कौन हैं हरीश द्विवेदी? बिहार BJP की कमान मिलते ही बढ़ी चर्चा
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बिहार बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव के बाद हरीश द्विवेदी को पार्टी का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और अगस्त 2026 में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे। अब बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें बिहार की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता को सह प्रभारी बनाया गया है।
बीजेपी ने यह बदलाव केवल बिहार तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। बिहार में हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके राजनीतिक सफर और संगठनात्मक अनुभव की चर्चा तेज हो गई है।
कौन हैं हरीश द्विवेदी?
हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से आते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपना संगठनात्मक सफर शुरू किया और बाद में बीजेपी में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
वह 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बस्ती सीट से बीजेपी के टिकट पर निर्वाचित हुए और लगातार दो कार्यकाल तक लोकसभा सांसद रहे। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका जारी रखी।
अगस्त 2026 में बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी। इससे पहले वह पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं और असम के प्रभारी के तौर पर भी संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
हरीश द्विवेदी का राजनीतिक सफर छात्र संगठन से शुरू हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह 1991 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े।
इसके बाद 1993 से 1995 तक उन्होंने बस्ती के जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। 1994 से 1996 के बीच वह बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश सह मंत्री रहे।
संगठन में आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2006 से 2010 तक प्रदेश उपाध्यक्ष और 2010 से 2013 तक बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभाई। 2012 में उन्होंने बस्ती सदर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद 2014 में उन्हें बस्ती लोकसभा सीट से बीजेपी का टिकट मिला और वह पहली बार संसद पहुंचे। 2019 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की।
संसद में भी संभाली कई जिम्मेदारियां
सांसद रहने के दौरान हरीश द्विवेदी कई संसदीय समितियों से जुड़े रहे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति सहित अलग-अलग संसदीय समितियों में काम किया।
वह सूचना प्रौद्योगिकी और वित्त संबंधी स्थायी समितियों के सदस्य भी रहे। इसके अलावा मंत्रालयों की सलाहकार समितियों में भी उनकी भूमिका रही।
2024 के लोकसभा चुनाव में बस्ती सीट से हार के बाद उनकी सक्रियता संगठनात्मक राजनीति की ओर और बढ़ी। इसके बाद उन्हें असम का प्रभारी बनाया गया और अगस्त 2026 में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी मिली।
अब बिहार की जिम्मेदारी, साथ में दो सह प्रभारी
बीजेपी की नई सूची के मुताबिक हरीश द्विवेदी बिहार के प्रभारी होंगे। उनके साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इससे पहले बिहार का प्रभार विनोद तावड़े के पास था। नई नियुक्ति के साथ बिहार बीजेपी की केंद्रीय संगठनात्मक टीम में बदलाव हुआ है।
वहीं, बिहार से जुड़े संगठनात्मक फेरबदल में देवेश कुमार को अरुणाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी ने देशभर के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं।
बिहार में हरीश द्विवेदी के सामने क्या चुनौतियां होंगी?
नई जिम्मेदारी के साथ हरीश द्विवेदी के सामने बिहार बीजेपी के संगठन को समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। अलग-अलग नेताओं और संगठनात्मक स्तरों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना प्रभारी की महत्वपूर्ण भूमिकाओं में शामिल होता है।
बिहार बीजेपी की आंतरिक राजनीति और नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर समय-समय पर मीडिया रिपोर्टें सामने आती रही हैं। हालांकि किसी विशेष नेता के नाम पर गुटबाजी का दावा पार्टी की आधिकारिक स्थिति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
हरीश द्विवेदी के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को मजबूत करना होगी। बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और पार्टी के कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किसी भी राज्य प्रभारी के संगठनात्मक काम का अहम हिस्सा रहता है।
संगठनात्मक अनुभव पर टिकी नजर
हरीश द्विवेदी को बिहार की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियों का विस्तार कर रही है। उनके पास छात्र संगठन से लेकर युवा मोर्चा, सांसद और राष्ट्रीय संगठन तक काम करने का अनुभव है।
असम के प्रभारी के तौर पर काम करने के बाद अब बिहार जैसे बड़े राजनीतिक राज्य का प्रभार उनके संगठनात्मक अनुभव की एक नई परीक्षा होगी। हालांकि नई जिम्मेदारी के परिणामों का आकलन भविष्य के संगठनात्मक फैसलों और गतिविधियों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
संक्षेप में: हरीश द्विवेदी की पहचान उत्तर प्रदेश के बस्ती से दो बार के पूर्व सांसद, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके नेता के रूप में है। अब नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें बिहार का प्रभारी बनाया गया है।
