पचंभा की सड़क बनी, फिर भी अधूरी! टूटे हिस्से और पुलिया पर सवाल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपचंभा | बेगूसराय | दीपक कुमार
पचंभा से वास्तु विहार, चंदवारा होते हुए बेगूसराय ब्लॉक को जोड़ने वाली पचंभा सड़क निर्माण के बाद भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। पचंभा सड़क के कई हिस्से आज भी जर्जर हैं, जबकि निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि भी पूरी हो चुकी है। कहीं सड़क टूटी है, कहीं बारिश में जलजमाव होता है और दो छोटी पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है।
सबसे गंभीर स्थिति पचंभा पोखर के पास बनी हुई है। यहां सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर पोखर की ओर चला गया है। इसके साथ ही सड़क किनारे कचरा जमा होने से दुर्गंध और दुर्घटना का खतरा राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
निर्माण के बाद भी नहीं बदली पूरी तस्वीर
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग की बदहाली लंबे समय से बनी हुई थी। सड़क निर्माण शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद जगी कि आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
निर्माण कार्य के दौरान कई जगह पीसीसी और कालीकरण भी कराया गया। सड़क का उद्घाटन पूर्व विधायक राजकुमार मटिहानी द्वारा किए जाने के बाद लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि निर्माण पूरा होने के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर काम अधूरा दिखाई दे रहा है। जिन हिस्सों में सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, उनमें से कुछ जगहों पर अब भी सुधार की जरूरत बनी हुई है।
पोखर के पास टूटी सड़क बनी खतरे की वजह
पचंभा पोखर के पास सड़क की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क का आधे से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर पोखर की दिशा में चला गया है।
बारिश और कोहरे के दौरान इस स्थान पर खतरा और बढ़ जाता है। सड़क का टूटा हिस्सा वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा करता है और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले वर्षों में इस जगह पर कई बार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। इसके बावजूद अब तक इस हिस्से का अपेक्षित निर्माण या मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
सड़क किनारे कचरे का अंबार, दुर्गंध से परेशानी
पोखर के पास सड़क की बदहाली के साथ एक और समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। सड़क के आसपास बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने की बात सामने आई है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार पंचायत क्षेत्र से उठाए जाने वाले कचरे को पचंभा चौक से आगे पूरब दिशा में पोखर के आसपास डाले जाने से वहां कूड़े का ढेर बन गया है।
कचरे से निकलने वाली दुर्गंध के कारण राहगीरों को परेशानी होती है। कई लोगों को इस स्थान से गुजरते समय नाक ढकनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि कचरा निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था मौजूद है, तो सड़क और पोखर के किनारे कचरा क्यों जमा किया जा रहा है?
काली मंदिर और पचंभा चौक पर जलजमाव
पचंभा काली मंदिर के पास भी सड़क का एक हिस्सा अधूरा छोड़े जाने की शिकायत है। बारिश के समय यहां पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
इसी तरह पचंभा चौक पर भी सड़क की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या सामने आने से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि हर बारिश के बाद वही समस्या दोबारा खड़ी न हो।
दो छोटी पुलिया अब तक अधूरी
इस सड़क योजना से जुड़ा एक अहम सवाल दो छोटी पुलिया को लेकर भी है। योजना में इन पुलियों का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों पुलिया अभी तक नहीं बन सकी हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क का टेंडर हुआ, निर्माण कार्य शुरू हुआ और निर्धारित कार्य अवधि भी समाप्त हो गई, तो पुलियों का काम पूरा क्यों नहीं किया गया?
लोग चाहते हैं कि संबंधित विभाग पूरे मार्ग का दोबारा निरीक्षण करे और अधूरे हिस्सों को चिह्नित कर जल्द काम पूरा कराए।
अब जिम्मेदारी तय करने की मांग
सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी आवाज उठने की बात कही जा रही है। लोगों के अनुसार समस्या सामने आने के बाद सड़क निर्माण का टेंडर हुआ और काम भी शुरू हुआ, लेकिन अभी भी कई जरूरी हिस्से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्थानीय लोग अब संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से मौके का निरीक्षण करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल सड़क का अधिकांश हिस्सा बन जाने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि खतरनाक स्थानों, जलजमाव और अधूरी पुलियों का समाधान भी जरूरी है।
जनता के सामने फिलहाल कई सवाल हैं—पोखर के पास टूटी सड़क कब बनेगी? दोनों पुलिया कब तैयार होंगी? काली मंदिर और पचंभा चौक के जलजमाव का स्थायी समाधान कब होगा? और सड़क किनारे जमा कचरा आखिर कब हटेगा?
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सके।



