मुजफ्फरपुर में छात्राओं से बदसलूकी का आरोप, शिक्षक-हेडमास्टर निलंबित

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड स्थित लालू छपरा मध्य विद्यालय से मुजफ्फरपुर शिक्षक मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर शिक्षक मामला छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार और शिकायत के बाद कार्रवाई में देरी से जुड़ा है। छात्राओं की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने विशिष्ट शिक्षक रतन लाल सहनी और विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती कुमारी को निलंबित कर दिया है। वहीं, छात्राओं के परिजनों की शिकायत पर शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

छात्राओं ने शिक्षक पर लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के अनुसार, लालू छपरा मध्य विद्यालय की कुछ छात्राओं ने विशिष्ट शिक्षक रतन लाल सहनी के खिलाफ शिकायत की थी।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक उनके साथ अनुचित व्यवहार करते थे और गलत तरीके से स्पर्श करते थे। शिकायत सामने आने के बाद मामला स्कूल स्तर से आगे बढ़कर शिक्षा विभाग और पुलिस तक पहुंचा।

मामला छात्राओं से जुड़ा होने के कारण अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। जिला प्रशासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने पूरे प्रकरण में कार्रवाई शुरू की।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल विभागीय स्तर पर शिक्षक को निलंबित किया गया है और पुलिस प्राथमिकी के आधार पर जांच कर रही है।

प्रधानाध्यापिका पर भी कार्रवाई क्यों हुई?

छात्राओं ने शिकायत स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती कुमारी से भी की थी। आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद मामले में समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

जिला प्रशासन के अनुसार, प्रधानाध्यापिका पर अपने कर्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का आरोप है। इसी आधार पर उन्हें भी निलंबित किया गया है।

जिलाधिकारी कुमार गौरव के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक और प्रधानाध्यापिका दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। दोनों के विरुद्ध अलग-अलग आरोप पत्र जारी किए जाने की बात कही गई है।

इसका मतलब यह है कि निलंबन के साथ विभागीय जांच भी आगे चलेगी और जांच के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों तथा दोनों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

जिलाधिकारी ने क्या कहा?

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि शिक्षक रतन लाल सहनी पर छात्राओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने के आरोप लगे हैं।

वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर शिकायत मिलने के बाद समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्राओं के साथ किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले में विभागीय कार्रवाई के साथ तथ्यों की जांच कराने की बात कही है।

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि दोनों के खिलाफ आरोप पत्र अलग से जारी किए जाएंगे। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत मामले की जांच होगी।

परिजनों ने थाने में दर्ज कराई FIR

शिक्षा विभाग की कार्रवाई के साथ मामला पुलिस तक भी पहुंच चुका है। छात्राओं के माता-पिता की शिकायत पर पारू थाना में शिक्षक रतन लाल सहनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

परिजनों ने पुलिस से आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग की है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, आरोपी शिक्षक की तलाश के लिए सरेया SDPO अभिजीत कौर के नेतृत्व में पुलिस टीम कार्रवाई कर रही है।

पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई है और वहां छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।

हालांकि, गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होने तक आरोपी को फरार या दोषी बताना उचित नहीं होगा। फिलहाल वह प्राथमिकी में नामजद आरोपी है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

यह मामला सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई की जरूरत को भी सामने लाता है।

स्कूल में किसी छात्र या छात्रा की ओर से अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर उसे गंभीरता से लेना जरूरी होता है। शिकायत को नजरअंदाज करने या दबाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देना और नियमानुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।

इस मामले में शिक्षा विभाग ने शिक्षक के साथ-साथ प्रधानाध्यापिका को भी निलंबित किया है। अब विभागीय जांच और पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है और संबंधित लोगों की भूमिका कितनी थी।

फिलहाल पुलिस शिक्षक की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, जबकि शिक्षा विभाग ने दोनों निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। आगे की स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1