बिहार में पुल निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, अचानक गिरा लॉन्चर

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बिहार के वैशाली जिले में निर्माणाधीन पुल पर काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। वैशाली के लालगंज में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय पुल निर्माण का काम चल रहा था और वहां कई कर्मचारी मौजूद थे। लॉन्चर गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में आठ कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां छह का इलाज किया गया, जबकि दो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया।

निर्माणाधीन पुल पर अचानक गिरा लॉन्चर

यह हादसा वैशाली जिले के लालगंज क्षेत्र में हुआ। यहां भारतमाला परियोजना के तहत एनएचएआई के एनएच-139 डब्ल्यू फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को निर्माणाधीन पुल पर कर्मचारी अपने काम में जुटे थे। इसी दौरान पुल निर्माण में इस्तेमाल होने वाला लॉन्चर अचानक नीचे गिर गया।

लॉन्चर के गिरते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। कुछ ही देर में राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया।

हादसे में आठ मजदूर घायल

घटना में कुल आठ कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद घायलों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में छह घायल कर्मचारियों का उपचार किया गया। वहीं, दो कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया।

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम को लेकर भी लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य में मदद की।

गंभीर घायलों को किया गया रेफर

हादसे में घायल सभी कर्मचारियों को शुरुआती उपचार उपलब्ध कराया गया। छह लोगों का लालगंज रेफरल अस्पताल में इलाज किया गया।

दो घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेजने का निर्णय लिया। फिलहाल घायलों की विस्तृत स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम

हादसे की सूचना मिलते ही लालगंज पुलिस और जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली।

प्रशासन की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि लॉन्चर आखिर किस वजह से नीचे गिरा। निर्माण स्थल पर इस्तेमाल हो रहे उपकरणों की स्थिति और काम के दौरान अपनाई जा रही प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

तकनीकी खराबी या निर्माण में चूक? जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लॉन्चर गिरने के पीछे तकनीकी खराबी थी या निर्माण कार्य के दौरान किसी स्तर पर चूक हुई।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण स्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

किसी उपकरण की तकनीकी खराबी, उसे इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में गलती या निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है। हालांकि, आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को हादसे की वजह मानना जल्दबाजी होगी।

भारतमाला परियोजना के तहत चल रहा है निर्माण

जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, वह भारतमाला परियोजना से जुड़ा हुआ है। एनएचएआई के एनएच-139 डब्ल्यू फोरलेन मार्ग के निर्माण का काम क्षेत्र में चल रहा है।

फोरलेन और पुल निर्माण जैसी बड़ी परियोजनाओं में भारी मशीनरी और निर्माण उपकरणों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लालगंज की घटना के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ गई है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि काम के दौरान कर्मचारियों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय उपलब्ध थे या नहीं।

लापरवाही मिली तो हो सकती है कार्रवाई

प्रशासनिक जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, अभी जांच शुरुआती चरण में है। इसलिए यह कहना संभव नहीं है कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं। खासकर भारी उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और मशीनों की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच पर जोर दिया जा रहा है।

हादसे ने फिर उठाया निर्माण स्थलों की सुरक्षा का सवाल

लालगंज में हुआ यह हादसा निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने लाता है। बड़े पुल और सड़क प्रोजेक्ट में भारी मशीनरी के कारण जोखिम बना रहता है।

ऐसे में उपकरणों की तकनीकी जांच, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण और निर्धारित मानकों का पालन हादसों की संभावना कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। आठ घायल कर्मचारियों में दो को गंभीर स्थिति के कारण रेफर किया गया है। हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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