समस्तीपुर शराब तस्करी केस: नेहा झा को 25 दिन बाद कोर्ट से जमानत

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

समस्तीपुर में चर्चित शराब बरामदगी मामले में नेहा झा जमानत मिलने के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं। नेहा झा जमानत मामले में उनके अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह ने राहत की पुष्टि की है। नेहा को 3 सितंबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

समस्तीपुर विशेष आबकारी न्यायालय में नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इससे पहले 18 सितंबर को केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी, जबकि बाद में वकीलों की हड़ताल के चलते भी कार्यवाही टली थी।

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC कोच से हुई थी गिरफ्तारी

मामला 3 सितंबर का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के H-1 कोच के एक कूपे में शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है।

इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने ट्रेन की तलाशी ली। जांच के दौरान नेहा झा और उनके साथ मौजूद ईशान कुमार के सामान की तलाशी ली गई।

पुलिस के मुताबिक, सूटकेस और अन्य सामान से करीब 100 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में इसकी कुल मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। मामले में पुलिस ने शराब की खेप के स्रोत और संभावित नेटवर्क की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT भी गठित की थी।

जमानत पर पहले कई बार टली थी सुनवाई

नेहा झा की ओर से नियमित जमानत के लिए समस्तीपुर विशेष आबकारी न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी। 18 सितंबर की सुनवाई में अदालत के सामने केस डायरी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई थी।

इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की थी। उस समय उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नेहा को जमानत नहीं मिली थी और वह न्यायिक हिरासत में थीं।

अब करीब 25 दिन बाद अदालत से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है। उनके अधिवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। जमानत का अर्थ मामले से आरोप समाप्त होना नहीं है; आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

शादी समारोह के लिए शराब ले जाने का किया था दावा

पूछताछ के दौरान नेहा झा ने पुलिस को बताया था कि बरामद शराब शादी समारोह में इस्तेमाल के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस दावे की भी जांच करने की बात कही थी।

मामले की जांच में पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया था। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि शराब कहां से लाई गई और इसकी संभावित सप्लाई किसे की जानी थी।

ऐसे मामलों में अदालत के सामने पुलिस की जांच, बरामदगी, आरोपों की प्रकृति और केस से जुड़े अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। जमानत मिलने के बावजूद मामले की सुनवाई और जांच अपने स्तर पर आगे बढ़ सकती है।

परिवार और कथित नेटवर्क को लेकर भी हुई जांच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ओर से नेहा झा के पारिवारिक और कथित शराब नेटवर्क को लेकर भी कई बातें सामने आई थीं। पुलिस सूत्रों के हवाले से कुछ रिपोर्टों में परिवार के अन्य सदस्यों के शराब से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में एक महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आया है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, नेहा झा का खुद का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था, जबकि उनकी बहन के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई थी।

इसलिए परिवार के कथित नेटवर्क से जुड़ी बातों को पुलिस की जांच और आरोपों के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए। अदालत में दोष सिद्ध होने तक किसी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं तस्वीरें और वीडियो

गिरफ्तारी के बाद नेहा झा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। उनकी गिरफ्तारी और कथित ‘किलर लुक’ को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हुईं।

इसी दौरान सोशल मीडिया पर जमानत को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए थे। 18 सितंबर तक प्रकाशित रिपोर्टों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की थी और बताया था कि उस समय अदालत ने जमानत पर अंतिम आदेश नहीं दिया था।

अब अधिवक्ता की ओर से जमानत मिलने की पुष्टि के बाद इस मामले का अगला चरण कानूनी प्रक्रिया और जांच से जुड़ा होगा।

आगे क्या होगा?

नेहा झा को जमानत मिलने के बाद अब शराब बरामदगी मामले की जांच आगे जारी रहेगी। SIT पहले ही शराब की खेप के स्रोत और कथित नेटवर्क की जांच कर रही है।

अदालत में आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस की जांच, बरामदगी से जुड़े साक्ष्य और अन्य दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल जमानत मिलने से नेहा को न्यायिक हिरासत से राहत मिली है, लेकिन इससे मामले में लगे आरोप खत्म नहीं होते।

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास से शराब बरामदगी का यह मामला बिहार में शराबबंदी कानून के बीच इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि पुलिस ने अपेक्षाकृत बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया था।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1