मंसूरचक में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम, 5 दिन तक चलेगा भव्य मेला
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ेंबेगूसराय। जिले के मंसूरचक में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला शुरू हो गया है। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला पांच दिवसीय आयोजन के रूप में शुरू हुआ। करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस मेले में 13 पूजा पंडाल बनाए गए हैं। पंडालों में भगवान श्रीकृष्ण के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और मेला क्षेत्र में जगह-जगह रोशनी की व्यवस्था की गई है। आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
पांच किलोमीटर के दायरे में फैला मेला
मंसूरचक का जन्मोत्सव मेला प्रखंड मुख्यालय से सटे नारायण चौक से शुरू होकर फाटक चौक, मेन बाजार और सिमरतल्ला चौक होते हुए समसा चौक तक फैला है।
करीब पांच किलोमीटर के इस पूरे इलाके में उत्सवी माहौल देखने को मिल रहा है। सड़क के दोनों ओर सजावट और पूजा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
इस बार मेले में कुल 13 पूजा पंडाल तैयार किए गए हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण और दूसरे देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पंडालों को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट के साथ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की गई है।
35 साल पुरानी है जन्मोत्सव की परंपरा
मंसूरचक में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने की परंपरा करीब 35 साल पुरानी बताई जाती है। समय के साथ यह आयोजन लगातार बड़ा होता गया और अब यह स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
जन्माष्टमी के अवसर पर यहां धार्मिक आयोजन के साथ मेला भी लोगों को अपनी ओर खींचता है। परिवार के साथ लोग पूजा पंडालों का भ्रमण करने और मेले का आनंद लेने पहुंचते हैं।
बेगूसराय के भगवानपुर और बछवाड़ा के अलावा समस्तीपुर जिले के रोसड़ा, हसनपुर, उजियारपुर, विभूतिपुर और दलसिंहसराय प्रखंडों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद रहती है।
दूसरे जिलों से भी पहुंचते हैं लोग
मंसूरचक का यह आयोजन सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। पड़ोसी प्रखंडों और समस्तीपुर जिले के कई इलाकों से भी लोग यहां पहुंचते हैं।
मेले के बढ़ते दायरे और लगातार बढ़ रही लोकप्रियता के कारण आयोजकों तथा प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती रहती है।
इसी को देखते हुए इस बार वाहनों की पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है ताकि मेला क्षेत्र में अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।
तीन जगहों पर बनाई गई पार्किंग
मेले में आने वाले वाहनों के लिए तीन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें सुजावलपीर चौक, हीरो एजेंसी के पास और पेठिया गाछी शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़ा करने की अपील की है। इससे मुख्य मेला क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी।
मेले में लोगों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात को सुचारु रखना पुलिस के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।
ट्रैफिक रूट में किया गया बदलाव
मेला क्षेत्र में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। मंसूरचक थानाध्यक्ष गोविंद कुमार पांडेय ने रूट डायवर्जन को लेकर जानकारी दी है।
भगवानपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को सुजावलपीर चौक से दशरथपुर होते हुए दलसिंहसराय की ओर भेजा जाएगा। वहीं, दलसिंहसराय की तरफ से आने वाले वाहनों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचने से पहले ही दशरथपुर से दूसरी दिशा में मोड़ दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मेला क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाए रखना है।
बाजार में भी बढ़ी चहल-पहल
जन्माष्टमी के आयोजन का असर मंसूरचक के बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। त्योहार को लेकर मिठाई की दुकानों से लेकर किराना बाजार तक लोगों की आवाजाही बढ़ गई है।
गुरुवार को शगुन स्वीट्स और गंगाराम स्वीट्स पर लोगों को मिठाई और प्रसाद खरीदते देखा गया। जन्माष्टमी के मौके पर घरों में बनने वाले पकवानों के लिए भी लोग जरूरी सामान खरीद रहे हैं।
किराना दुकानों पर मैदा, बेसन, चीनी, रिफाइंड और खाने के तेल समेत कई सामानों की मांग बढ़ी है। त्योहार की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय बाजार में भी रौनक दिखाई दे रही है।
धार्मिक आयोजन के साथ कारोबार को भी मिला बढ़ावा
बड़े मेले और धार्मिक आयोजनों का असर स्थानीय कारोबार पर भी दिखाई देता है। पूजा सामग्री, मिठाई, किराना और दूसरे छोटे कारोबार से जुड़े दुकानदारों को त्योहार के दौरान अतिरिक्त ग्राहकों की उम्मीद रहती है।
मंसूरचक में पांच दिनों तक चलने वाले जन्मोत्सव मेले से भी स्थानीय बाजार में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। आसपास के इलाकों से आने वाले लोगों के कारण दुकानों और छोटे व्यापारियों की बिक्री में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं और मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं के लिए खास बन रहा आयोजन
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ शुरू हुआ मंसूरचक का पांच दिवसीय जन्मोत्सव मेला अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में उत्सव का माहौल बनाए रखेगा।
13 पूजा पंडाल, आकर्षक सजावट, रोशनी, बाजार की बढ़ी रौनक और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के कारण मेले में भीड़ बढ़ने की संभावना है।
35 साल पुरानी परंपरा के कारण यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामुदायिक उत्सव का भी हिस्सा बन चुका है। प्रशासन और आयोजकों की तैयारियों के बीच अब लोगों की नजर मेले के अगले दिनों के कार्यक्रम और भीड़ पर रहेगी।
