छात्र नेता दिलीप कुमार ने साफ किया पत्ता, दरभंगा से निर्दलीय लड़ेंगे MLC चुनाव
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बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव से पहले दिलीप कुमार के नाम को लेकर बनी कंफ्यूजन अब दूर हो गई है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने साफ कर दिया है कि वह दरभंगा स्नातक सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर MLC चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना है कि राजद ने पटना स्नातक सीट से जिस दिलीप कुमार को टिकट दिया है, वह अलग व्यक्ति हैं।
विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव की तैयारियां तेज हैं। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। दरभंगा स्नातक सीट पर इस बार कई प्रमुख दावेदारों के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।
पटना वाले दिलीप और दरभंगा वाले दिलीप अलग
राजद की ओर से पटना स्नातक सीट के लिए दिलीप कुमार नाम के उम्मीदवार की घोषणा के बाद नाम को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने अब खुद स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि राजद के उम्मीदवार और वह अलग-अलग व्यक्ति हैं। वह राजद के टिकट पर पटना से नहीं, बल्कि दरभंगा स्नातक सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि दरभंगा से उनकी चुनावी तैयारी जारी है और वह किसी राजनीतिक दल के टिकट पर मैदान में नहीं उतर रहे हैं।
कौन हैं छात्र नेता दिलीप कुमार?
दरभंगा स्नातक सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले दिलीप कुमार बिहार के छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं।
साल 2024 में बीपीएससी से जुड़े आंदोलन के दौरान उन्हें व्यापक पहचान मिली। पटना में अभ्यर्थियों के साथ कई धरना-प्रदर्शनों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहे हैं। इसी दौरान कई प्रदर्शनों में पुलिस कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा।
बीपीएससी TRE-4 की अधिसूचना में देरी समेत कई मुद्दों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में हुए आंदोलनों में भी उनकी सक्रियता दिखाई दी।
मई 2026 में प्रदर्शन के दौरान उनकी गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई थी। बाद में विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत का दौर चला।
विधानसभा चुनाव में मिली थी हार
एमएलसी चुनाव से पहले दिलीप कुमार विधानसभा चुनाव में भी अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा चुके हैं।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने दरभंगा जिले की बहादुरपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
उन्हें कुल 1,778 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई थी। विधानसभा चुनाव के नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इसके बाद उन्होंने विधान परिषद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी।
दिसंबर 2025 में ही उन्होंने 2026 में होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर अपनी इच्छा जाहिर की थी। उनका तर्क है कि वह युवाओं और अभ्यर्थियों के मुद्दे सड़क पर उठाते रहे हैं और चुनाव जीतने के बाद इन्हीं मुद्दों को सदन के भीतर मजबूती से उठाना चाहते हैं।
दरभंगा स्नातक सीट पर बन रहा त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला
दरभंगा स्नातक सीट इस बार बिहार की चर्चित विधान परिषद सीटों में शामिल हो सकती है। यहां वर्तमान में निर्दलीय सर्वेश कुमार एमएलसी हैं।
सर्वेश कुमार ने 2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीता था। राजनीतिक रूप से उन्हें एनडीए के करीब माना जाता है। इस बार उनके भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने की संभावना की चर्चा है।
दूसरी ओर, राजद ने इस सीट से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में राजद का संगठनात्मक आधार और महागठबंधन की रणनीति उनके लिए महत्वपूर्ण होगी।
वहीं छात्र नेता दिलीप कुमार के निर्दलीय मैदान में उतरने से मुकाबले में युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को भी जगह मिलने की संभावना है।
इसके अलावा जन सुराज पार्टी की ओर से भी उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना है। यदि सभी प्रमुख दावेदार मैदान में आते हैं तो मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है।
किन जिलों के वोटर चुनेंगे दरभंगा का MLC?
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में केवल दरभंगा जिले के मतदाता ही मतदान नहीं करते। इस सीट में कई जिलों के स्नातक मतदाता शामिल होते हैं।
दरभंगा स्नातक सीट के लिए इन जिलों के योग्य मतदाता मतदान करेंगे:
- दरभंगा
- मधुबनी
- समस्तीपुर
- बेगूसराय
विधान परिषद की स्नातक सीटों के लिए सामान्य विधानसभा चुनाव जैसी मतदाता सूची इस्तेमाल नहीं होती। इसके लिए अलग से मतदाता सूची तैयार की जाती है और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले स्नातक मतदाता इसमें शामिल होते हैं।
यही वजह है कि ऐसे चुनावों में उम्मीदवारों के लिए क्षेत्रवार संपर्क, मतदाता सूची और स्थानीय संगठन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आठ विधान परिषद सीटों पर जल्द चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होने वाला है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं।
इन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। विभिन्न दल अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में उतर सकते हैं।
दरभंगा स्नातक सीट पर पहले ही कई संभावित दावेदार सामने आ चुके हैं। ऐसे में चुनाव की आधिकारिक तारीख, नामांकन प्रक्रिया और अंतिम उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
युवाओं के मुद्दों पर चुनाव लड़ने का दावा
दिलीप कुमार की राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के आंदोलनों से बनी है। ऐसे में उनके चुनाव अभियान का फोकस रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर रह सकता है।
हालांकि, चुनाव में उनकी सफलता कई कारकों पर निर्भर करेगी। स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी पहुंच, संगठनात्मक क्षमता, अन्य उम्मीदवारों की स्थिति और मतदान का रुझान नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पटना स्नातक सीट के राजद उम्मीदवार दिलीप कुमार और दरभंगा से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले छात्र नेता दिलीप कुमार एक व्यक्ति नहीं हैं।
नाम की इस कंफ्यूजन के दूर होने के बाद अब नजर दरभंगा स्नातक सीट के अंतिम चुनावी मुकाबले पर है। आने वाले दिनों में अन्य दलों और संभावित उम्मीदवारों के फैसले से यहां की सियासी तस्वीर और साफ हो सकती है।
