छपरा के स्कूल में छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, शिक्षक पर भड़के ग्रामीण
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👉 WhatsApp से जुड़ेंछपरा के एक कन्या विद्यालय में शिक्षक पर छेड़खानी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिक्षक पर छेड़खानी के आरोप के बाद स्कूल परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और जमकर हंगामा हुआ। मामला मांझी प्रखंड स्थित उत्क्रमित कन्या विद्यालय का बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।
आरोपों के सामने आने के बाद कई छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं। शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में शिकायतों को गंभीर माना गया है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
छात्राओं के आरोप के बाद स्कूल में मचा हंगामा
मांझी प्रखंड के उत्क्रमित कन्या विद्यालय में शिक्षक मनोज कुमार महतो पर छात्राओं के साथ कथित तौर पर अश्लील व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
मामले की जानकारी जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग विद्यालय परिसर में पहुंच गए। ग्रामीणों में घटना को लेकर नाराजगी देखी गई और स्कूल में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार, आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक के साथ मारपीट भी की। स्थिति बिगड़ने पर मुखिया प्रतिनिधि सतेन्द्र उपाध्याय ने बीच-बचाव किया और शिक्षक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इसके बाद शिक्षक को विद्यालय परिसर में रखा गया और शिक्षा विभाग तथा पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
छात्राओं ने अधिकारी के सामने बताई अपनी बात
मामले की सूचना मिलने के बाद प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विभा रानी विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं और स्कूल से जुड़े लोगों से बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश की।
इस दौरान कुछ छात्राओं ने अधिकारी के सामने शिक्षक के कथित व्यवहार को लेकर अपनी शिकायतें बताईं। शिक्षा विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है।
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने बताया कि छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं और प्रारंभिक स्तर पर शिकायतों को सही पाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षक पर पहले भी कुछ छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत के आरोप सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन पुराने आरोपों की भी आधिकारिक जांच और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया
शिक्षा विभाग की टीम के पहुंचने के बाद पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ विद्यालय पहुंचे।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक मनोज कुमार महतो को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस छात्राओं, स्कूल से जुड़े लोगों और घटना की जानकारी रखने वाले अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज कर सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की न्यायिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले में जांच पूरी होने तक सभी पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही देखा जाएगा।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिला। मुखिया प्रतिनिधि सतेन्द्र उपाध्याय ने शिक्षक पर लगे आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल छात्राओं के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए। ऐसे में शिक्षकों के खिलाफ इस तरह की शिकायत सामने आने पर मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हंगामे के कारण विद्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और पुलिस तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते रहे।
शिक्षा विभाग भी कर रहा मामले की जांच
इस मामले में पुलिस जांच के साथ शिक्षा विभाग की ओर से भी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। विभाग यह जानने की कोशिश करेगा कि छात्राओं की शिकायतों की वास्तविक स्थिति क्या है और शिक्षक के खिलाफ पहले कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं।
स्कूल में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा सकती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
ऐसे मामलों में छात्राओं के बयान और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के सभी पहलुओं को देखना जरूरी है।
पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ और जांच की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या थी और आरोपों के पीछे क्या तथ्य हैं।
शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में शिकायतों को गंभीर बताया गया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
छपरा के इस मामले ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर पुलिस और शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर है।
