बिहार पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट, परिसीमन के बाद ही होगा चुनाव
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बिहार में Bihar Panchayat Chunav को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा अपडेट दिया है। Bihar Panchayat Chunav अब पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-5’ के मुखिया संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायतों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण के बाद ही अगली चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
परिसीमन के बाद ही होगा अगला पंचायत चुनाव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला पंचायत चुनाव परिसीमन पूरा होने के बाद ही कराया जाएगा। परिसीमन का उद्देश्य पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं और आबादी का नए सिरे से निर्धारण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे पंचायतों के पुनर्गठन में जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखने की बात सामने आई है। इस घोषणा के बाद पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे जनप्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों के लिए परिसीमन प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान में अगला पंचायत चुनाव किस महीने या किस तारीख को होगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
अगले साल नगर निकायों का भी होगा परिसीमन
सम्राट चौधरी ने पंचायतों के साथ नगर निकायों की सीमाओं को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नगर निकायों में भी परिसीमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का कहना है कि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण जरूरी है। इसके जरिए ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों की सीमाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंचायतों को स्थानीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए कहा कि ग्रामीण विकास में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों की समस्याओं और विकास के लिए ठोस सुझाव देने की अपील भी की।
पंचायतों में बनेगा इंजीनियरिंग सेल
ग्राम संसद कार्यक्रम में पंचायतों के विकास कार्यों को तकनीकी सहायता देने की योजना भी सामने रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा। इस सेल के जरिए पंचायतों में चलने वाली विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता मिलने की बात कही गई है। इससे सड़क, भवन और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों की योजना और क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के लिए भी सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ग्राम संसद के माध्यम से ठोस प्रस्ताव सामने आने चाहिए।
हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर जोर
सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। इसके तहत हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव, रंगाई-पुताई तथा आधारभूत सुविधाओं में सुधार जैसे काम शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति बेहतर करना है। जनसमस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविरों की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित अवधि में निपटारा करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
हर महीने होगी ग्राम सभा की बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था शुरू की गई है। यानी साल में कम से कम 12 बार ग्राम सभा के माध्यम से गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और निर्णय किए जा सकेंगे। पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के साथ उनके रखरखाव पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों में सड़क, जल, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से काम करने का आग्रह किया।
2037 तक विकसित बिहार का लक्ष्य
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2037 तक बिहार को समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर तक राज्य को विकास के नए स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा और रोजगार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने बिहार में अधिक से अधिक निजी विश्वविद्यालय खोलने की दिशा में काम करने की बात कही, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ऐसी परिस्थितियां बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बिहार के लोगों को रोजगार के लिए मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
क्या है पंचायत चुनाव को लेकर नया अपडेट?
- अगला बिहार पंचायत चुनाव परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
- करीब 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम होगा।
- अगले वर्ष नगर निकायों के परिसीमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
- पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा।
- हर माह ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान से चुनाव की तारीख या मतदान कार्यक्रम स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए पंचायत चुनाव की अंतिम समय-सारणी के लिए परिसीमन प्रक्रिया और आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।