पटना से दिल्ली तक कांग्रेस का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपटना से दिल्ली तक शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया, जिसमें SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई।
पटना में प्रदर्शन, वाटर कैनन से रोके गए कार्यकर्ता
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 25 सितंबर को पटना में चुनाव आयोग के फैसलों के विरोध में आक्रोश मार्च का आह्वान किया था। कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं को आर ब्लॉक क्षेत्र में जुटने की अपील की गई थी।
शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
पटना में बैरिकेडिंग के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई की जानकारी स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है।
दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर बढ़ी सुरक्षा
दिल्ली में भी कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस का मार्च रायसीना रोड से जंतर-मंतर की ओर प्रस्तावित था।
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया था।
दिल्ली कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाले पोस्टर भी लगाए गए। इनमें चुनाव आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाए गए।
देश के कई राज्यों में एक साथ प्रदर्शन
कांग्रेस का यह विरोध केवल पटना और दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार को जम्मू, चंडीगढ़, कोलकाता, लखनऊ, देहरादून, गुवाहाटी और इंफाल समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए।
चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। असम के गुवाहाटी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
मणिपुर के इंफाल में भी चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ। रिपोर्टों के अनुसार वहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस की मुख्य मांग क्या है?
कांग्रेस का मुख्य विरोध SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर है। पार्टी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई फैसलों पर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी इन मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर की अपनी राज्य इकाइयों और जिला कांग्रेस कमेटियों को चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया था।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कांग्रेस की ओर से लगाए गए ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
चुनाव आयोग का क्या कहना है?
विवाद के बीच चुनाव आयोग की ओर से भी सफाई सामने आई है। आयोग से जुड़े अधिकारियों ने उस रिपोर्ट की व्याख्या पर सवाल उठाया है जिसमें CEC और दो अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच लगातार मतभेद की बात कही गई थी।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि SIR समेत उसके फैसले आयोग की प्रक्रिया के तहत लिए गए और अलग-अलग सदस्यों की राय को संस्थागत निर्णय से अलग समझना चाहिए।
इस बीच SIR को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं, जबकि आयोग अपनी प्रक्रिया और फैसलों का बचाव कर रहा है।
आगे क्या होगा?
25 सितंबर के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद और बढ़ गया है। कांग्रेस की ओर से आगे भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।
वहीं 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
फिलहाल पूरे विवाद का केंद्र SIR, मतदाता सूची की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली बनी हुई है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाली जानकारी इस मामले की दिशा तय करेगी।
