दलीप ट्रॉफी 2026: ईशान किशन के तूफान से ईस्ट जोन बना चैंपियन

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 दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 साल का इंतजार खत्म कर दिया। दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन टीम ने साउथ जोन को पूरी तरह दबाव में रखा और ट्रॉफी अपने नाम की। चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस जीत के साथ ईस्ट जोन ने टूर्नामेंट के इतिहास में अपना तीसरा खिताब दर्ज किया। टीम ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 में दलीप ट्रॉफी जीती थी।

ईशान किशन ने खेली 270 रन की यादगार पारी

फाइनल में टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के कप्तान ईशान किशन ने इस फैसले को सही साबित करते हुए शानदार दोहरा शतक जड़ा। ईशान ने 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। कप्तान की इस पारी ने ईस्ट जोन को पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की। ईशान के अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 रन की शतकीय पारी खेली। शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने 45, वैभव सूर्यवंशी ने 44 और कुनैन कुरैशी ने 40 रन का योगदान दिया। साउथ जोन की ओर से त्रिपुराना विजय सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट हासिल किए। चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को दो-दो विकेट मिले।

336 रन पर सिमटी साउथ जोन की पहली पारी

708 रन के विशाल स्कोर का जवाब देने उतरी साउथ जोन की टीम अपनी पहली पारी में 336 रन ही बना सकी। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 372 रन की बड़ी बढ़त मिली। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन बनाए, लेकिन वह शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। देवदत्त पडिक्कल ने 62 और चामा मिलिंद ने 43 रन का योगदान दिया। नारायण जगदीशन ने 32 रन बनाए, जबकि शेख रशीद ने 27 रन जोड़े। स्मरण रविचंद्रन ने 23 और श्रेयस गोपाल ने 26 रन बनाए। ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार ने तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। मोहम्मद शमी, कुनैन कुरैशी और शिखर मोहन को दो-दो विकेट मिले।

दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन का दबदबा

पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी साउथ जोन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन के बल्ले से केवल 3 रन आए। इसके बाद शिखर मोहन ने 52 रन की उपयोगी पारी खेलकर पारी को संभाला। कप्तान ईशान किशन ने एक बार फिर बल्ले से अपना प्रभाव दिखाया। उन्होंने 98 गेंदों पर 80 रन बनाए। कुमार कुशाग्र ने 46 रन जोड़े। इसके बाद कुनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली। अनुकूल रॉय ने भी 64 रन बनाए। मजबूत स्थिति में पहुंचने के बाद ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और साउथ जोन के सामने बड़ा लक्ष्य रखा।

फाइनल में ईशान किशन का बल्ले से बड़ा असर

ईशान किशन के लिए यह फाइनल व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास रहा। कप्तान ने मैच की दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की। पहली पारी में उनके बल्ले से 270 रन निकले, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 80 रन बनाए। यानी फाइनल में ईशान ने कुल 350 रन बनाए। कप्तान की इस शानदार बल्लेबाजी ने ईस्ट जोन को शुरुआत से ही मजबूत स्थिति में रखा। बड़े स्कोर के बाद टीम के गेंदबाजों ने भी साउथ जोन पर लगातार दबाव बनाए रखा। ईशान की कप्तानी में टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया। यही वजह रही कि ईस्ट जोन लंबे इंतजार के बाद ट्रॉफी जीतने में सफल रहा।

13 साल बाद ईस्ट जोन की ट्रॉफी में वापसी

ईस्ट जोन के लिए 2026 का खिताब ऐतिहासिक रहा। टीम ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 में लगातार दो बार दलीप ट्रॉफी पर कब्जा किया था। इसके बाद टीम को फिर से चैंपियन बनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 2026 में ईशान किशन की कप्तानी में मिली जीत ने इस इंतजार को खत्म कर दिया। इस खिताब के साथ ईस्ट जोन के नाम अब दलीप ट्रॉफी के कुल तीन खिताब हो गए हैं। टीम की इस उपलब्धि में ईशान किशन की 350 रन की बल्लेबाजी सबसे प्रमुख आकर्षण रही। फाइनल का नतीजा यह भी दिखाता है कि ईस्ट जोन ने बड़े मुकाबले में दबाव को बेहतर तरीके से संभाला। पहले विशाल स्कोर और फिर गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने टीम को खिताब तक पहुंचाया।

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