जमुई घटना पर ललन सिंह का बड़ा बयान, बोले- बिहार में कानून-व्यवस्था दुरुस्त
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बिहार के जमुई में किशोर और लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जमुई घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बिहार की कानून-व्यवस्था का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है और किसी एक जमुई घटना के आधार पर पूरे बिहार की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। ललन सिंह ने यह भी कहा कि यदि कोई आपराधिक घटना होती है तो पुलिस उस पर कार्रवाई करती है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
जमुई मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी
जमुई जिले में सड़क किनारे एक किशोर और लड़की के साथ कथित तौर पर बदसलूकी के मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो या सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। 22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
ललन सिंह ने कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
कोलकाता के पास न्यू टाउन में एक समीक्षा बैठक से इतर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था दुरुस्त है और घटना होने पर पुलिस उचित कार्रवाई सुनिश्चित करती है। ललन सिंह ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था का आकलन किसी एक घटना के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक किसी राज्य में अपराध की एक घटना को पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था का पैमाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर भी प्रतिक्रिया दी। ललन सिंह ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में अपने सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल से भी सवाल करना चाहिए।
राहुल गांधी ने जमुई घटना पर क्या कहा?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जमुई की घटना पर सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने घटना को बेहद परेशान करने वाला बताते हुए इसे संस्कृति के बजाय पितृसत्ता से जोड़कर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद जमुई की घटना को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई। विपक्षी नेताओं की ओर से घटना पर सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की जा रही है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है और जांच पूरी होने के बाद घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाया जाएगा।
ललन सिंह ने RJD के शासनकाल का भी किया जिक्र
ललन सिंह ने अपने बयान में राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व शासनकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि आरजेडी के 15 साल के शासन के दौरान महिलाएं सूर्यास्त के बाद घर से बाहर निकलने में डरती थीं। यह दावा राजनीतिक बहस का हिस्सा है और इस पर विपक्ष की अपनी अलग प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसे में बयान को ललन सिंह के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मौजूदा विवाद का केंद्र हालांकि जमुई की घटना और उस पर पुलिस की कार्रवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ जांच आगे बढ़ाई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस जांच में आगे क्या होगा?
जमुई मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक घटना के संबंध में सात से आठ युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस घटना स्थल पर पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एक अहम पहलू सोशल मीडिया पर वीडियो का प्रसार भी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को साझा न करें।