समस्तीपुर : मिथुन की मौत पर भड़का गुस्सा, थाना के सामने टायर जलाकर सड़क जाम
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर के घटहो थाना क्षेत्र में मिथुन गिरि की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। मिथुन गिरि की मौत के बाद पुलिस द्वारा पूछताछ के पश्चात कामिनी देवी को छोड़ने की सूचना पर मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग घटहो थाना पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया।
आक्रोशित लोगों ने थाना के सामने टायर जलाकर आगजनी की और सड़क जाम कर दिया। इससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरातफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को समझाकर सड़क खाली कराने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।
झाड़ी में मिला था मिथुन का शव
मामला बुधवार की अहले सुबह सामने आया, जब शौच के लिए निकले कुछ ग्रामीणों ने ठाकुरबारी के पास बांध किनारे झाड़ी में एक युवक का शव पड़ा देखा।
सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान मुसापुर गांव निवासी मिथुन गिरि के रूप में हुई।
शव मिलने की खबर गांव में फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया और हत्या की आशंका जताई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शरीर पर सिगरेट से दागे जाने के निशान थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कामिनी देवी को छोड़ने पर बढ़ा आक्रोश
शव मिलने के बाद पुलिस ने अवधेश गिरि की पत्नी कामिनी देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
कामिनी को छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। लोग बड़ी संख्या में घटहो थाना पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताने लगे।
कुछ ही देर में थाना के सामने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क भी जाम कर दी। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर सड़क से हटाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भीड़ नहीं हटी तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। हालांकि, इस दौरान किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
वायरल वीडियो के बाद पिता-पुत्र में विवाद की चर्चा
मामले की पृष्ठभूमि में मंगलवार को वायरल हुए एक वीडियो का भी जिक्र सामने आया है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि वीडियो में मिथुन के पिता रामप्रवेश गिरि की ओर से अपने बेटे पर चोरी का आरोप लगाए जाने की बात थी।
इसी वीडियो को लेकर पिता और पुत्र के बीच विवाद होने तथा बाद में मारपीट तक मामला पहुंचने की चर्चा है। हालांकि, पुलिस ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
बताया जा रहा है कि विवाद के बाद मिथुन घर से निकल गया था। इसी दौरान अवधेश गिरि द्वारा उसे अपने घर बुलाकर ले जाने की बात सामने आई।
देर रात तक मिथुन वापस घर नहीं लौटा तो परिवार के लोग उसकी तलाश में निकल पड़े। परिजनों का आरोप है कि जब वे अवधेश के घर पहुंचे तो उन्हें वहां से कथित तौर पर भगा दिया गया।
पुलिस अब इन सभी घटनाओं को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मिथुन आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था और उसके साथ क्या हुआ।
धमकी और कथित संबंधों को लेकर भी जांच
मृतक के पिता की ओर से यह भी कहा गया है कि मंगलवार दिन में मिथुन और अवधेश के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
परिजनों के अनुसार, इस दौरान अवधेश की ओर से मिथुन को जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। दूसरी ओर, ग्रामीणों के बीच अवधेश द्वारा मिथुन पर अपनी पत्नी के साथ कथित अवैध संबंध का आरोप लगाने की चर्चा भी है।
हालांकि, इन आरोपों की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन्हें फिलहाल जांच के दौरान सामने आए दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य का सत्यापन किया जाएगा। जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेट में कीटनाशक मिलने से आत्महत्या की आशंका
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि पुलिस सूत्रों के अनुसार युवक के पेट में कीटनाशक पदार्थ मिलने की बात कही गई है।
इसी आधार पर पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है। हालांकि, दूसरी तरफ परिजन शव पर चोट के निशान होने का दावा कर रहे हैं।
यही वजह है कि फिलहाल मौत को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वायरल वीडियो, कथित मारपीट, धमकी और मिथुन के अंतिम समय के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
दोनों महिलाओं से पुलिस ने की पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने अवधेश की पत्नी कामिनी देवी से पूछताछ की थी। इसके अलावा मिथुन की पत्नी सोनम देवी से भी पुलिस ने जानकारी ली।
पूछताछ के बाद सोनम को भी पुलिस ने छोड़ दिया। वहीं, कामिनी को छोड़े जाने के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण थाना पहुंच गए।
पुलिस की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पूछताछ के बाद किसी व्यक्ति को छोड़ना जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। हिरासत या गिरफ्तारी का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के तथ्यों के आधार पर किया जाता है।
इसलिए किसी व्यक्ति को पूछताछ के बाद छोड़े जाने को अपने आप में निर्दोष या दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
15 दिन पहले राजकोट से घर आया था मिथुन
मिथुन राजकोट में मजदूरी करता था और करीब 15 दिन पहले ही अपने घर लौटा था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को उसे दोबारा राजकोट जाना था।
लेकिन मंगलवार को हुए विवाद के बाद वह घर वापस नहीं लौटा। उसी मंगलवार की शाम उसकी पत्नी सोनम देवी अपने मायके हरसिंगपुर चली गई थी।
मिथुन की मौत की जानकारी मिलने के बाद सोनम वापस घर लौटी। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
मिथुन के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा 11 वर्षीय पुत्र प्रियांशु कुमार, सात वर्षीय पुत्री रानी कुमारी और मां शोभा देवी हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा के अनुसार, मामले की जांच जारी है। लिखित आवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारण के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें आपसी विवाद, वायरल वीडियो, कथित धमकी, मारपीट और कथित संबंधों से जुड़े दावों को भी शामिल किया गया है।
मिथुन की मौत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसकी जान कीटनाशक पदार्थ के सेवन से गई या मौत से पहले उसके साथ कोई हिंसक घटना हुई। इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से मिलने की उम्मीद है।
थाना के सामने हुए हंगामे और सड़क जाम ने मामले की संवेदनशीलता और बढ़ा दी है। ऐसे में अब पुलिस के सामने न केवल मौत की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है, बल्कि जांच को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाने की भी जिम्मेदारी है।
