किशनगंज में लड़की से बदसलूकी का पुराना वीडियो वायरल, एक गिरफ्तार
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के किशनगंज वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। किशनगंज वायरल वीडियो में एक युवती को कुछ युवकों से घिरा और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी करते देखा गया है। पुलिस की तकनीकी जांच में वीडियो को किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र स्थित तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया है। मामले में पांच आरोपियों की पहचान की गई है और पुलिस ने शहजाद नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो नया नहीं है। प्रारंभिक जांच में इसके करीब चार से पांच महीने पुराना होने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद किशनगंज के एसपी संतोष कुमार ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के लिए विशेष टीम गठित की।
किशनगंज पुलिस के अनुसार, करीब 52 सेकंड का वीडियो पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में 24 और 25 सितंबर की मध्यरात्रि के आसपास आया। वीडियो में कई युवक एक युवती और उसके साथ मौजूद युवक को घेरते दिखाई देते हैं।
पुलिस ने वीडियो की तकनीकी जांच कर घटनास्थल की पहचान की। जांच में यह स्थान दिघलबैंक थाना क्षेत्र का तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन बताया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके की जानकारी जुटाते हुए मामले से जुड़े लोगों की पहचान शुरू की।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में करीब आठ से नौ युवक दिखाई दे रहे हैं। इनमें से चार-पांच युवकों द्वारा युवती से कथित तौर पर पूछताछ और मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की भूमिका अलग-अलग हो सकती है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पांच आरोपियों की पहचान, एक गिरफ्तार
पुलिस जांच में पांच मुख्य आरोपियों की पहचान अफसर उर्फ हती, जुबेर खान, मिजान उर्फ सलमान, कामिल और शहजाद के रूप में की गई है।
पुलिस ने शुक्रवार रात दिघलबैंक थाना क्षेत्र से शहजाद को गिरफ्तार किया। बाकी चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस के अनुसार, बाकी आरोपी फिलहाल बिहार से बाहर होने की जानकारी मिली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अफसर के गुजरात, जुबेर के हरियाणा, मिजान उर्फ सलमान के कर्नाटक और कामिल के पंजाब में होने की जानकारी मिली है। पुलिस इन स्थानों पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
इस मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर पांच लोगों की पहचान की है, लेकिन जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
लड़की से पूछताछ और मारपीट का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती अपने एक परिचित से मिलने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची थी। वहां मौजूद कुछ युवकों ने दोनों को देखकर आपत्ति जताई और उनसे पूछताछ शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में युवती से उसकी धार्मिक पहचान और उसके साथ मौजूद युवक से संबंध को लेकर सवाल किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले में वीडियो की सामग्री और पीड़िता के बयान के आधार पर जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों में घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर किसी अतिरिक्त तथ्य को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस ने गठित की SIT, आरोपियों की तलाश जारी
किशनगंज पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। टीम का उद्देश्य वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करना, उनकी भूमिका की जांच करना और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद तकनीकी जांच के जरिए घटनास्थल की पुष्टि की गई। इसके बाद पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
एसआईटी अब उन चार आरोपियों की तलाश कर रही है जिनके बारे में पुलिस को बिहार से बाहर होने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने से बचने की अपील
ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को दोबारा शेयर करने से पीड़िता की निजता प्रभावित हो सकती है। खासकर महिला या नाबालिग से जुड़े संवेदनशील मामलों में पहचान उजागर करने वाली तस्वीर, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी प्रसारित करने से बचना जरूरी है।
किशनगंज मामले में भी पुलिस की जांच का मुख्य आधार वीडियो, तकनीकी सत्यापन और उपलब्ध साक्ष्य हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और पुलिस की आधिकारिक जांच के बीच अंतर को समझना जरूरी है।
फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और चार अन्य की तलाश जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और सभी की भूमिका क्या रही।
