाल रहे हैं। राज्य मंत्रियों में नित्यानंद राय गृह मंत्रालय में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सतीश चंद्र दुबे कोयला और खान मंत्रालय से जुड़े हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। राज भूषण चौधरी जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में संभावित फेरबदल का असर बिहार के मौजूदा प्रतिनिधित्व पर पड़ता है या नहीं, यह बड़ा सवाल बन गया है।
बिहार के किन मंत्रियों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा?
संभावित फेरबदल के बीच बिहार के कुछ मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों के नाम राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे का नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है। गिरिराज सिंह की उम्र को लेकर यह अटकल है कि पार्टी भविष्य में किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है। चर्चा में विवेक ठाकुर का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि उनके मंत्री बनने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सतीश चंद्र दुबे की जगह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को मौका मिलने की संभावना पर भी राजनीतिक हलकों में बातें चल रही हैं। यह भी अभी केवल चर्चा का विषय है और अंतिम निर्णय का इंतजार है। जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनके विभागीय कामकाज और संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अगर कैबिनेट विस्तार होता है तो बिहार से मौजूदा प्रतिनिधित्व बरकरार रहेगा या कुछ चेहरे बदलेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
JDU में भी नए समीकरण की चर्चा, संजय झा का नाम आगे
संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चा सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं है। जनता दल यूनाइटेड यानी JDU के भीतर भी नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें चल रही हैं। चर्चा है कि संजय झा को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो JDU को मिलने वाले मंत्री पदों की संख्या महत्वपूर्ण हो जाएगी। राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, यदि JDU को दो मंत्री पद मिलते हैं तो ललन सिंह की मौजूदा स्थिति पर असर नहीं पड़ने की संभावना है। लेकिन अगर पार्टी को केवल एक ही मंत्री पद मिलता है, तो नए चेहरे और मौजूदा मंत्री के बीच बदलाव की अटकलें तेज हो सकती हैं। कुछ समय पहले नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद भी इस मुद्दे पर चर्चाओं को बल मिला था। हालांकि बैठक में कैबिनेट विस्तार या किसी नाम पर क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सितंबर का फैसला तय करेगा बिहार का नया राजनीतिक समीकरण
सितंबर 2026 में अगर मोदी कैबिनेट का विस्तार या फेरबदल होता है तो बिहार की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में बदलाव संभव है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिहार के 8 मंत्रियों की मौजूदा संख्या बनी रहेगी? क्या नए युवा और महिला चेहरों को मौका मिलेगा? और क्या JDU को केंद्र में अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलेगा?
फिलहाल इन सवालों के जवाब आधिकारिक फैसले के बाद ही मिलेंगे। तब तक बीजेपी और JDU के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं ने बिहार के नेताओं की उम्मीद और चिंता, दोनों बढ़ा दी हैं।