पटना में बनेगा नया रामलीला मैदान, बदलेगा रावण दहन का स्थल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपटना में रामलीला मैदान को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजधानी में अब हर साल होने वाली रामलीला और रावण वध का आयोजन गांधी मैदान में नहीं होगा। इसके लिए रामलीला मैदान का नया स्थान मरीन ड्राइव के पास तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 5 सितंबर को इसकी घोषणा की। सरकार के मुताबिक, मार्च 2027 तक मरीन ड्राइव के आसपास तीन बड़े मैदान तैयार करने की योजना है, जिनमें से एक मैदान को रामलीला और रावण वध के लिए निर्धारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा गांधी मैदान में आयोजित श्री कृष्ण महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि नए स्थान पर रामलीला और रावण वध के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को विकसित किया जाएगा।
गांधी मैदान की जगह अब यहां होगा रावण दहन
पटना में दशहरा के दौरान रामलीला और रावण वध का आयोजन लंबे समय से गांधी मैदान में होता रहा है। दशहरा कमेटी ट्रस्ट वर्ष 1955 से गांधी मैदान में रामलीला महोत्सव और रावण वध कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है।
अब सरकार इस आयोजन के लिए स्थायी और अलग स्थान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मरीन ड्राइव के पास बनने वाले तीन बड़े मैदानों में से एक को विशेष रूप से रामलीला मैदान के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
इस फैसले के बाद पटना में दशहरा आयोजन का स्वरूप बदल सकता है। नए मैदान में दर्शकों की सुविधा, कार्यक्रम के आयोजन और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था तैयार किए जाने की उम्मीद है।
मार्च 2027 तक तैयार होंगे तीन बड़े मैदान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, मरीन ड्राइव के आसपास तीन बड़े मैदानों को मार्च 2027 तक तैयार करने की योजना है। इनमें से एक मैदान रामलीला और रावण वध के वार्षिक आयोजन के लिए निर्धारित किया जाएगा।
सरकार की ओर से इस संबंध में पटना के जिला मजिस्ट्रेट को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इससे माना जा रहा है कि नए आयोजन स्थल की तैयारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जल्द काम आगे बढ़ सकता है।
नए मैदान के विकसित होने से गांधी मैदान पर बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का दबाव भी कम हो सकता है। हालांकि, नए स्थल पर आयोजन की पूरी व्यवस्था और अंतिम स्वरूप प्रशासन की तैयारियों के बाद स्पष्ट होगा।
1955 से गांधी मैदान में हो रहा रामलीला महोत्सव
पटना के गांधी मैदान में रामलीला और रावण वध की परंपरा कई दशकों पुरानी है। दशहरा कमेटी ट्रस्ट 1955 से यहां रामलीला महोत्सव का आयोजन करता रहा है।
इस आयोजन में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। रावण दहन पटना के प्रमुख दशहरा कार्यक्रमों में शामिल रहा है। ऐसे में आयोजन स्थल बदलने का फैसला शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नया रामलीला मैदान बनने के बाद आयोजन के लिए अलग और निर्धारित जगह उपलब्ध होगी। इससे कार्यक्रम की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से करने में प्रशासन और आयोजन समिति को मदद मिल सकती है।
श्री कृष्ण महोत्सव में सीएम ने गिनाईं कृष्ण की शिक्षाएं
रामलीला मैदान की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने श्री कृष्ण महोत्सव के दौरान भगवान कृष्ण की शिक्षाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण की शिक्षाएं अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य की रक्षा करने की प्रेरणा देती हैं।
महाभारत का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने युद्ध को रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने कौरवों से केवल पांच गांव देने की मांग रखी थी, लेकिन अन्याय के कारण संघर्ष को टाला नहीं जा सका।
मुख्यमंत्री ने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कर्तव्य और धर्म पर विशेष जोर दिया गया है। उनके अनुसार, भगवान कृष्ण की शिक्षाएं आज भी लोगों को सत्य और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
पटना में बाढ़ की स्थिति पर भी बोले मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर पिछले वर्षों में इसी अवधि के मुकाबले काफी अधिक है।
उन्होंने बताया कि गंगा बेसिन से जुड़े जिलों में अधिकारियों और मंत्रियों की तैनाती की गई है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। सोन और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर और प्रवाह पर भी प्रशासन की निगरानी बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र से आने वाला पानी भी बिहार के लिए लगातार चुनौती बना रहता है। इसी को देखते हुए सरकार कोसी, गंडक और गंगा बेसिन के बेहतर प्रबंधन के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है।
नदी किनारे सड़क और जल परिवहन पर भी योजना
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार केंद्रीय जल आयोग के समन्वय से नदी घाटियों के आसपास सड़क और जल परिवहन व्यवस्था को विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य बिहार में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और विकास की गति को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप बिहार को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में काम करने की बात कही।
क्या बदलेगा पटना के दशहरा आयोजन में?
- गांधी मैदान में रामलीला और रावण वध का आयोजन स्थानांतरित होगा।
- मरीन ड्राइव के पास तीन बड़े मैदान विकसित किए जाएंगे।
- इनमें से एक मैदान रामलीला और रावण वध के लिए निर्धारित होगा।
- मैदानों को मार्च 2027 तक तैयार करने की योजना है।
- नए आयोजन स्थल को लेकर पटना जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
पटना में नए रामलीला मैदान के निर्माण से शहर के दशहरा आयोजन को एक नया स्थायी स्थल मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मैदान के निर्माण, सुविधाओं और आयोजन की विस्तृत व्यवस्था से जुड़ी जानकारी आने वाले समय में प्रशासन की तैयारियों के साथ और स्पष्ट होगी।
