पप्पू यादव के पैसे बांटने पर लेसी सिंह का सवाल, पूछा- पैसा कहां से आता है?

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


पूर्णिया सांसद पप्पू यादव इन दिनों बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच पहुंचकर मदद कर रहे हैं। पप्पू यादव हाल ही में राघोपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ट्रैक्टर से पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों को पांच-पांच सौ रुपये की आर्थिक मदद भी दी। अब उनके इसी दौरे और नकद राशि बांटने को लेकर बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। लेसी सिंह ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर उनके पास बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटने के लिए इतना पैसा कहां से आता है। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब पप्पू यादव को जनता के सामने देना चाहिए।

बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे थे पप्पू यादव

पिछले दिनों पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। राघोपुर क्षेत्र में उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। बाढ़ के पानी के बीच लोगों तक पहुंचने के लिए वह ट्रैक्टर से इलाके में गए। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। दौरे के दौरान पप्पू यादव ने कुछ बाढ़ पीड़ितों को पांच-पांच सौ रुपये की मदद भी दी। इसी को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

लेसी सिंह ने पूछा- पैसा कहां से आता है?

पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद पत्रकारों ने लेसी सिंह से पप्पू यादव के राहत अभियान को लेकर सवाल किया। उनसे पूछा गया कि विपक्ष में रहते हुए भी पप्पू यादव बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर नगद राशि बांट रहे हैं। इस पर मंत्री लेसी सिंह ने सवाल उठाया कि उनके पास इतना पैसा आता कहां से है। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच बांटने के लिए पप्पू यादव के बैग में पैसा कहां से आता है, इसका हिसाब जनता को मिलना चाहिए। लेसी सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ और जलजमाव से लोग प्रभावित हैं और राजनीतिक दलों के नेता राहत कार्यों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।

'जनता को देना चाहिए पैसे का हिसाब'

लेसी सिंह ने कहा कि पप्पू यादव को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके पास इतनी राशि कहां से आती है। उन्होंने इस मुद्दे को सीधे तौर पर सार्वजनिक जवाबदेही से जोड़ दिया। मंत्री ने जमीन से जुड़े सवाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है, इसका लेखा-जोखा सरकार के पास मौजूद है। हालांकि, लेसी सिंह के बयान में लगाए गए सवाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में हैं। पप्पू यादव की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा।

नेताओं और अफसरों पर भी पप्पू यादव ने साधा था निशाना

राघोपुर दौरे के दौरान पप्पू यादव ने मीडिया से भी बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्था को लेकर नेताओं और अधिकारियों पर सवाल उठाए थे। पप्पू यादव ने अपने बयान में व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए और नेताओं-अफसरों को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उनके इस बयान के बाद भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। लेसी सिंह ने पप्पू यादव की इस बयानबाजी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पप्पू यादव को लगता है कि वही अकेले सही नेता हैं और उनकी नजर में बाकी नेता चोर हैं।

'बोलने के लिए कोई भी कुछ भी बोल सकता है'

लेसी सिंह ने पप्पू यादव के बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बोलने के लिए कोई भी कुछ भी बोल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू यादव के मुंह से जो निकलता है, उसे सुनते रहिए। मंत्री ने तंज के अंदाज में कहा कि कुछ लोग सिर्फ प्रवचन देने के लिए ही बने हैं। उन्होंने पप्पू यादव के नेताओं और अफसरों पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी सवाल खड़े किए। लेसी सिंह के बयान से साफ है कि बाढ़ राहत अभियान अब राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है। एक तरफ पप्पू यादव प्रभावित लोगों के बीच जाकर आर्थिक मदद देने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से उनके पैसे के स्रोत को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बाढ़ राहत से लेकर सियासत तक पहुंचा मामला

बिहार में बाढ़ के दौरान राहत और सहायता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है। प्रभावित इलाकों में नेताओं के दौरे के साथ राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और सरकारी व्यवस्था पर चर्चा तेज हो जाती है। पप्पू यादव के मामले में भी यही देखने को मिल रहा है। उनके बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने और लोगों को नकद सहायता देने के बाद अब मंत्री लेसी सिंह ने उनके आर्थिक स्रोत पर सवाल उठाया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है, खासकर यदि पप्पू यादव इन सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब देते हैं। फिलहाल दोनों नेताओं के बयानों के बीच बाढ़ पीड़ितों की स्थिति और राहत व्यवस्था का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है। 

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1